इस जांच के बाद पुख्ता होगा विभाष्म और मृत नवजात का रिश्ता, पट-पटकर निकाल दी थी बच्चे की जान
- आरोपी विभाष्म का मंडलीय कारागार अस्पताल व नाबालिग मां का जिला महिला अस्पताल में ब्लड सैंपल लिया गया
- उम्र की जांच के लिए एक्सरे भी कराया गया, प्रसव की जानकारी के लिए वैजाइनल स्मियर लिया
- आज कराया जा सकता है कोर्ट में 164 का बयान, तीन दिन की पुलिस कस्टडी में है नाबालिग मां
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विस्तार
पीपीगंज इलाके में दुष्कर्म कर नाबालिग को मां बनाने और नवजात की हत्या करने के आरोपित विभाष्म सिंह और नाबालिग मां का बुधवार को डीऑक्सी राइबोज न्यूक्लिक एसिड (डीएनए) जांच के लिए ब्लड सैंपल लिया गया। विभाष्म का ब्लड सैंपल जेल के अस्पताल में लिया गया तो नाबालिग मां का ब्लड सैंपल जिला महिला अस्पताल में लिया गया। नाबालिग मां के वैजाइनल स्मियर का सैंपल भी लिया गया। सभी सैंपल को आगे की जांच के लिए फोरेंसिक लैब लखनऊ भेजा जाएगा।
डीएनए जांच के लिए ब्लड सैंपल लेने की अनुमति कोर्ट से मिली थी। इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। दूसरी तरफ बृहस्पतिवार को नाबालिग मां का मजिस्ट्रेट के सामने 164 सीआरपीसी का बयान कराया जा सकता है। कैंपियरगंज थाना प्रभारी निर्भय नारायण सिंह और महिला सिपाही ऋतु यादव बुधवार की दोपहर करीब एक बजे नाबालिग मां को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। वहां डॉ प्रियंका वर्मा ने नाबालिग मां का मेडिकल परीक्षण किया।
इस दौरान उसके वैजाइनल स्मियर सैंपल और डीएनए जांच के लिए ब्लड सैंपल लिया गया। नाबालिग मां के रिस्ट ज्वाइंट, एल्बो ज्वाइंट, क्लैविकल ज्वाइंट का एक्सरे भी कराया गया है। एक्सरे जिला अस्पताल में ही हुआ। इसकी रिपोर्ट दो दिन में पुलिस को मिल जाएगी। इसके जरिए नाबालिग की वास्तविक उम्र का पता लगाया जाएगा। उधर, दोपहर 12 बजे मंडलीय कारागार में डाक्टरों ने कोर्ट के आदेश पर आरोपित विभाष्म का भी ब्लड सैंपल लेकर डीएनए जांच के लिए भेजा है।
डॉक्टर प्रियंका के अनुसार ब्लड सैंपल से डीएनए की जांच होगी। इससे पता चलेगा कि नवजात आरोपित का है या नहीं। वहीं, वैजाइनल स्मियर की जांच से यह पता चलेगा कि नाबालिग का प्रसव हुआ था या नहीं। एल्बो ज्वाइंट, रिस्ट ज्वाइंट और क्लेविकल ज्वाइंट एक्सरे से नाबालिग मां की उम्र का निर्धारण होगा। पता चलेगा कि वह सच में बालिग है या नाबालिग।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ रामधनी ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर आरोपित विभाष्म के ब्लड का सैंपल लिया गया है। इसकी मदद से डीएनए जांच की जाएगी। फोरेंसिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाती है।
थाना प्रभारी कैंपियरगंज निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि कोर्ट से आदेश लेकर नाबालिग मां का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। तमाम सैंपल निकाले गए हैं, जिसे फोरेंसिक लैब भेजवाया जाएगा। मेडिकल के बाद अब उसका कोर्ट में बयान दर्ज कराया जाएगा।
ये है पूरा मामला
31 जनवरी को पीपीगंज इलाके के एक गांव में नवजात बच्ची की हत्या कर फेंका गया शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चार फरवरी को पीपीगंज के थानेदार राज प्रकाश सिंह की तहरीर पर केस दर्ज कर तहकीकात शुरू की गई। बाद में जांच कैंपियरगंज एसओ निर्भय नारायण सिंह के हवाले कर दी गई थी।
इस मामले में शुरू से ही पुलिस टालमटोल कर रही थी। जब अमर उजाला ने प्रमुखता से लगातार इस संबंध में खबरें प्रकाशित करनी शुरू कीं तो डीआईजी राजेश डी मोदक और एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने इसका संज्ञान लेकर कार्रवाई का आदेश दिया।
उसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने लापता किशोरी को खोज निकाला। उसके सामने आते ही पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। इसके दुष्कर्म कर उसे मां बनाने और नवजात की हत्या में आरोपित विभाष्म सिंह, नाबालिग मां और नाबालिग मां के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने नाबलिग मां को कोर्ट में पेश कर बालिका संरक्षण गृह और उसकी मां को जेल भेज दिया था।