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नवजात शिशु हत्या मामला: प्रभावशाली के घर चाय-पानी, फिर पीड़ित के घर ताला देख लौट आई पुलिस
Thu, 20 Feb 2020 11:09 AM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 20 Feb 2020 11:09 AM IST
सार
- पीपीगंज इलाके में किशोरी से दुष्कर्म कर गर्भधारण कराने, फिर नवजात की हत्या का मामला
- एक जनप्रतिनिधि भी आरोपित के समर्थन में उतरे, बयान को तैयार शख्स को बुलाकर दी घुड़की
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
पीपीगंज इलाके में किशोरी के गर्भधारण और फिर नवजात की हत्या किए जाने के मामले में बुधवार को कैंपियगंज पुलिस पीड़ित लड़की के घर पहुंची जरूर मगर ताला बंद होने पर किसी गांव वाले का बयान लिए बगैर ही लौट आई है। पीड़ित के घर जाने से पहले पुलिस ने गांव के एक ऐसे प्रभावशाली व्यक्ति के घर जलपान किया, जिन पर जांच प्रभावित करने के आरोप लग रहे हैं। खबर है कि सत्ताधारी दल के एक जनप्रतिनिधि ने तो गांव में बयान देने की दलील देने वाले विपिन सिंह को अपने
छावनी पर बुलाकर मुंह बंद रखने की घुड़की दे डाली।
जानकारी के मुताबिक, डीआईजी राजेश डी मोदक ने बुधवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता से वार्ता कर कार्रवाई कराने का निर्देश दिया। डीआईजी के आदेश पर पुलिस गांव में पहुंची, मगर एक बार फिर बिना कोई ठोस कार्रवाई किए लौट आई है। गांव के लोगों की माने तो जब पुलिस पीड़ित के घर पहुंची तो उनके साथ एक शख्स ऐसा भी था, जिसकी मौजूदगी में कोई बयान देना चाहे तो भी नहीं दे सकता था। पुलिस की जांच इस पूरे प्रकरण में शुरू से ही सवालों के घेरे में है। उधर, डीआईजी ने साफ कर दिया है कि इस मामले में कार्रवाई में लापरवाही की गई तो दोषी पुलिस वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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छावनी पर बुलाकर मुंह बंद रखने की घुड़की दे डाली।
जानकारी के मुताबिक, डीआईजी राजेश डी मोदक ने बुधवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता से वार्ता कर कार्रवाई कराने का निर्देश दिया। डीआईजी के आदेश पर पुलिस गांव में पहुंची, मगर एक बार फिर बिना कोई ठोस कार्रवाई किए लौट आई है। गांव के लोगों की माने तो जब पुलिस पीड़ित के घर पहुंची तो उनके साथ एक शख्स ऐसा भी था, जिसकी मौजूदगी में कोई बयान देना चाहे तो भी नहीं दे सकता था। पुलिस की जांच इस पूरे प्रकरण में शुरू से ही सवालों के घेरे में है। उधर, डीआईजी ने साफ कर दिया है कि इस मामले में कार्रवाई में लापरवाही की गई तो दोषी पुलिस वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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दो थाने की फोर्स नहीं खोज पाई एक किशोरी
पीपीगंज और कैंपियरगंज दो थाने की फोर्स मिलकर एक 14 साल की लड़की को खोज नहीं पाई है। खबर है कि एसएसपी ने पीपीगंज और कैंपियरगंज पुलिस को बुलाकर लड़की को बरामद करने का आदेश दिया था। उनके इस आदेश का भी पुलिस पर कोई खास असर नहीं पड़ता दिख रहा है। बुधवार को डीआईजी की सख्ती के बाद पुलिस गांव में गई मगर कुछ खास हासिल नहीं कर सकी है। दरअसल, कैंपियरगंज पुलिस शुरू से ही जो कार्रवाई कर रही है वह सवालों के घेरे में है। यह हाल तब है जब एक नवजात की हत्या की जा चुकी है। किशोरी सुरक्षित है भी या नहीं यह भी पुलिस अभी नहीं जानती।
बड़े तरीके से गांव से हटाए गए विपिन
पुलिस, प्रभावशाली लोगों और मामले को ठिकाने लगाने में जुटे ठेकेदार के बीच सेटिंग का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिस समय गांव में पुलिस को जाना था उस समय ही बयान देने के लिए राजी विपिन को गांव से हटा दिया गया था। इसके लिए ठेकेदार ने एक जनप्रतिनिधि की मदद से विपिन को बुला लिया था और फिर गांव में चंद मिनट के लिए पुलिस जाकर लौट आने के बाद विपिन को इसकी जानकारी मिल सकी।
बड़े तरीके से गांव से हटाए गए विपिन
पुलिस, प्रभावशाली लोगों और मामले को ठिकाने लगाने में जुटे ठेकेदार के बीच सेटिंग का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिस समय गांव में पुलिस को जाना था उस समय ही बयान देने के लिए राजी विपिन को गांव से हटा दिया गया था। इसके लिए ठेकेदार ने एक जनप्रतिनिधि की मदद से विपिन को बुला लिया था और फिर गांव में चंद मिनट के लिए पुलिस जाकर लौट आने के बाद विपिन को इसकी जानकारी मिल सकी।
रेस्त्रां से वीडियो डिलीट कराने की भी कोशिश
प्रभावी ठेकेदार ने जिस रेस्त्रां में पीड़ित लड़की के पिता के साथ बातचीत की थी, उसके बारे में जानकारी होते ही ठेकेदार रेस्त्रां पर पहुंच गया था। खबर है कि बुधवार की दोपहर ठेकेदार रेस्त्रां पर पहुंचकर उसके मालिक को धमकी देते हुए वीडियो को डिलीट कराने का दबाव बनाया। संभव है कि वीडियो डिलीट करा दिया गया हो।
यह है मामला
31 जनवरी को पीपीगंज इलाके में नवजात की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट से मौत की पुष्टि होने पर थानेदार पीपीगंज की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। थानेदार की तहरीर पर केस दर्ज होने का तर्क देते हुए सीओ ने कैंपियरगंज एसओ को विवेचना सौंपी है।
इस गंभीर प्रकरण में कार्रवाई के लिए एसएसपी को निर्देशित किया गया है। कहा गया है, साक्ष्यों के आधार पर पुलिस कार्रवाई करे जो दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की लापरवाही सामने आई तो दोषी पुलिसकर्मी पर भी सख्त कार्रवाई होगी।
राजेश डी मोदक, डीआईजी गोरखपुर रेंज
प्रभावी ठेकेदार ने जिस रेस्त्रां में पीड़ित लड़की के पिता के साथ बातचीत की थी, उसके बारे में जानकारी होते ही ठेकेदार रेस्त्रां पर पहुंच गया था। खबर है कि बुधवार की दोपहर ठेकेदार रेस्त्रां पर पहुंचकर उसके मालिक को धमकी देते हुए वीडियो को डिलीट कराने का दबाव बनाया। संभव है कि वीडियो डिलीट करा दिया गया हो।
यह है मामला
31 जनवरी को पीपीगंज इलाके में नवजात की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट से मौत की पुष्टि होने पर थानेदार पीपीगंज की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। थानेदार की तहरीर पर केस दर्ज होने का तर्क देते हुए सीओ ने कैंपियरगंज एसओ को विवेचना सौंपी है।
इस गंभीर प्रकरण में कार्रवाई के लिए एसएसपी को निर्देशित किया गया है। कहा गया है, साक्ष्यों के आधार पर पुलिस कार्रवाई करे जो दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की लापरवाही सामने आई तो दोषी पुलिसकर्मी पर भी सख्त कार्रवाई होगी।
राजेश डी मोदक, डीआईजी गोरखपुर रेंज