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Gorakhpur News: बारिश से फसलों को मामूली नुकसान, नहीं मिलेगा मुआवजा
Mon, 28 Sep 2026 03:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Mon, 28 Sep 2026 03:03 AM IST
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गोरखपुर। भारी बारिश के बाद हुए फसल नुकसान के आकलन में किसानों को सरकार से कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। जिले में फसलों को मात्र पांच से नौ फीसदी का नुकसान पाया गया है। संयुक्त कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी और फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधि ने तीन ब्लॉकों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण सरदारनगर, ब्रह्मपुर और पिपराइच ब्लॉक में किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने खेतों में जाकर फसलों की स्थिति का जायजा लिया। आकलन के बाद यह निष्कर्ष निकला कि नुकसान की मात्रा बहुत कम है। जिला कृषि अधिकारी राजमंगल चौधरी ने बताया कि केवल अगेती फसलों की बालियों को थोड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि बाकी फसलों को इस बारिश से काफी फायदा पहुंचा है। इस मामूली नुकसान के कारण सरकार की तरफ से कोई फसल मुआवजा नहीं दिया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नुकसान की सीमा सरकारी मुआवजा देने के मानदंडों को पूरा नहीं करती।
फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर दें
जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देनी होगी। यह सूचना 14447 नंबर पर दर्ज कराई जा सकती है। हालांकि, अब तक इस हेल्पलाइन पर कोई सूचना दर्ज नहीं हुई है। फसल बीमा के प्रबंधक ने बताया कि रजिस्ट्रेशन कराने पर सूचना दिल्ली में दर्ज होगी। सोमवार को यह स्पष्ट हो पाएगा कि कितने किसानों ने अपनी फसल के नुकसान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
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नुकसान का आकलन और सरकारी नीति
संयुक्त कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी ने मिलकर यह आकलन किया है। उनके निरीक्षण में यह बात सामने आई कि जिले में फसल क्षति का फीसदी बहुत कम है। पांच से नौ फीसदी के नुकसान को सरकारी मुआवजा देने के लिए पर्याप्त नहीं माना गया है। सरकार की नीति के अनुसार, बड़े पैमाने पर नुकसान होने पर ही मुआवजा दिया जाता है। इस बारिश को कुल मिलाकर फसलों के लिए लाभकारी बताया गया है।
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निरीक्षण सरदारनगर, ब्रह्मपुर और पिपराइच ब्लॉक में किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने खेतों में जाकर फसलों की स्थिति का जायजा लिया। आकलन के बाद यह निष्कर्ष निकला कि नुकसान की मात्रा बहुत कम है। जिला कृषि अधिकारी राजमंगल चौधरी ने बताया कि केवल अगेती फसलों की बालियों को थोड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि बाकी फसलों को इस बारिश से काफी फायदा पहुंचा है। इस मामूली नुकसान के कारण सरकार की तरफ से कोई फसल मुआवजा नहीं दिया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नुकसान की सीमा सरकारी मुआवजा देने के मानदंडों को पूरा नहीं करती।
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फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर दें
जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देनी होगी। यह सूचना 14447 नंबर पर दर्ज कराई जा सकती है। हालांकि, अब तक इस हेल्पलाइन पर कोई सूचना दर्ज नहीं हुई है। फसल बीमा के प्रबंधक ने बताया कि रजिस्ट्रेशन कराने पर सूचना दिल्ली में दर्ज होगी। सोमवार को यह स्पष्ट हो पाएगा कि कितने किसानों ने अपनी फसल के नुकसान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
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नुकसान का आकलन और सरकारी नीति
संयुक्त कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी ने मिलकर यह आकलन किया है। उनके निरीक्षण में यह बात सामने आई कि जिले में फसल क्षति का फीसदी बहुत कम है। पांच से नौ फीसदी के नुकसान को सरकारी मुआवजा देने के लिए पर्याप्त नहीं माना गया है। सरकार की नीति के अनुसार, बड़े पैमाने पर नुकसान होने पर ही मुआवजा दिया जाता है। इस बारिश को कुल मिलाकर फसलों के लिए लाभकारी बताया गया है।