यूपी: दस्तावेज, हस्ताक्षर, मुहर व अंगूठे का क्लोन बनाकर करते जालसाजी, आठ गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दस्तावेज के साथ हस्ताक्षर, मुहर और अंगूठे के निशान का क्लोन तैयार कर फर्जी ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से करीब ढाई करोड़ रुपये की जालसाजी करने वाले गिरोह का पुलिस ने शनिवार को भंडाफोड़ किया। मामले में अधिवक्ता समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो लोग फरार हैं। पकड़े गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में क्लोन के निशान, पंद्रह सौ से ज्यादा आधार कार्ड नंबर और अन्य दस्तावेज मिले हैं। पर्दाफाश करने वाली टीम को एसएसपी ने 50 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
एसएसपी जोगिंदर कुमार ने मीडिया को बताया कि रामगढ़ताल इलाके के सुनील कुमार सिंह के खाते से बीस हजार रुपये की जालसाजी की शिकायत पुलिस को मिली थी। छानबीन में पता चला कि ग्राहक सेवा केंद्र से रुपये निकाले गए थे। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि इसके पीछे बड़ा गिरोह काम कर रहा है।
लल्ला सिंह और उपेंद्र सिंह ने फर्जी ग्राहक सेवा केंद्र की फ्रेंचाइजी ली थी। उसी आईडी का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की जा रही थी। अधिवक्ता उपेंद्र रजिस्ट्री दफ्तर से नकल के माध्यम से अंगूठे के निशान और आधार कार्ड नंबर हासिल करता था। इसके बाद अन्य लोग मिलकर क्लोन की मदद से फिंगर प्रिंट तैयार करते थे और ग्राहक सेवा केंद्र से रुपये फर्जी खातों में ट्रांसफर कर देते थे। बाद में एटीएम की मदद से रुपये निकाल लेते थे।
ये हैं आरोपी
आरोपियों की पहचान पीएसी कैंप बिछिया निवासी कृष्ण नंदन पांडेय, पादरी बाजार निवासी जयशंकर यादव, शाहपुर के चरगांवा निवासी नरेंद्र रंजन, खजनी के भगवानपुर निवासी अधिवक्ता सुधीर कुमार पासवान, खलीलाबाद निवासी मनोज कुमार यादव, कुशीनगर के अहिरौली थाना क्षेत्र के मुंडेरालाला निवासी सदानंद श्रीवास्तव, नंदानगर निवासी उपेंद्र सिंह और बिछिया निवासी लल्ला कुमार सिंह के रूप में हुई है। इनके दो साथी फरार हैं, जिनकी पहचान बड़हलगंज निवासी जितेंद्र कुमार पांडेय और शाहपुर के आरपीएफ कॉलोनी निवासी अजय कुमार निषाद के रूप में हुई है। इनकी तलाश में पुलिस टीम लगी है।
ये हुई बरामदगी
पुलिस ने 775 फिंगर प्रिंट, चार बायोमैट्रिक डिवाइस, नौ विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, 12 सिम कार्ड, 10 मोबाइल, 135 रजिस्ट्री पेपर, 1574 आधार कार्ड डाटा, एक लैपटॉप, दो चारपहिया वाहन, 44800 नगद, एक प्रिंटर और एक स्केनर बरामद किया है।
एनएसए और गैंगस्टर में भी की जाएगी कार्रवाई
एसएसपी ने बताया कि जालसाजी करने वाले गिरोह ने आर्थिक क्षति पहुंचाई है। इसलिए इन पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। इनके गैंग को पंजीकृत कर गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। खजनी में दो, गीडा में एक और रामगढ़ताल में एक केस दर्ज है। सभी केस को क्राइम ब्रांच में स्थानांतरित कर विवेचना करने का आदेश एसएसपी ने दिया है।
गिरफ्तारी टीम में यह थे शामिल
अपराध शाखा के निरीक्षक सत्य नारायण यादव, असलम सिद्दीकी, सुनील कुमार पटेल, जेपी सिंह, उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह, महेश कुमार चौबे, हेड कांस्टेबल प्रियतोष यादव, आरक्षी शशि शंकर राय, शशिकांत जायसवाल, महिला कांस्टेबल नीतू नाविक शामिल थी।