डेढ़ महीने बाद खुले सभी स्कूल: रोते-भुनभुनाते बच्चे बोले- मम्मा...आज रहने दीजिए, कल से चले जाएंगे
पिलर्स स्कूल में कक्षा दो में पढ़ने वाले अपने भाई अक्षय को स्कूटी से लेकर बेतियाहाता की सीमा सिंह पहुंची थीं। अक्षय पहले तो हंसते हुए आया। जैसे ही स्कूल देखा तो दीदी से लिपट गया। इसके बाद बोला, दीदी प्लीज हमें घर जाना है।
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रात में बच्चे किसी तरह से सोए तो अलसुबह ही उन्हें जगा दिया गया। मम्मियों ने कहा-उठ जाइए..स्कूल नहीं जाएंगे क्या...। कुछ बच्चे अलकसाए तो कुछ रोए-भुनभुनाए भी। मम्मियों ने किसी तरह दुलारा और बहलाकर पापा के साथ स्कूल भेजा। रास्ते भर कुछ बच्चे रोते नजर आए। पापा-मम्मी से रिरिया रहे थे- आज स्कूल मत भेजिए..कल से जाएंगे।
बीमारी का बहाना तो कोई होमवर्क न पूरा होने का कहकर स्कूल के बाहर से ही लौटना चाहता था, मगर मम्मी-पापा स्कूल के गेट के अंदर तक छोड़कर ही माने। हां, लौटते वक्त सभी बच्चे मुस्कुराते-खिलखिलाते और माता-पिता से उछलकर साथियों के किस्से बतियाते दिखाई दिए।
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तकरीबन डेढ़ महीने की गर्मी की छुट्टी के बाद सोमवार को शहर के सभी स्कूल खुल गए। मम्मी-पापा के साथ स्कूल पहुंचे मासूमों के चेहरों पर अलग-अलग भाव देखना को मिला। कुछ बच्चे तो बड़े ही उत्साह के साथ आए तो कुछ रुआंसे बाइक पर बैठे थे। जब उन्हें पापा ने बाइक से उतारा तो उनसे चिपक गए।
वहीं, कुछ मासूम रास्ते भर तो उत्साह के साथ आए और जैसे ही स्कूल नजर आया चेहरे की हवाइयां गुम हो गई। स्कूल के अंदर जाने को तैयार ही नहीं थे। उन्हें समझाकर और छुट्टी के समय चाकलेट- टॉपी खरीदने का लालच देकर किसी तरह स्कूल परिसर में ले गए।
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कक्षा एक से आठ तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों सोमवार को खुले तो चहल पहल बढ़ गई। हालांकि, कुछ निजी स्कूल 26 जून से ही खुल गए थे लेकिन वे गिनती के थे। सरकारी स्कूलों में बच्चों का तिलक लगाकर अभिनंदन किया गया। हालांकि, छोटे-छोटे बच्चे यहां भी बेमन से आए थे। वहीं, एचपी चिल्ड्रेन स्कूल में अंश को लेकर उनकी मम्मी पहुंची थीं।
जैसे ही अंश को गेट के अंदर लेकर जाने लगीं, वह रोने लगा। सुबकते हुए बोला-मम्मी आज रहने दो ना, कल से आएंगे..। पापा के साथ आया रमन तो बाइक से उतरने को ही तैयार नहीं था। पीछे बैठीं उनकी मम्मी ने गोद में उठा लिए तो चिल्लाने लगा। प्लीज..आज रहने दो।
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मुझे घर जाना है दीदी
पिलर्स स्कूल में कक्षा दो में पढ़ने वाले अपने भाई अक्षय को स्कूटी से लेकर बेतियाहाता की सीमा सिंह पहुंची थीं। अक्षय पहले तो हंसते हुए आया। जैसे ही स्कूल देखा तो दीदी से लिपट गया। इसके बाद बोला, दीदी प्लीज हमें घर जाना है। जब दीदी ने समझाया तो कहा कि होमवर्क पूरा नहीं है। मिस डांटेंगी। दीदी ने कहा कि हम मिस से बात कर लेंगे। आप परेशान न हो, जाओ। जब कोई बहाना काम नहीं आया तो सुबकने लगा। किसी तरह से स्कूल में गया।