फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   teenage sexual assault conceiving and killing newborn in Peppeganj

नवजात की हत्या: FIR के बाद भी कार्रवाई नहीं कर पा रही पुलिस, चर्चा का विषय बनी है नाबालिक मां

Tue, 18 Feb 2020 11:25 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 18 Feb 2020 11:25 AM IST
विज्ञापन
teenage sexual assault conceiving and killing newborn in Peppeganj
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

पीपीगंज में 14 साल की किशोरी से दुष्कर्म, गर्भधारण और जन्मते ही नवजात की हत्या के मामले में एफआईआर के बाद हरकत में आई पुलिस एकबार फिर बैकफुट पर आ गई है। विवेचना को आगे बढ़ाने के लिए अब पुलिस विधिक सलाह लेने की बात कह रही है। नवजात की हत्या की विवेचना में विधिक सलाह की जरूरत क्या आन पड़ी, यह सवाल किसी के समझ में नहीं आ रहा।

विज्ञापन


खबर है कि पुलिस ने गोपनीय तरीके से पिता से बातचीत कर लड़की को घर बुलाने का दबाव बनाया है। इस पूरे प्रकरण में पुलिस की हीलाहवाली की वजह क्या है, अब तो यह भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। चर्चा है कि प्रभावशाली ठेकेदार की थाना पुलिस में सेटिंग है और उसके ही दबाव में पुलिस कार्रवाई से बच रही है। ठेकेदार के कई माननीय से अच्छे ताल्लुकात हैं, इस वजह से भी पुलिस उसके खिलाफ जाने से बचती है।
विज्ञापन


11 फरवरी को कैंपियरगंज पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया था। उसी दिन से गांव से वह किशोरी गायब है, जिसने नवजात को जन्मा था। पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा सकी है कि आखिर वह लड़की है तो कहां? उसके साथ अगर कोई अनहोनी होती है तो पुलिस सीधे तौर पर जिम्मेदार होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने जांच का आदेश दिया तो पुलिस थोड़ी सक्रिय जरूर हुई। शनिवार को पीपीगंज और कैंपियरगंज पुलिस ने गांव में जाकर किशोरी के बारे में जानकारी जुटाई थी। उधर, कैंपियरगंज पुलिस ने किशोरी के पिता से संपर्क कर बयान के लिए उन्हें सोमवार को थाने में बुलाया था।

‘गांव में पुलिस आए तो समूह में ग्रामीण देंगे बयान’


कैंपियरगंज एसओ निर्भय नारायण ने बताया कि विवेचना जारी है। किसी से सीधे पूछताछ कर पाना संभव नहीं है। विधिक सलाह मांगी गई है। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर डॉक्टर से भी बातचीत की जाएगी, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कई लोगों ने अमर उजाला से संपर्क कर घटना के संबंध में बताया। उन्होंने कहा कि किसी प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ कोई बयान देने आगे आएगा तो उसके साथ कुछ भी हो सकता है। गांव में आज तक पुलिस पूछताछ के लिए नहीं आई। पुलिस आए तो समूह में लोग बयान देने को तैयार हैं। पुलिस इस मामले में खुद ही लीपापोती करना चाहती है।

यह है मामला
पीपीगंज थानेदार की तहरीर पर बीते चार फरवरी को केस दर्ज किया गया था। इस मामले में थानेदार ही वादी हैं, इस वजह से विवेचना छह फरवरी को कैंपियरगंज पुलिस के हवाले की गई थी। कैंपियरगंज पुलिस ने गांव वालों का बयान लिया, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए चुपचाप बैठ गई। इसी बीच नाबालिग मां गांव से लापता हो गई।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed