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Gorakhpur News: चार वर्षीय स्नातक- बीएड पाठ्यक्रम के लिए डीडीयू ने किया आवेदन
Fri, 17 May 2024 04:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 17 May 2024 04:52 AM IST
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फोटो
- मान्यता मिलते ही शुरू होगी विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम के संचालन की प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने चार वर्षीय स्नातक-बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने पाठ्यक्रम की मान्यता लेने के लिए शिक्षा शास्त्र विभाग के शिक्षकोंं की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को एनसीटीई (राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद) की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया।
कुलपति ने बताया कि इस पाठ्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को स्नातक व बीएड दोनों साथ-साथ करने का मौका मिलेगा। बीए-बीएड पाठ्यक्रम एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम के नाम से जाना जाएगा। इससे विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा के बाद ही शिक्षण कार्य को व्यवसाय के रूप में चुनने में आसानी होगी। इंटरमीडिएट के बाद ही उनके लिए शिक्षण के क्षेत्र में रोजगार के विकल्प मिलने लगेंगे।
कुलपति ने बताया कि चार साल के इस पाठ्यक्रम मेंं कला स्नातक, विज्ञान स्नातक व वाणिज्य स्नातक के लिए अलग-अलग पाठ्यक्रम होंगे। इसके लिए स्नातक कला के विद्यार्थियों के लिए बीए-बीएड, स्नातक विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए बीएससी-बीएड और स्नातक वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए बीकाॅम-बीएड पाठ्यक्रम का संचालन होगा।
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इस पाठ्यक्रम को विश्वविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनाने का कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में विद्यार्थियों का शिक्षक-शिक्षा के प्रति विशेष आकर्षण है। मान्यता मिलते ही पाठ्यक्रम का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। आवेदन करने के दौरान शिक्षाशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. सरिता पांडेय, प्रो. सुषमा पांडेय और प्रो. राजर्षि गौड़ आदि मौजूद रहे।
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- मान्यता मिलते ही शुरू होगी विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम के संचालन की प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने चार वर्षीय स्नातक-बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने पाठ्यक्रम की मान्यता लेने के लिए शिक्षा शास्त्र विभाग के शिक्षकोंं की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को एनसीटीई (राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद) की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया।
कुलपति ने बताया कि इस पाठ्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को स्नातक व बीएड दोनों साथ-साथ करने का मौका मिलेगा। बीए-बीएड पाठ्यक्रम एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम के नाम से जाना जाएगा। इससे विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा के बाद ही शिक्षण कार्य को व्यवसाय के रूप में चुनने में आसानी होगी। इंटरमीडिएट के बाद ही उनके लिए शिक्षण के क्षेत्र में रोजगार के विकल्प मिलने लगेंगे।
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कुलपति ने बताया कि चार साल के इस पाठ्यक्रम मेंं कला स्नातक, विज्ञान स्नातक व वाणिज्य स्नातक के लिए अलग-अलग पाठ्यक्रम होंगे। इसके लिए स्नातक कला के विद्यार्थियों के लिए बीए-बीएड, स्नातक विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए बीएससी-बीएड और स्नातक वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए बीकाॅम-बीएड पाठ्यक्रम का संचालन होगा।
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इस पाठ्यक्रम को विश्वविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनाने का कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में विद्यार्थियों का शिक्षक-शिक्षा के प्रति विशेष आकर्षण है। मान्यता मिलते ही पाठ्यक्रम का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। आवेदन करने के दौरान शिक्षाशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. सरिता पांडेय, प्रो. सुषमा पांडेय और प्रो. राजर्षि गौड़ आदि मौजूद रहे।