फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Crowd in buses of passengers returning home on festivals

यात्रियों को झेलनी पड़ रहीं दुश्वारियां: ट्रेनों में जैसे-तैसे धक्के खाकर आए...बस में और बुरा हाल

Sat, 11 Nov 2023 01:59 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 11 Nov 2023 01:59 PM IST
सार

दिल्ली और पंजाब में रहकर मजदूरी करने वाले लोग को निजी बसों में भी सीट नहीं मिल रही है। लोग बस चालकों के केबिन में बैठकर यात्रा करने को मजबूर हो रहे हैं। केबिन में बैठने के लिए भी उन्हें दो से ढाई हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।

विज्ञापन
Crowd in buses of passengers returning home on festivals
रेलवे बस स्टेशन पर गोद बच्चा लेकर बस के इंतजार परेशान महिला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कश्मीर से ट्रेन से जैसे-तैसे यहां पहुंचा हूं। बिहार के बेतिया जाना है। दो घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन अबतक नहीं मिल सकी है। यात्रा के कारण दो रातों से सो नहीं पाया हूं। अगर और देर हुई तो आज की भी रात खराब हो जाएगी। दो साल बाद दिवाली और छठ पूजा पर घर जा रहा हूं। ऐसे में घर पर सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

विज्ञापन


यह कहना था बिहार के बेतिया के पवन कुमार का, जो कश्मीर में रहकर मजदूरी का काम करते हैं। इस बार दिवाली व छठ पूजा के लिए वह घर जा रहे थे। दो दिनों का सफर कर वह किसी तरह गोरखपुर पहुंचे। यहां आने के बाद वह बिहार जाने वाले पुराने बस अड्डे पर पहुंचे तो यहां पता चला कि अब बिहार की बसें यहां से नहीं चलती हैं। 200 रुपये में उन्होंने ई-रिक्शा रिजर्व किया और सुबह 10 बजे नंदानगर स्थित नए बस स्टैंड पर पहुंचे। यहां भी दो घंटे से इंतजार कर रहे थे, लेकिन बेतिया की बस नहीं मिली।
विज्ञापन


दोपहर 12.15 बजे एक बस बेतिया की आई, लेकिन जब तक वह बस तक पहुंचते, सीटें फुल हो गईं। इसके बाद वह किसी तरह बस में चढ़ें, लेकिन उन्हें सीट नहीं मिली।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में अनियंत्रित बोलेरो पलटी, एक की मौत; एक घायल
विज्ञापन
विज्ञापन

यह हाल सिर्फ पवन का नहीं है। बिहार जाने के लिए दिल्ली, मुंबई, कश्मीर सहित अन्य जगहों से आने वाले सभी यात्रियों का यही हाल है। शुक्रवार की दोपहर बड़ी संख्या में लोग नंदानगर में बिहार जाने के लिए बसों का घंटों इंतजार करते हुए नजर आए। इस बीच बस स्टैंड पर पानी और शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग जिम्मेदारों को इस अव्यवस्था के लिए कोसते दिखाई दिए।

ढाई हजार में बस के केबिन में बैठकर आने को मजबूर हो रहे हैं यात्री

दिल्ली और पंजाब में रहकर मजदूरी करने वाले लोग को निजी बसों में भी सीट नहीं मिल रही है। लोग बस चालकों के केबिन में बैठकर यात्रा करने को मजबूर हो रहे हैं। केबिन में बैठने के लिए भी उन्हें दो से ढाई हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: रेलवे टिकट कंफर्म नहीं हुआ तो दिल्ली से टैक्सी बुक कर घर आ गए चार दोस्त

नौसड़ चौराहे से करीब 500 मीटर आगे स्थित पेट्रोल पंप से दिल्ली, पंजाब सहित अन्य जगहों के लिए निजी बसें संचालित होती हैं। शुक्रवार की दोपहर करीब ढाई बजे इस पेट्रोल पंप पर पंजाब के चंडीगढ़ से एक लग्जरी स्लीपर बस पहुंची। इस बस से जब सवारियां उतरीं तो उनके चेहरे पर यात्रा की थकान साफ देखने को मिली।

बांसगांव के रहने वाले दीपक, परिवार के पांच लोगों के साथ इस बस से नीचे उतरे। उन्होंने बताया कि आम दिनों में वह 1200 से 1500 रुपये में दिल्ली से यहां आ जाते थे, लेकिन इस बार तो हद ही हो गई। ढाई हजार रुपये प्रति सवारी देने पर बस के चालक के केबिन में बैठकर आना पड़ा है। बस केवल नाम मात्र की स्लीपर थी। स्लीपर सीट पर भी यात्री बैठकर आए हैं। इसके लिए उन्हें तीन से चार हजार रुपये तक खर्च करने पड़े हैं। इस बार दिवाली पर घर आने से पूरा बजट बिगड़ गया है, अब वापस जाने के लिए पैसों का इंतजाम करना पड़ेगा।

इसे भी पढ़ें: नरक चतुर्दशी आज, मनाई जाएगी छोटी दिवाली

लोकल रूटों की बसें फुल, नहीं मिल रही जगह

दिल्ली से सुबह 11 बजे ही आ गया था, लेकिन अब दोपहर के एक बज गए हैं, लेकिन अबतक पडरौना की बस नहीं मिल सकी है। जानकारी मिली है कि नंदानगर से पडरौना की निजी बस चल रही है, अब वहीं जाकर निजी बस पकड़कर घर जाऊंगा।

यह कहना था दिल्ली से आकर रेलवे बस स्टेशन पर पडरौना के लिए बस का इंतजार करने वाले राकेश का, जो दो घंटे तक बस का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें पडरौना की बस नहीं मिल सकी। जिसके बाद उन्होंने निजी बस के लिए नंदानगर का रूख कर लिया।

इसे भी पढ़ें: तत्काल टिकट में खेल: बिना बिचौलियों के सफर भूल जाइए, काउंटर पांच मिनट में हो जा रहा फुल
 

दिवाली और छठ मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग घरों को आ रहे है। यात्री अपने घरों तक ठीक से पहुंच सकें, इसके लिए परिवहन निगम ने बसों के इंतजाम किए है। लेकिन, रोडवेज के ये इंतजाम सिर्फ कागजों पर ही दिखाई दे रहे हैं। धनतेरस के दिन ही रेलवे बस स्टेशन पर अव्यवस्था की भरमार दिखी। खासतौर पर लोकल रूटों की बसों के लिए यात्री भटकते हुए दिखाई दिए।

इसे भी पढ़ें: दिवाली पर 153 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात देंगे सीएम, वनटांगिया संग मनाएंगे त्यौहार

कई यात्री ऐसे दिखे जो तीन घंटों से बस के लिए परेशान थे, लेकिन उन्हें बस नहीं मिल रही थी। शुक्रवार को सबसे ज्याद दिक्कत पडरौना, तमकुहीराज और देवरिया रूट पर देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर दिल्ली और लखनऊ रूट की बसें यात्री नहीं होने के अभाव में खाली दिखाई दिए।

एआरएम-गोरखपुर डिपो महेश चंद्र ने कहा कि यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। जिन रूटों पर अधिक यात्री हैं, उन पर बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। लोकल रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed