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गोरखपुर में कम उम्र के बदमाश बने चुनौती, पुलिस ऐसे तैयार कर रही है दबोचने का खाका
Thu, 16 Jul 2020 02:47 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 16 Jul 2020 02:47 PM IST
सार
- तीन साल में करीब सात सौ बदमाशों के नाम आए हैं सामने
- लूट, छिनैती, मारपीट की वारदात को अंजाम दे कानून-व्यवस्था को कर रहे ध्वस्त
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प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
गोरखपुर में कम उम्र के बदमाश भी पुलिस के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। हाल के दिनों में लूट, चोरी, छिनैती में कई कम उम्र के लोगों के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने इनकी सूची तैयार कराई है। तीन साल में करीब सात सौ बदमाश सामने आए हैं जो इस तरह के अपराध में लिप्त हैं। अब इन बदमाशों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी गई है। इनकी मानीटरिंग के लिए पुलिस अधिकारी प्लान तैयार कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन लोगों पर लगाम कसकर क्राइम कंट्रोल किया जा सकता है।
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पुलिस के मुताबिक, जिन नए लड़कों पर पुलिस की नजर है, उनमें ज्यादातर 14 साल से लेकर 25 साल के बीच हैं। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जो लगातार बेव सीरीज देखते रहे हैं। उनके आइडल पेशेवर अपराधी हैं। ऐसे युवकों के बारे में गोपनीय जानकारी जुटाई जा रही है।
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झंगहा क्षेत्र में दावत के बहाने बुलाकर दो युवकों को गोली मारे जाने की घटना के बाद व्हाट्सएप ग्रुप पर शातिरों के सक्रियता की बात सामने आई थी। इसलिए उन युवकों को भी पुलिस चिह्नित कर रही है जिनका नाम पहले किसी मामले में सामने आ चुका है।
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जेल में है या फिर बाहर, जांचेंगी पुलिस
कम उम्र के बदमाशों द्वारा लूटपाट के कई मामले सामने आए हैं। इनमें शाहपुर में रिटायर कर्मचारी से नकदी लूट का प्रकरण भी शामिल है। इसके अलावा कई अन्य मामलों की जांच चल रही है। हर छोटी-मोटी घटना पर पुलिस की नजर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन घटनाओं में शामिल बदमाशों की तलाश की जा रही है।
इसके अलावा पुलिस हाल के दिनों में जेल से पेरोल पर रिहा होने वाले बदमाशों की निगरानी भी कर रही है। तीन बदमाशों की कोई लोकेशन पुलिस को नहीं मिल रही है। साथ-साथ ही तीन-चार महीनों के भीतर घटित हुए मामलों में गिरफ्तारी से बचे बदमाशों को लेकर मंथन चल रहा है।
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इन पर पुलिस की नजर
- दिनभर शहर में बाइक लेकर घूमने वाले मोहल्ले के युवकों पर पुलिस की नजर रहेगी।
- पूर्व में किसी मामले में पकड़े गए कम उम्र के लड़कों की डिटेल पुलिस जुटा रही है।
- जेल से छूटकर घर आए चोरी, लूट और छिनैती के आरोपियों की निगरानी चल रही है।
- पूर्व में किसी गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर से जुड़े हुए बदमाशों की पहचान की जिम्मेदारी थानेदारों को दी गई है।
- मोहल्ले में मारपीट और रंगबाजी करने वाले युवक, उनके फ्रेंड लिस्ट से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
- व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर दादागिरी वाली हरकतें करने वाले युवक, उनके संपर्क में आए युवकों की प्रोफाइल पुलिस खंगाल रही है।
यह करेगी पुलिस
- जिनके खिलाफ पूर्व में आपराधिक मामले दर्ज हैं, उनकी लगातार मानीटरिंग की जाएगी।
- पूर्व में चोरी, लूट, छिनैती और अन्य मामलों में जेल जा चुके किशोरों, युवकों के परिजनों से बात करेंगे।
- उनके संबंध में पूरी जानकारी जुटाई जाएगी, मसलन उनका कहां आना-जाना है। किसके साथ जुड़ाव है आदि।
- ऐसे लोगों के सोर्स ऑफ इनकम, फैमिली बैक ग्राउंड और अन्य तरह की जानकारी भी कांस्टेबल अपडेट करेंगे।
- छोटी- मोटी घटनाओं में कब और कितनी बार नाम आया है, लेकिन परिजनों ने माफी मांगकर छुड़ा लिया था। इसका ब्योरा भी तैयार किया जाएगा।
एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा कि तीन साल में करीब सात सौ मनबढ़, शातिर और बदमाश सामने आए हैं। इनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है तो कुछ पहली बार ही पकड़े गए। सभी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सब पर कार्रवाई की जाएगी।
- पूर्व में किसी मामले में पकड़े गए कम उम्र के लड़कों की डिटेल पुलिस जुटा रही है।
- जेल से छूटकर घर आए चोरी, लूट और छिनैती के आरोपियों की निगरानी चल रही है।
- पूर्व में किसी गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर से जुड़े हुए बदमाशों की पहचान की जिम्मेदारी थानेदारों को दी गई है।
- मोहल्ले में मारपीट और रंगबाजी करने वाले युवक, उनके फ्रेंड लिस्ट से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
- व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर दादागिरी वाली हरकतें करने वाले युवक, उनके संपर्क में आए युवकों की प्रोफाइल पुलिस खंगाल रही है।
यह करेगी पुलिस
- जिनके खिलाफ पूर्व में आपराधिक मामले दर्ज हैं, उनकी लगातार मानीटरिंग की जाएगी।
- पूर्व में चोरी, लूट, छिनैती और अन्य मामलों में जेल जा चुके किशोरों, युवकों के परिजनों से बात करेंगे।
- उनके संबंध में पूरी जानकारी जुटाई जाएगी, मसलन उनका कहां आना-जाना है। किसके साथ जुड़ाव है आदि।
- ऐसे लोगों के सोर्स ऑफ इनकम, फैमिली बैक ग्राउंड और अन्य तरह की जानकारी भी कांस्टेबल अपडेट करेंगे।
- छोटी- मोटी घटनाओं में कब और कितनी बार नाम आया है, लेकिन परिजनों ने माफी मांगकर छुड़ा लिया था। इसका ब्योरा भी तैयार किया जाएगा।
एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा कि तीन साल में करीब सात सौ मनबढ़, शातिर और बदमाश सामने आए हैं। इनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है तो कुछ पहली बार ही पकड़े गए। सभी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सब पर कार्रवाई की जाएगी।