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गोरखपुर: पूर्व प्रधान का शव घर आते ही उग्र हुए ग्रामीण, चुनावी रंजिश में मारी गई थी गोली
Tue, 20 Apr 2021 06:22 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 20 Apr 2021 06:22 PM IST
सार
भाजपा विधायक विपिन सिंह और शीतल पांडेय ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकन ग्रामीणों को शांत कराया, गोली मारकर की गई थी पूर्व प्रधान राघवेंद्र नारायण उर्फ गिलगिल दुबे की हत्या, मुख्य आरोपी है जेल में
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर जिले के खजनी इलाके के मिश्रौलिया गांव के पूर्व प्रधान व प्रधान पद प्रत्याशी रहे राघवेंद्र उर्फ गिलगिल दुबे की गोली मारने से मौत के बाद मंगलवार को शव गांव में पहुंचा। शव पहुंचते ही ग्रामीण उग्र हो गए और फिर पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एकजुट होने लगे।
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इसकी सूचना पर विधायक विपिन सिंह और विधायल शीतल पांडेय भी गांव में पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत कर विधायकों ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया फिर शव को अंत्येष्टि के लिए भेजा गया। गांव में एहतियातन तीन थाने की फोर्स तैनात की गई है।
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जानकारी के मुताबिक, 14 अप्रैल की रात में बदमाशों ने राघवेंद्र को उस समय गोली मार दी थी जब वह घर लौट रहे थे। आरोप था कि चुनावी रंजिश में विपक्षी प्रधान पद प्रत्याशी शंभू ने समथकों के साथ मिलकर गोली मारी थी। घायल राघवेंद्र को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज फिर लखनऊ के एक अस्पताल में उपचार चल रहा था।
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लापरवाही में निलंबित कर दी गई है पूरी पुलिस चौकी
लखनऊ में उपचार के दौरान रविवार को उनकी मौत हो गई। मौत के बाद पोस्टमार्टम कराकर परिजन सोमवार की शव लेकर गांव पहुंचे। गांव पहुंचते ही ग्रामीण गुस्से में आ गए और उनका कहना था कि पुलिस ने लापरवाही नहीं की होती तो यह घटना नहीं होती। उग्र होते ग्रामीणों को विधायकों ने समझाकर शांत कराया है। दूसरी तरफ इस मामले में हत्या की धारा तरमीम कर दी गई है। इससे पहले जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज था।
इस मामले में लापरवाही उजागर होने पर एसएसपी ने रविवार को ही महुआडाबर चौकी प्रभारी समेत वहां पर तैनात पांच सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। खुद एसएसपी ने भी माना था कि अगर पुलिस ने लापरवाही ना की होती और समय से कार्रवाई करने के साथ ही आला अफसरों को सूचना दी गई होती तो घटना को रोका जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं हो सका था जिस वजह से निलंबन की कार्रवाई कर विभागीय जांच का आदेश दिया गया है।
इस मामले में लापरवाही उजागर होने पर एसएसपी ने रविवार को ही महुआडाबर चौकी प्रभारी समेत वहां पर तैनात पांच सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। खुद एसएसपी ने भी माना था कि अगर पुलिस ने लापरवाही ना की होती और समय से कार्रवाई करने के साथ ही आला अफसरों को सूचना दी गई होती तो घटना को रोका जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं हो सका था जिस वजह से निलंबन की कार्रवाई कर विभागीय जांच का आदेश दिया गया है।