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अमर उजाला पड़ताल: रात के सन्नाटे में यहां सजता है जिस्म का बाजार, 300 से 2000 हजार तक में तय होता है सौदा
Sun, 31 Oct 2021 11:11 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 31 Oct 2021 11:11 AM IST
सार
अमर उजाला ने स्थानीय लोगों की सूचना पर रेलवे स्टेशन के आस-पास पड़ताल की। इस दौरान जैसा लोगों ने कहा था, उससे कुछ ज्यादा ही पाया। जिस्म बेचने वाली और खरीदने वाले सब बेखौफ। जैसे सब कुछ संगठित और कानून के रखवालों की सरपस्ती में चल रहा हो।
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर शहर में एक तरफ दिवाली का बाजार सजकर तैयार है तो दूसरी ओर शहर में रेलवे स्टेशन के आस-पास जिस्मफरोशी का बाजार उरूज पर है। रेलवे स्टेशन के पास रात होते ही जिस्मफरोशी की यह मंडी सज जाती है। जिस तरह से यहां सबकुछ खुलकर हो रहा है, इसमें रेलवे पुलिस की सरपरस्ती से इनकार नहीं किया जा सकता। कुछ होटलवालों के लिए तो यह धंधा कमाई का अच्छा जरिया बन चुका है।
स्थानीय लोगों की सूचना पर अमर उजाला ने गुरुवार से शनिवार तक रेलवे स्टेशन के आस-पास पड़ताल की और जैसा लोगों ने कहा था, उससे कुछ ज्यादा ही पाया। जिस्म बेचने वाली और खरीदने वाले सब बेखौफ। जैसे सब कुछ संगठित और कानून के रखवालों की सरपस्ती में चल रहा हो। दिन शुक्रवार-शनिवार। स्थान, रेलवे स्टेशन। समय यही कोई रात के 9.40 बजे। जींस और लाल टी-शर्ट में खड़ी एक युवती के पास कार रुकी। बातचीत तीन हजार रुपये से शुरू हुई और बात दो हजार रुपये में बन गई। युवती ने अपनी एक साथी को बुलाया और उससे तीन घंटे बाद लौटने की बात कहते हुए, कार में सवार हो गई। थोड़ी देर वहां खड़े रहने पर एक युवती खुद अमर उजाला संवाददाता के पास आ गई। पूछा क्या है, किसी को खोज रहे हैं क्या? बात-बात में वह तुरंत खुल गई। सीधे रकम पूछा और सिर्फ 15 सौ रुपये होने की बात कहने पर पांच सौ रुपये की और मांग की गई। बताया कि 15 सौ में भी हो जाएगा, मगर कमरे की व्यवस्था आपको करनी होगी। अगर कमरे के साथ चलना है तो पूरे दो हजार देने होंगे। मना करने पर गाली देने लगी।
रेलवे स्टेशन के आस-पास जो कुछ चल रहा है। इससे समाज को नैतिक लिहाज से तो खतरा है ही, मगर इन दिनों कोरोना के लिहाज से यह मिलना-जुलना खतरे से खाली नहीं। एचआईवी जैसी बीमारी का संक्रमण की आशंका से इनकार नहीं। वजह साफ है, कौन कहां से आ रहा है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। संपर्क में आने के बाद अगर उसने कोरोना रोगी बनाया तो कितनों को इसका शिकार बना देगी, अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। जिस तरह से सबकुछ खुल कर चल रहा है, इसमें रेलवे पुलिस की हां नहीं है, यकीन नहीं होता। जिस्मफरोशी में लगी युवतियां, आम समय में कुछ तो इस तरह का स्वांग रचती है कि देखने में मानसिक रोगी दिखे और उन पर कोई शक भी न कर सके, मगर हकीकत इसके उलट है।
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स्थानीय लोगों की सूचना पर अमर उजाला ने गुरुवार से शनिवार तक रेलवे स्टेशन के आस-पास पड़ताल की और जैसा लोगों ने कहा था, उससे कुछ ज्यादा ही पाया। जिस्म बेचने वाली और खरीदने वाले सब बेखौफ। जैसे सब कुछ संगठित और कानून के रखवालों की सरपस्ती में चल रहा हो। दिन शुक्रवार-शनिवार। स्थान, रेलवे स्टेशन। समय यही कोई रात के 9.40 बजे। जींस और लाल टी-शर्ट में खड़ी एक युवती के पास कार रुकी। बातचीत तीन हजार रुपये से शुरू हुई और बात दो हजार रुपये में बन गई। युवती ने अपनी एक साथी को बुलाया और उससे तीन घंटे बाद लौटने की बात कहते हुए, कार में सवार हो गई। थोड़ी देर वहां खड़े रहने पर एक युवती खुद अमर उजाला संवाददाता के पास आ गई। पूछा क्या है, किसी को खोज रहे हैं क्या? बात-बात में वह तुरंत खुल गई। सीधे रकम पूछा और सिर्फ 15 सौ रुपये होने की बात कहने पर पांच सौ रुपये की और मांग की गई। बताया कि 15 सौ में भी हो जाएगा, मगर कमरे की व्यवस्था आपको करनी होगी। अगर कमरे के साथ चलना है तो पूरे दो हजार देने होंगे। मना करने पर गाली देने लगी।
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रेलवे स्टेशन के आस-पास जो कुछ चल रहा है। इससे समाज को नैतिक लिहाज से तो खतरा है ही, मगर इन दिनों कोरोना के लिहाज से यह मिलना-जुलना खतरे से खाली नहीं। एचआईवी जैसी बीमारी का संक्रमण की आशंका से इनकार नहीं। वजह साफ है, कौन कहां से आ रहा है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। संपर्क में आने के बाद अगर उसने कोरोना रोगी बनाया तो कितनों को इसका शिकार बना देगी, अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। जिस तरह से सबकुछ खुल कर चल रहा है, इसमें रेलवे पुलिस की हां नहीं है, यकीन नहीं होता। जिस्मफरोशी में लगी युवतियां, आम समय में कुछ तो इस तरह का स्वांग रचती है कि देखने में मानसिक रोगी दिखे और उन पर कोई शक भी न कर सके, मगर हकीकत इसके उलट है।
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होटल का धंधा भी इनके ही भरोसे
स्टेशन रोड पर कई ऐसे होटल हैं, जिनका पूरा धंधा इन्हीं के भरोसे चल रहा है। पुराने हो चुके कमरों को वैसे तो कोई बुक करने वाला नहीं होता है, यही वजह है कि ये होटल वाले ऐसे कामों में संलिप्त हैं। ग्राहक से सौदा तय होने के बाद युवतियां सीधे उसी होटल के कमरे में लेकर जाती हैं। जिस्म के ग्राहकों का भी केवल एक ही सवाल होता है कि फंसेंगे तो नहीं? जवाब जैसे ही यह मिलता है कि सब तय है कोई नहीं आता तो फिर क्या, गंदगी को भूल कमरा बंद हो जाता है।
इसी चक्कर में जेल चला गया था दवा कंपनी का मैनेजर
जिस्मफरोशी के इसी खेल में फंसकर एक दवा कंपनी का मैनेजर दो साल पहले जेल चला गया था। वाराणसी से आए कंपनी के मैनेजर को यहां के एमआर ने एक युवती स्टेशन रोड पर उपलब्ध कराई थी। कमरे में जाने के बाद सब कुछ ठीक रहा, लेकिन जाते समय रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। तब तो युवती को मैनेजर ने भगा दिया था, लेकिन बाद में युवती ने खुद के साथ दुष्कर्म होने की बात कहते हुए वीडियो वायरल कर दिया। पुलिस ने दुष्कर्म का केस दर्ज कर वाराणसी के रहने वाले मैनेजर को जेल भेजा था। बाद में जांच में वेश्यावृति की बात सामने आई थी।
पुलिस वालों ने वापस कराए थे रुपये
24 सितंबर को एक पुलिस वाला भी इनके जाल में फंस गया था। बाहर से आए पुलिस वाले को मदद के नाम पर दो युवती लेकर गई थी और उसके पास रखा चार हजार रुपया छीन लिया था। पीड़ित पुलिसकर्मी रेलवे चौकी पर गया और सिपाहियों ने जाकर उसके रुपये वापस कराए थे।
इसी चक्कर में जेल चला गया था दवा कंपनी का मैनेजर
जिस्मफरोशी के इसी खेल में फंसकर एक दवा कंपनी का मैनेजर दो साल पहले जेल चला गया था। वाराणसी से आए कंपनी के मैनेजर को यहां के एमआर ने एक युवती स्टेशन रोड पर उपलब्ध कराई थी। कमरे में जाने के बाद सब कुछ ठीक रहा, लेकिन जाते समय रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। तब तो युवती को मैनेजर ने भगा दिया था, लेकिन बाद में युवती ने खुद के साथ दुष्कर्म होने की बात कहते हुए वीडियो वायरल कर दिया। पुलिस ने दुष्कर्म का केस दर्ज कर वाराणसी के रहने वाले मैनेजर को जेल भेजा था। बाद में जांच में वेश्यावृति की बात सामने आई थी।
पुलिस वालों ने वापस कराए थे रुपये
24 सितंबर को एक पुलिस वाला भी इनके जाल में फंस गया था। बाहर से आए पुलिस वाले को मदद के नाम पर दो युवती लेकर गई थी और उसके पास रखा चार हजार रुपया छीन लिया था। पीड़ित पुलिसकर्मी रेलवे चौकी पर गया और सिपाहियों ने जाकर उसके रुपये वापस कराए थे।