गोरखपुर: भूमि विवाद में की गई थी मेडिकल स्टोर संचालक की हत्या, दस आरोपी गिरफ्तार
- चार नामजद के अलावा शूटर समेत छह और को दबोचा
- भूमि पर कब्जा पाने के लिए बिचौलिया अभिषेक मिश्रा को दी गई थी जिम्मेदारी, उसने ही शूटर से कराई हत्या
- हत्या में इस्तेमाल बुलेट बाइक, पिस्टल, सफारी बरामद, कॉल डिटेल की मदद से साक्ष्य जुटा रही पुलिस
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विस्तार
गोरखपुर में खोराबार इलाके के बल्ली चौराहे के पास मेडिकल स्टोर संचालक रामश्रय मौर्य की गोली मारकर हत्या का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में चार नामजद समेत दस लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि भूमि के विवाद में ही हत्या की गई थी।
गिरफ्तार चौरीचौरा के करमहा निवासी अभिषेक मिश्रा उर्फ राहुल ने गोरखनाथ निवासी मोहम्मद अशरफ को शूटर के तौर पर तैयार किया था और हत्या कराई थी। दो लाख रुपये में सुपारी दी थी। घटना में इस्तेमाल पिस्टल, बुलेट बाइक, सफारी को बरामद कर लिया गया है।
डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने शनिवार को पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि दस एकड़ भूमि है जिस पर वर्तमान में रामश्रय का परिवार काबिज है। मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। जमीन पर कब्जा पाने के लिए ही ब्लाक प्रमुख शैलेश यादव की भाभी सीमा यादव व अन्य के द्वारा चौरीचौरा के करमहा निवासी अभिषेक मिश्रा उर्फ राहुल को जिम्मेदारी दी गई थी।
राहुल ने ही गोरखनाथ के मोहम्मद अशरफ को शूटर के तौर पर तैयार किया था। दो लाख रुपये की सुपारी दी और इसका भुगतान चेक से किया था। इसके बाद हत्या की गई। एसएसपी ने बताया कि हत्या के संबंध में भाई ने 13 लोगों पर केस दर्ज कराया था।
इसको ध्यान मे रखते हुए भूमि संबंधी प्रपत्रों के आधार पर मुल्जिमों की तलाश की जा रही थी। तभी जानकारी हुई कि पारिजात एसोसिएट के नाम से करीब दो माह पूर्व उक्त जमीन की रजिस्ट्री कराई गई है। इसके बावजूद कब्जा नहीं मिला, फिर जमीन पर कब्जा दिलाने की जिम्मेदारी अभिषेक मिश्रा को सौंपी गई। अभिषेक ने पारिजात को जमीन दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
65 लाख रुपये देने की हुई थी बात
पारिजात एसोसिएट ने कब्जा खाली कराने पर 65 लाख रुपये देने का भरोसा जताया था। इसमें से कुछ अभिषेक मिश्रा को भी मिल जाता, जिसके लिए काफी प्रयास किया गया। सगे भाई रामनयन और रामाश्रय मौर्या से बात करके सहमति बनाने की कोशिश हुई लेकिन बात नहीं बन सकी।
इसके बाद आरोपियों ने दोनों को रास्ते से हटाने का फैसला किया। एसएसपी के मुताबिक अभिषेक मिश्रा ने दो जनवरी को शूटर गोलू उर्फ अशरफ को दो लाख रुपये का चेक एडवांस में दिया। इसका भुगतान भी हो गया। अभिषेक ने ही शूटर को रामाश्रय मौर्य की दुकान व उसकी पहचान बताई।
अभिषेक को यह भी जानकारी थी कि जनवरी को इसी विवाद से संबंधित सुनवाई न्यायालय में होगी। न्यायालय में भी रामाश्रय ही पैरवी कर रहे थे। घटना को अंजाम देने की योजना बनाई गई लेकिन मौका नहीं मिल सका। इसके बाद शूटर गोलू उर्फ अशरफ ने बल्ली चौराहे पर स्थित मेडिकल स्टोर व रामाश्रय के घर आने-जाने वालों रास्तों की रेकी की।
19 जनवरी की रात रामाश्रय मेडिकल स्टोर बंद कर घर जा रहे थे। बल्ली चौराहा के पास ही शूटर ने रामाश्रय को रोका और अपने साथियों के साथ मिलकर गोली मार दी। इससे मेडिकल स्टोर संचालक की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपियों को करजहां फोरलेन के पास से शनिवार को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार करने वाली टीम में खोराबार इंस्पेक्टर नासिर हुसैन, क्राइम ब्रांच के निरीक्षक सुशील कुमार शुक्ला, स्वॉट प्रभारी सादिक परवेज, एसओजी प्रभारी चंद्रभान सिंह औन उनकी टीम शामिल थी। टीम को बीस हजार रुपये के इनाम की घोषण भी की गई।
इनकी हुई है गिरफ्तारी
चौरीचौरा के करमहा निवासी अभिषेक मिश्रा उर्फ राहुल, गोरखनाथ के चसकाहुसैन निवासी मोहम्मद अशरफ उर्फ गोलू, चौरीचौरा के करमहा निवासी अजय मिश्रा, हनुमान मिश्रा, हाटा, कुशीनगर निवासी प्रदीप शुक्ला, देवरिया के रुद्रपुर निवासी कुष्णमोहन तिवारी यह सभी हत्या के समय मौजूद थे। इसके अलावा साजिशकर्ता के तौर पर झंगहा के गहिरा निवासी रद्युनाथ, शिवपुर निवासी पंकज सिंह, कोतवाली के रेती चौक निवासी ओमप्रकाश जायसवाल, जंगल सिकरी निवासी व प्रापर्टी डीलर संजय कुमार शुक्ला को गिरफ्तार किया गया है।
अभिषेक ने उगले राज, बताई पूरी कहानी
पारिजात एसोसिएट एवं जमीन संबंधी अन्य पक्षों के सभी लोगों ने जमीन पर काबिज न हो पाने के कारण रामाश्रय मौर्या को जल्द से जल्द रास्ते से हटाने का काफी दबाव बनाया जा रहा था। इसी वजह से हत्या करानी पड़ी।
उसने यह भी बताया कि घटना मे प्रयुक्त बुलेट मोटरसाइकिल मेरे द्वारा दी गई थी। गोलू को दो लाख रुपया चेक मेरे द्वारा पहले ही दिया जा चुका था। एक लाख रुपया काम पूरा होने के बाद देने की बात हुई थी। इसी क्रम मे हम सभी लोग आज एकत्रित होकर वार्ता कर रहे थे कि आप लोगो द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए।
जिला पंचायत सदस्य व ब्लाक प्रमुख के पिता, भाभी के खिलाफ भी दर्ज है मामला
एसएसपी ने बताया कि नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। सबकी गिरफ्तारी की भी कोशिश की जा रही है। चार नामजद आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। जिला पंचायत सदस्य पंकज शाही, खोराबार के ब्लाक प्रमुख के पिता जवाहर यादव, उनकी भाभी सीमा यादव को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य पंकज शाही विधानसभा चुनाव की तैयारी भी कर रहे हैं। वह सपा से टिकट भी मांग रहे हैं। मुकदमे में फंसने से राजनीतिक भविष्य प्रभावित हो सकता है।