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यूपी: बलिया में बवाल न करता तो नहीं खुलती फर्जी सिपाही की पोल, भाई के प्रमाणपत्र पर कर रहा था नौकरी
Thu, 28 Oct 2021 05:25 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 28 Oct 2021 05:25 PM IST
सार
हर्रैया थाने से छुट्टी लेकर पंचायत चुनाव में हिस्सा लेने पहुंचा था रोहित, भाई के प्रमाणपत्र पर नौकरी करने की बवाल के बाद खुली पोल, बुधवार को गोरखपुर के फर्टिलाइजर से पकड़ा गया था बलिया का निवासी रोहित।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
अपने बड़े भाई का शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर पुलिस विभाग में आरक्षी पद पर नौकरी करने वाला अगर पंचायत चुनाव में गांव जाकर बवाल न किया होता तो उसकी पोल नहीं खुलती। अपने गांव बलिया के रसड़ा पहुंच गया था और वहां चुनावी विवाद में अवैध असलहे से पड़ोसी पर फायर झोंक बैठा। इसके बाद उसकी कहानी खराब होने लगी और आखिरकार जिस महकमे की वर्दी पहनकर रौब गांठता रहा, उसी के हाथों गिरफ्तार होकर जेल भेजा गया।
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कोतवाली पुलिस ने बुधवार को उसे केंद्रीय विद्यालय फर्टिलाइजर गोरखपुर से गिरफ्तार किया। इस संबंध में धनन्जय सिंह कुशवाहा क्षेत्राधिकारी रुधौली ने जांच के बाद तहरीर देकर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया गया कि बलिया जिले के रसड़ा थाने के संवरा गांव निवासी रोहित कुमार सिंह अपने सगे भाई राहुल कुमार सिंह के अभिलेखों पर पुलिस विभाग में 2018 में भर्ती होकर राहुल कुमार सिंह के नाम पर नौकरी कर रहा था।
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जांच से पाया गया कि रोहित कुमार सिंह ने बड़े भाई के हाई स्कूल व इण्टरमीडिएट का प्रमाण पत्र लगाकर राहुल कुमार सिंह के नाम पर पुलिस विभाग में नौकरी कर रहा था। हर्रैया थाने में तैनाती के दौरान पंचायत चुनाव में राहुल सिंह उर्फ रोहित अवकाश पर गया था। जहां विवाद होने के बाद उसने एक व्यक्ति पर गोली चला दिया था। जिसके बाद रसड़ा थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और उसे गिरफ्तार किया गया।
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जांच में यह पोल खुला कि वह अपने भाई के प्रमाणपत्र पर नौकरी कर रहा है। एसपी बलिया की रिपोर्ट पर यहां के एसपी आशीष श्रीवास्तव ने सीओ रुधौली धनंजय सिंह कुशवाहा को जांच सौंपी। आरोप सही पाए जाने पर सीओ की तहरीर पर कोतवाली थाने में 29 मई को मुकदमा दर्ज किया गया।