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मनीष हत्याकांड: जेल प्रशासन ने सीबीआई कोर्ट से मांगी गाइडलाइन, जानिए क्या है वजह
Tue, 18 Jan 2022 11:14 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 18 Jan 2022 11:14 AM IST
सार
जेल सूत्रों के मुताबिक इस तरह के संकेत मिल रहे हैं कि आरोपियों को जल्द ही यहां से ट्रांसफर किया जा सकता है। हालांकि, जबतक कोई आदेश नहीं आता है तब तक आधिकारिक तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता है।
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मृतक कारोबारी मनीष गुप्ता।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मनीष हत्याकांड के आरोपी छह पुलिस वालों को लेकर गोरखपुर जेल प्रशासन ने सीबीआई कोर्ट को पत्र भेजकर गाइडलाइन मांगी है। दरअसल, आरोपियों की ना तो पेशी की तारीख तय है, न ही कोर्ट, लिहाजा जेल प्रशासन ने अब सीबीआई लखनऊ कोर्ट को चिट्ठी लिखी है। जवाब के आधार पर इस मामले में जेल प्रशासन आगे का कदम उठाएगा।
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जानकारी के मुताबिक, कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की 27 सितंबर 2021 की रात में रामगढ़ताल इलाके के कृष्णा पैलेस होटल मौत हो गई थी। आरोप है कि पुलिस की पिटाई से उनकी मौत हुई थी। आधी रात को चेकिंग करने आई पुलिस ने मनीष को काफी ज्यादा पीटा था। इस मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर जेएन सिंह के अलावा साथ गए सबइंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा, दरोगा विजय यादव और राहुल दुबे, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव तथा कांस्टेबल प्रशांत के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था।
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मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने हत्या का केस दर्ज कराने के साथ ही सीबीआई से जांच की मांग की थी। पहले कानपुर की एसआईटी और फिर सीबीआई ने जांच शुरू की और सीबीआई ने बीते सात जनवरी को सभी छह पुलिस वालों पर हत्या सहित अन्य धाराओं में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। सीबीआई ने जब से आरोपपत्र दाखिल किया है, तभी से पुलिस वालों की पेशी को लेकर पेच फंसा हुआ है।
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गोरखपुर जेल में बंद पुलिस वालों की गोरखपुर कोर्ट में 10 जनवरी को आखिरी पेशी हुई थी। उसके बाद 13 जनवरी को सीबीआई लखनऊ कोर्ट में पेशी की बात सामने आई थी, लेकिन जेल प्रशासन के पास न तो आरोपियों के ट्रांसफर को लेकर कोई चिट्ठी आई और न ही उनकी वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी ही हो पाई। इस बीच जेल प्रशासन ने गोरखपुर कोर्ट को इस मामले से अवगत कराते हुए गाइडलाइन मांगी थी।
वहां से बताया गया था कि सीबीआई ने अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है। सीबीआई कोर्ट अब इस मामले को देख रहा है। उसके बाद जेल प्रशासन ने सीबीआई लखनऊ कोर्ट को चिट्ठी लिखी है और सभी मामलों से अवगत कराते हुए उनसे गाइडलाइन मांगी है। जेल प्रशासन को चिट्ठी के जवाब का इंतजार है। उधर, जेल सूत्रों के मुताबिक इस तरह के संकेत मिल रहे हैं कि आरोपियों को जल्द ही यहां से ट्रांसफर किया जा सकता है। हालांकि, जबतक कोई आदेश नहीं आता है तब तक आधिकारिक तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता है।