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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Uttar Pradesh State Child Rights Protection Commission sent letter to Kushinagar SP in molestation case

मासूम से दुष्कर्म मामले का बाल संरक्षण आयोग ने लिया संज्ञान, पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने का निर्देश

Wed, 03 Feb 2021 02:18 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 03 Feb 2021 02:18 PM IST
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Uttar Pradesh State Child Rights Protection Commission sent letter to Kushinagar SP in molestation case
प्रतीकात्मक तस्वीर।(इनसेट में घटनास्थल पर मौजूद लोग) - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने कुशीनगर एसपी को दुष्कर्म पीड़िता मासूम और उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। आयोग के अध्यक्ष प्रवेश गुप्ता ने कुशीनगर एसपी को भेजे पत्र में निर्देश दिया है कि सुरक्षा के साथ-साथ प्रभावी कार्रवाई भी की जाए।
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दूसरी ओर, खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने न्यायाधीश/जिला सेवा विधिक प्राधिकरण के गोरखपुर मंडल के अध्यक्ष को पत्र भेजकर पहले इलाज, उसके बाद मेडिकोलीगल की कार्रवाई कराने की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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बाल आयोग के अध्यक्ष प्रवेश गुप्ता ने एसपी कुशीनगर को पत्र लिखा है कि मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद पुलिस की ओर से होने वाली कार्रवाई में घोर लापरवाही बरती गई है। पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से मासूम के इलाज में बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भी लापरवाही बरती गई। इस बीच आयोग को जानकारी मिली है कि पीड़ित परिवार पर दबाव बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। यह बेहद खेदजनक है।
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आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है। ऐसी स्थिति में मासूम और उसके परिवार को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाय। बता दें कि एक दिन पहले ही आयोग ने कुशीनगर डीएम को पत्र भेजकर पांच बिंदुओं पर जवाब मांगा था। आयोग ने मामले को खुद भी संज्ञान में लेते हुए डीजीपी और मुख्य सचिव को भी पत्राचार किया है।

पहले इलाज, फिर हो मेडिकोलीगल : विधायक

विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे रखा है कि ऐसे मामलों में पहले इलाज किया जाए, उसके बाद मेडिकोलीगल जैसी कार्रवाई शुरू हो। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को प्रभावी तरीके से लागू कराने के संबंध में न्यायाधीश/जिला सेवा प्राधिकरण के गोरखपुर मंडल के अध्यक्ष को पत्र भेजा गया है।

पत्र के माध्यम से कोर्ट के आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की गई है, जिससे की भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके अलावा बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई, मामले को स्वत: संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
 
यह था मामला
कुशीनगर की सात वर्षीय मासूम के साथ एक युवक ने दुष्कर्म किया। गंभीर हालत में पीड़िता को बीआरडी मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां मेडिकोलीगल केस में पुलिस की मौजूदगी जरूरी बताते हुए उसे छह घंटे तक भर्ती नहीं किया गया। बाद में भाजपा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी के हस्तक्षेप के बाद उसे इलाज मिल सका। 
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