फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Lucknow Varanasi and Faizabad offices blast after Gorakhpur blast

गोरखपुर ब्लास्ट के बाद ही दहली थी लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद की कचहरी

Tue, 22 Dec 2020 02:36 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 22 Dec 2020 02:36 PM IST
विज्ञापन
Lucknow Varanasi and Faizabad offices blast after Gorakhpur blast
आतंकी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : ANI

गोरखपुर में 22 मई 2007 को गोलघर के सीरियल ब्लास्ट के बाद ही लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद की कचहरी में बम धमाके हुए थे। इसके बाद पूरे सूबे में तहलका मचा और गोरखपुर के तत्कालीन सांसद (वर्तमान मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया था। तभी गोपनीय रिपोर्ट ने सबके होश उड़ा दिए थे।

विज्ञापन


पता चला था कि गोरखनाथ मंदिर भी आतंकी निशाने पर है। इसके बाद एसटीएफ भी इस काम में लगी और आजमगढ़ के हाकिम तारिक कासमी, सलमान समेत तीन लोगों को दबोच लिया गया। बाद में काजमी ने पूछताछ में गोलघर में ब्लास्ट करने की बात कबूली थी। एक के बाद एक तीन धमाके को गोरखपुर के लोग आज भी नहीं भूल पाते हैं।
विज्ञापन


रेती की दो दुकानों से खरीदी गईं थीं तीन साइकिलें
बम ब्लास्ट करने के लिए तीन जगहों पर साइकिलें खड़ी कर टिफिन बम का इस्तेमाल किया गया था। जांच में पता चला था कि रेती रोड की दो दुकानों से तीन साइकिलें खरीदी गईं थीं, जिनका इस्तेमाल ब्लास्ट में किया गया। इस मामले में पहले दुकानदार भी पकड़े गए थे, लेकिन उनकी कोई भूमिका नहीं मिलने पर छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

जलकल बिल्डिंग पर हुआ था पहला ब्लास्ट

जलकल बिल्डिंग से लेकर गणेश चौराहे तक तीन ब्लास्ट हुए थे। पहला ब्लास्ट जलकल बिल्डिंग के पास हुआ था, फिर बलदेवा प्लाजा के बाद धमाका हुआ था। तीसरा ब्लास्ट गणेश चौराहे के पास हुआ था।

नवागत थे एसएसपी, दूसरे धमाके के बाद मच गई थी भगदड़
22 मई 2007 की शाम सात बजे के आसपास पहला धमाका हुआ था। पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, मगर इसी बीच दूसरा धमाका हो गया। इसके बाद भगदड़ मच गई। पुलिस लोगों को नियंत्रित कर पाती की गणेश चौराहा के पास तीसरा धमाका हो गया, जिसमें करीब आठ से ज्यादा लोग जख्मी हो गए।

इस घटना के तीन-चार दिन पहले ही एसएसपी आरके राय ने चार्ज लिया था। उन्हें कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि शहर को कैसे नियंत्रित किया जाए? बाद में रिटायर पुलिस वालों और मीडिया की मदद से उन्होंने शहर में फैली अफवाह को शांत कराकर अमन चैन बहाल किया था।

तीसरे दिन शहर में थे डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह
सीरियल ब्लास्ट के बाद कानून व्यवस्था पर सवाल उठा तो तीसरे दिन ही तत्कालीन डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह दौरे पर गोरखपुर पहुंच गए थे। इसके बाद जांच एसटीएफ को सौंप दी गई थी। दो बड़े अफसरों के दौरे के बाद ही अफवाहों पर भी विराम लग गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed