गोरखपुर: पुआल के झगड़े में पिटाई से घायल महिला की मौत, एसपी बोले- गैर इरादतन हत्या की धारा में जेला जा चुका है आरोपी
गुलरिहा इलाके में सवा महीने के भीतर मां-बेटे की मौत से कोहराम मचा हुआ है। शव रखकर हत्या की धारा बढ़ाने की जिद पर परिजन अड़े थे। एसपी नार्थ ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।
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गोरखपुर जिले के गुलरिहा इलाके के सरहरी बनकटवां में पुआल के झगड़े में पिटाई से घायल महिला की इलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई। इसी मारपीट में महिला के बेटे की भी 10 नवंबर को मौत हो गई थी। सवा महीने के भीतर मां-बेटा की मौत से घर में कोहराम मच गया। महिला का शव रखकर परिजन हत्या की धारा बढ़ाने की मांग पर अड़ गए थे।
सूचना पर एसपी नार्थ मनोज कुमार अवस्थी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोपितों के पहले ही जेल भेजे जाने की जानकारी देकर सभी को शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के मुताबिक, सरहरी बनकटवां गांव में पड़ोही निषाद व जगरोपन निषाद पट्टीदार हैं। पड़ोही के दरवाजे के सामने नहर की पटरी पर पड़ोही ने पुआल रखा था। नौ नवंबर की रात पुआल रखने को लेकर दोनों पक्ष की महिलाओं में मारपीट हुई।
पड़ोही के छोटे बेटे गोविंद ने सरहरी चौकी पुलिस को सूचना दी। इस दौरान दूसरा पक्ष दोबारा पड़ोही के घर पहुंचा और मारपीट की। जिसमें बबलू (35), मां जानकी (60), पिता पड़ोही, मेवाती व गीता घायल हो गए। 10 नवंबर को बबलू पुत्र पड़ोही की इलाज के लिए ले जाते समय मौत हो गई थी। वहीं मां जानकी का इलाज लखनऊ में चल रहा था। अन्य घायल मेडिकल कॉलेज में इलाज के बाद ठीक हो गए। सोमवार की सुबह मां जानकी की भी मौत हो गई। मंगलवार सुबह परिजन शव घर के बाहर रखकर अंत्येष्टि ना करने की जिद पर अड़ गए। इसकी जानकारी होने पर पुलिस मौके पर गई। मगर परिजन मानने को तैयार नहीं थे जिसके बाद एसपी नार्थ भी पहुंचे और समझाकर लोगों को शांत कराया।
सात घंटे मान मनौव्वल के बाद माने परिजन
जानकी की मौत के बाद परिजन शव को घर के सामने रखकर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि अपने वादे के अनुसार पुलिस मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाए। शव ने देने की सूचना पर एसपी नार्थ मनोज अवस्थी, सीओ चौरीचौरा, सीओ कैंपियरगंज, एसओ चिलुआताल, एसओ गुलरिहा, एसओ पिपराइच मौके पर पहुंच गए। सभी अधिकारी सात घंटे परिजनों को मनाने में जुटे रहे जिसके बाद वे माने।
पुलिस ने पांच लोगों पर दर्ज किया था केस
गुलरिहा पुलिस ने गोविंद की तहरीर के आधार पर आरोपी सचिन, अंगद, बालकेश, जगरोपन व रामसागर के खिलाफ बलवा, गैर इरादतन हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर सभी को गिरफ्तार लिया था। साथ ही हत्या में इस्तेमाल एक कुदाल का बेंट व एक हॉकी बरामद किया था। उस समय पुलिस ने परिजनों से वादा किया था कि विवेचना के दौरान केस में हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी।
युवक के शव का पुलिस ने करा दिया था अंतिम संस्कार
परिजनों का कहना है कि जब बबलू की मौत हुई थी तो पुलिस ने बिना उनकी सहमति के ही उसका अंतिम संस्कार करा दिया था। पत्नी तक को अंतिम दर्शन का मौका नहीं दिया था। आज के बवाल की एक वजह यह भी है कि परिजनों को पुलिस की बातों पर यकीन नहीं है।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। महिला की मौत के बाद परिजनों में थोड़ा गुस्सा था, उन्हें मनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।