Gorakhpur News: गोरखपुर में बेटियों को मिला साथ, टीबी को दी मात
डॉ. गणेश के अनुसार, टीबी मरीजों को गोद लेने वाले लोग निक्षय पोर्टल पर निक्षय मित्र नाम से पंजीकृत किए जाते हैं। उन्हें मरीज को एक किलो मूंगफली, एक किलो भुना चना, एक किलो गुड़, एक किलो सत्तू, एक किलो तिल या गजक और एक किलो कोई अन्य पौष्टिक सामग्री आदि देना है। टीबी मरीज का मनोबल बढ़ाना है और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में मदद प्रदान करना है।
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टीबी (क्षय रोग) का इलाज दवा के साथ सही पोषण और भावनात्मक सहयोग मिलने पर और आसान हो जाता है। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. गणेश प्रसाद के अनुसार इसके तमाम उदाहरण हैं।
डॉ. गणेश ने बताया कि अप्रैल 2022 में उन्होंने टीबी ग्रसित दो बेटियों को गोद लिया। पोषक सामग्री देने के साथ ही दवा के नियमित सेवन के लिए प्रेरित किया। नतीजा यह रहा कि किशोरियां छह माह में ही ठीक हो गईं और अब सामान्य जीवन जी रही हैं।
टीबी को मात देने वाली किशोरी की मां के अनुसार, उसे रात में बुखार चढ़ जाता था। कई निजी अस्पतालों के चक्कर लगाए, जिसमें काफी रुपये खर्च हो गए। आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि ब्लॉक से टीबी की निशुल्क दवा और पोषण के लिए 500 रुपये प्रति माह की दर से मदद मिलेगी। इसी दौरान डॉ. गणेश ने किशोरी को गोद ले लिया। पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ ही वह मॉनिटरिंग करते रहे। किशोरी अब एकदम स्वस्थ्य हैं।
डॉ. गणेश के अनुसार, जनवरी 2022 से 15 नवंबर 2022 तक जिले में 1,535 टीबी रोगियों को गोद लेकर मदद पहुंचाई गई। इनमें से 484 रोगी 18 वर्ष से कम आयु के थे। इनमें 695 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
निक्षय मित्र के रूप में पंजीकृत होकर दे सकते हैं सहयोग
डॉ. गणेश के अनुसार, टीबी मरीजों को गोद लेने वाले लोग निक्षय पोर्टल पर निक्षय मित्र नाम से पंजीकृत किए जाते हैं। उन्हें मरीज को एक किलो मूंगफली, एक किलो भुना चना, एक किलो गुड़, एक किलो सत्तू, एक किलो तिल या गजक और एक किलो कोई अन्य पौष्टिक सामग्री आदि देना है। टीबी मरीज का मनोबल बढ़ाना है और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में मदद प्रदान करना है।
इस नंबर पर करें संपर्क
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के पब्लिक प्राइवेट मिक्स (पीपीएम) समन्वयक अभय नारायण मिश्र ने बताया कि जो व्यक्ति, सामाजिक संस्थाएं और अधिकारी किसी टीबी मरीज को गोद लेना चाहते हैं वे उनके मोबाइल नंबर 8299807923 पर संपर्क कर सकते हैं।