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काजल मर्डर केस: घर आकर चला गया आरोपी, बाहर सोती रही पुलिस

Tue, 07 Sep 2021 01:36 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 07 Sep 2021 01:36 PM IST
सार

पुलिस ने कहा रात में सूचना मिलने के आधे घंटे के भीतर पुलिस फोर्स ने पूरे गांव की घेराबंदी की। लेकिन सुभाष का कहीं पता नहीं चल पाया।

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Gorakhpur Kajal Murder Case News: Kajal murder case accused not caught Due to negligence of police
काजल मर्डर केस: मृत काजल व आरोपी विजय की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले के गगहा इलाके के जगदीशपुर भलुआन गांव के राजू नयन सिंह ने दावा किया है कि उनकी बेटी काजल की हत्या में आरोपी विजय प्रजापति का पिता सुभाष प्रजापति रविवार मध्य रात्रि करीब एक बजे अपने घर आकर सामान बांधकर वापस चला गया। उसके घर के बाहर पुलिस सोती रही। हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया है।
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काजल के पिता के मुताबिक, विजय के चाचा ने सोमवार सुबह उन्हें सूचित किया कि रविवार की रात विजय का पिता सुभाष घर आया था। सामान लेकर वापस भी चला गया। राजू नयन ने सोमवार सुबह इस बात की जानकारी पुलिस को दी। लेकिन पुलिस ने कोई विशेष कार्यवाही नहीं की। गगहा थाना प्रभारी राम भवन यादव ने कहा कि रात में इस बात की सूचना मिली थी। आधे घंटे के भीतर पुलिस फोर्स ने पूरे गांव की घेराबंदी की। लेकिन सुभाष का कहीं पता नहीं चल पाया।
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यह था मामला
जानकारी के मुताबिक, जगदीशपुर भलुआन गांव निवासी राजू नयन सिंह बांसगांव कचहरी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। इनका विजय प्रजापति से रुपयों के लेन देने का विवाद था। आरोप है कि 20 अगस्त की रात में विजय प्रजापति समेत चार लोग राजू नयन सिंह के घर पहुंचे और उनकी पिटाई करने लगे। राजू नयन सिंह की बेटी काजल (17) पिता की पिटाई का वीडियो बनाने लगी। इस पर विजय प्रजापति ने काजल के पेट में गोली मार दी थी। इलाज के दौरान बीते बुधवार को उसकी मौत हो गई। इस मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पहले दिन से ही प्रयास करने का दावा तो कर रही है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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दरोगा ने खून देकर जान बचाने की कोशिश की थी
काजल के परिजनों के साथ गए गगहा थाने के दरोगा अमित चौधरी ने भी उसकी जान बचाने के लिए भरपूर कोशिश की थी। उन्होंने रक्तदान भी किया था, ताकि उसका ऑपरेशन सफल हो सके, पर तमाम कोशिशें बेकार हो गईं जब काजल ने आखिरी सांस ली। दरोगा और रिश्तेदार काजल के माता-पिता को संभालने की कोशिश में लगे रहे।
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