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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   ED filed case against BSP MLA Vinay Shankar Tiwari for fraud of 750 crore from group of bank

पूर्वांचल के बाहुबली नेता के बेटे व बसपा विधायक के खिलाफ दर्ज हुआ एफआईआर, बढ़ सकती है परिजनों की मुश्किल

Thu, 28 Jan 2021 09:21 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर, नई दिल्ली।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर, नई दिल्ली। Published by: vivek shukla Updated Thu, 28 Jan 2021 09:21 AM IST
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ED filed case against BSP MLA Vinay Shankar Tiwari for fraud of 750 crore from group of bank
बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी। (फाइल फोटो) - फोटो : fb @vinay shankar tiwari
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह से 750 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी समेत अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया, एजेंसी के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत चिल्लूपार (गोरखपुर) से विधायक व लखनऊ स्थित गंगोत्री इंटरप्राइजेज के खिलाफ प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है।
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विनय शंकर पूर्व कैबिनेट मंत्री व पूर्वांचल के बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी के बेटे हैं। ईडी ने विनय, उनकी पत्नी रीता, गंगोत्री इंटरप्राइजेज सहित अन्य के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर के आधार पर केस दर्ज किया। सीबीआई ने मामले में शिकायत दर्ज करने के बाद लखनऊ और नोएडा में छापे मारे थे। कथित धोखाधड़ी बैंक ऑफ इंडिया नीत बैंकों के समूह के खिलाफ की गई, जो 754.25 करोड़ रुपये की है। सूत्रों के मुताबिक, बैंक के धन को दूसरे मद में ले जाया गया और उसमें अनियमितता बरती गई।
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बढ़ सकती है परिजनों की मुश्किल

पहले सीबीआई और अब ईडी की कार्रवाई से चर्चा में आए पूर्वांचल के वयोवृद्ध बाहुबली पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के विधायक बेटे विनय शंकर तिवारी के साथ ही पूरे परिवार की मुश्किल बढ़ सकती है। सीबीआई ने जो मुकदमा दर्ज किया था उसमें विधायक के ज्यादातर परिजनों का नाम था। अब इसी को आधार बनाकर ईडी ने मामला दर्ज किया है।

कहा जा रहा है कि ईडी जल्द ही समन भेजकर विधायक व उनके परिजनों को पूछताछ के लिए बुला सकती है। सीबीआई व ईडी ने अभी एक मामले में मुकदमा दर्ज किया है। डेबिट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) के मुताबिक फर्म मेसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज लिमिटेड व अन्य ने अलग-अलग सात बैंकों से 1129 करोड़ रुपये का ऋण लिया है। इन फर्मों के कर्ताधर्ता बसपा विधायक व उनके सगे-संबंधी हैं।

ज्यादातर बैंक अकाउंट नान परफार्मिंग एसेट (एनपीए) में चले गए हैं। बैंक अकाउंट भी बंद किए जा रहे हैं। इस मामले में डीआरटी ने एक जुलाई 2019 को बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी सहित 33 सगे-संबंधियों के खिलाफ समन जारी किया था, फिर अलग-अलग समय पर मेसर्स गंगोत्री एंटरप्राइजेज लिमिटेड व अन्य प्रतिवादियों से जवाब मांगा था।

डीआरटी के पास जो मामला पहुंचा था, उसके मुताबिक बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी व अन्य ने सबसे ज्यादा ऋण बैंक ऑफ इंडिया से लिया है। इसी मामले में कार्रवाई चल रही है। इस संबंध में विनय शंकर तिवारी का पक्ष नहीं मिल सका है। जब भी आएगा, प्रकाशित किया जाएगा। 
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