{"_id":"602298b38ebc3e27e53d4b14","slug":"newborn-girl-body-found-in-farm-at-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: खेत में मिला नवजात बच्ची का शव, पुलिस बोली- जांच के बाद दर्ज होगा केस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
यूपी: खेत में मिला नवजात बच्ची का शव, पुलिस बोली- जांच के बाद दर्ज होगा केस
Tue, 09 Feb 2021 07:44 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 09 Feb 2021 07:44 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर जिले के चौरा गांव के पास खेत में मंगलवार की सुबह एक नवजात बच्ची का शव मिला। शव को पॉलिथीन में लपेटकर फेंका गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि अभी केस दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, चौरा गांव के पूर्वी किनारे पर शहंशाह का खेत है। शहंशाह ने बताया कि सोमवार की रात किसी ने नवजात बच्ची का शव पॉलिथीन में लपेटकर उनके खेत में फेंक दिया था। सुबह पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर मामले की जांच में जुट गई है।
इस धारा में दर्ज होना चाहिए केस
धारा-317 आईपीसी
माता-पिता या नवजात की देखरेख करने वाले व्यक्ति द्वारा 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे का परित्याग करना अपराध है। इसमें सात साल की सजा या फिर जुर्माना अथवा कैद और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।
विज्ञापन
धारा-318 आईपीसी
पैदाइश छिपाने के लिए नवजात को गोपनीय तरीके से जीवित अथवा मृत फेंकना अपराध है। इसमें दो साल की कैद या जुर्माना, या फिर कैद और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।
चौरी चौरा इंस्पेक्टर विजय सिंह ने कहा कि नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच की जा रही है। मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, चौरा गांव के पूर्वी किनारे पर शहंशाह का खेत है। शहंशाह ने बताया कि सोमवार की रात किसी ने नवजात बच्ची का शव पॉलिथीन में लपेटकर उनके खेत में फेंक दिया था। सुबह पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर मामले की जांच में जुट गई है।
विज्ञापन
इस धारा में दर्ज होना चाहिए केस
धारा-317 आईपीसी
माता-पिता या नवजात की देखरेख करने वाले व्यक्ति द्वारा 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे का परित्याग करना अपराध है। इसमें सात साल की सजा या फिर जुर्माना अथवा कैद और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।
विज्ञापन
धारा-318 आईपीसी
पैदाइश छिपाने के लिए नवजात को गोपनीय तरीके से जीवित अथवा मृत फेंकना अपराध है। इसमें दो साल की कैद या जुर्माना, या फिर कैद और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।
चौरी चौरा इंस्पेक्टर विजय सिंह ने कहा कि नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच की जा रही है। मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।