गोरखपुर: मनीष गुप्ता हत्याकांड के दो और हत्यारोपी पुलिसकर्मी गिरफ्तार, आत्मसमर्पण करने जा रहे थे कोर्ट
बता दें कि रविवार की देर शाम आरोपी इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह और दारोगा अक्षय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कांड के दो और आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं।
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गोरखपुर के होटल कृष्णा पैलेस में कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत मामले में हत्यारोपी दरोगा राहुल दुबे और सिपाही प्रशांत कुमार को मंगलवार की दोपहर गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के कोर्ट में हाजिर होने के फिराक में गोरखपुर आए थे। पुलिस ने आजाद चौक इलाके से दोनों को गिरफ्तार कर एसआईटी कानपुर के सुपुर्द कर दिया है। दोनों पर कानपुर पुलिस की ओर से एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया था। एसआईटी देर शाम तक दोनों से पूछताछ कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, कारोबारी गुप्ता की हत्या में नामजद आरोपी राहुल दुबे और सिपाही प्रशांत कोर्ट में हाजिर होने के लिए गोरखपुर आए थे। इसकी भनक गोरखपुर पुलिस को लग गई थी। लिहाजा, एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने घेराबंदी कराई और अलग-अलग टीमें लगा दीं।
इसी बीच कैंट इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी दरोगा और सिपाही आजाद चौक चौकी के पास मौजूद है। दोनों वाहन पकड़कर कचहरी जाने के फिराक में थे। सूचना मिलने के साथ ही कैंट इंस्पेक्टर सुधीर सिंह, रामगढ़ताल इंस्पेक्टर सुशील कुमार शुक्ला व फलमंडी चौकी इंचार्ज शेष कुमार शुक्ला पहुंच गए और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।
उन्हें सीधे रामगढ़ताल थाने ले जाया गया। साथ ही गिरफ्तारी की सूचना कानपुर एसआईटी के प्रभारी व एसीपी आनंद प्रकाश तिवारी को दी गई। सूचना पर एसआईटी रामगढ़ताल थाने पहुंच गई थी और दोपहर 2:30 बजे से देर शाम तक पूछताछ जारी थी। गिरफ्तार राहुल दुबे मिर्जापुर के कोतवाली देहात के मिश्र पचेर गांव का रहने वाला है, जबकि प्रशांत कुमार गाजीपुर के सैदपुर थानाक्षेत्र के भटौला गांव का रहने वाला है।
दो आरोपी अभी फरार
बताया जा रहा है कि दोनों हत्यारोपी कोर्ट में आत्मसमर्पण करने जा रहे थे। एसआईटी और पुलिस बीते 15 दिनों से लगातार छापेमारी कर रही है। अभी भी विजय यादव और मुख्य आरक्षी कमलेश यादव पुलिस की पकड़ से दूर हैं। बता दें कि इन सभी आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। रविवार की देर शाम आरोपी इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह और दारोगा अक्षय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कांड के चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है, जबकि दो अभी भी फरार चल रहे हैं।
ये है पूरा मामला
कानपुर के बर्रा निवासी कारोबारी मनीष गुप्ता 27 सितंबर की सुबह आठ बजे गोरखपुर अपने दो दोस्तों हरवीर व प्रदीप के साथ घूमने आए थे। तीनों तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस के कमरा नंबर 512 में ठहरे थे। 27 सितंबर की रात ही रामगढ़ताल थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, फलमंडी चौकी प्रभारी रहे अक्षय मिश्रा सहित छह पुलिस वाले आधी रात के बाद होटल में चेकिंग को पहुंच गए थे। कमरे की तलाशी लेने पर मनीष ने आपत्ति जताई तो पुलिसकर्मियों से उनका विवाद हो गया।
आरोप है कि पुलिस वालों ने उनकी पिटाई कर दी थी जिससे उनकी मौत हो गई थी। शुरुआत में पुलिस की ओर से नशे में गिरने से मौत बताया था मगर बाद में हत्या का केस दर्ज किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीष के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले। मनीष की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया, तब जाकर परिवार के लोग शव लेकर कानपुर रवाना हुए थे।