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यूपी: घूस लेना लेखपाल को पड़ा महंगा, तीन साल की कैद
Sun, 17 Jan 2021 11:10 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 17 Jan 2021 11:10 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम विष्णु प्रसाद अग्रवाल ने गोंडा जिले के बराव क्षेत्र के करनैलगंज तहसील में तैनात तत्कालीन लेखपाल अभियुक्त राधेश्याम सिंह को तीन साल के कठोर कारावास एवं छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर अभियुक्त को दो माह का कारावास अलग से भुगतना होगा। घूस लेते रंगे हाथ पकड़े जाने का जुर्म सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने यह फैसला सुनाया।
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जानकारी के मुताबिक, अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी का कहना था कि गोंडा जिले के कटरा बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम निंदुरा निवासी वादी विक्की अहमद ने पुलिस अधीक्षक प्रभारी भ्रष्टाचार निवारण संगठन इकाई लखनऊ को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि उन्होंने अपने खेत में मकान बनवाया है और वहीं उनका बाग भी है। जो बाउंड्रीवाल से घिरा है।
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एक माह पूर्व चकरोड की नाप के लिए क्षेत्रीय लेखपाल आए और 15 हजार रुपये की मांग की। साथ ही धमकी दी कि रुपये नहीं मिले तो चक ग्रामसभा में दर्ज कर दिया जाएगा। वादी ने 12 अक्तूबर 2001 को उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपने चक कि माप कराने की मांग कर दी। इसपर क्षेत्रीय लेखपाल आरोपी राधेश्याम सिंह आए। मान मनौव्वल के बाद चार हजार रुपये लेकर चक मापने को तैयार हो गए।
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वादी घूस नहीं देना चाहते थे। उनकी मंशा लेखपाल को घूस लेते रंगे हाथ पकड़वाना था। इसी पर टीम को सूचना दी गई। निर्धारित योजना के तहत ही लेखपाल राधेश्याम सिंह को चार हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया गया था।