अपने ही बने कातिल: रुपयों के लालच में हुई थी सुरेंद्र की जिंदा जलाकर हत्या, सगा भाई और चाचा निकले हत्यारोपी
रामजीत यादव, अयोध्या यादव व सुरेंद्र की मां मैना देवी की जमीन बेचने के लिए स्वयं सौदा किया था और प्रापर्टी डीलर से दो जमीन के बैनामा व एक जमीन की एग्रीमेंट की बात कही थी। उसने स्वयं व अयोध्या की जमीन को बैनामा करके एक करोड़ 19 लाख रुपये ले लिए। मैना देवी के खाते में 27 लाख रुपये डलवा कर जमीन के एग्रीमेंट का दबाव बना रहा था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर जिले में चौरीचौरा इलाके के देवीपुर गांव में दिव्यांग सुरेंद्र यादव को 27 लाख रुपये के लालच में जिंदा जलाकर मार डाला गया था। आरोपियों ने इस मामले में गांव के प्रधान को फंसाने की साजिश भी रची थी।
हत्या में शामिल सुरेंद्र के सगे भाई योगेंद्र, चाचा रामजीत, चचेरे भाई पन्नेलाल व महेंद्र को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। उधर, सीसीटीवी कैमरे की वजह से बेगुनाह साबित हुए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि लालबचन यादव व उनके परिवार ने पुलिस को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी व एएसपी मानुष पारिख ने पुलिस लाइंस में संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का पर्दाफाश किया। एसपी ने बताया कि 30 जुलाई की रात में झोपड़ी में जलाकर सुरेंद्र यादव की हत्या करने की सूचना पुलिस को दी गई थी। परिजनों के संदेह जाहिर करने पर पुलिस ने प्रधान प्रिया देवी, उनके पति वीरेंद्र, भसुर लालबचन व सुरेंद्र पासवान को आरोपी बना दिया। मगर गांव व प्रधान के घर के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से जांच की गई तो नामजद आरोपी निर्दोष पाए गए। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
इसे भी पढ़ें: कुलपति पर हमले के आरोपी छात्रों पर शिक्षिकाओं ने बरसाए फूल, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
दोनों अफसरों ने बताया कि पुलिस ने शराब की बोतल के बार कोड व अन्य स्रोतों से जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि तहसील प्रशासन की टीम ने लगभग डेढ़ साल पहले गांव की एक जमीन की पैमाइश की थी। इसमें जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी के लिए जगह को सुरक्षित किया गया था। कीमती जमीन रामजीत यादव और उसके परिजनों के कब्जे में थी, जिसका वह लगातार विरोध करता था और पूर्व में पैमाइश के लिए आए राजस्व कर्मी से विवाद किया था, इसका केस भी दर्ज है।
बताया जा रहा है कि रामजीत यादव, उसका लड़का महेंद्र, भतीजा पन्नेलाल व योगेंद्र पैमाइश के दौरान विवाद कर मिट्टी का तेल डालकर जलाने व स्वयं जलकर सभी लोगों को फंसाने की बात पहले भी गांव वालों के सामने कर चुके थे। इसी बीच एक जमीन के रुपये को लेकर विवाद भी परिवार में सामने आ गया।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में वारदात: यू-ट्यूबर से सामूहिक दुष्कर्म, पुलिस की गोली से एक आरोपी घायल
पता चला कि रामजीत यादव, अयोध्या यादव व सुरेंद्र की मां मैना देवी की जमीन बेचने के लिए स्वयं सौदा किया था और प्रापर्टी डीलर से दो जमीन के बैनामा व एक जमीन की एग्रीमेंट की बात कही थी। उसने स्वयं व अयोध्या की जमीन को बैनामा करके एक करोड़ 19 लाख रुपये ले लिए। मैना देवी के खाते में 27 लाख रुपये डलवा कर जमीन के एग्रीमेंट का दबाव बना रहा था। इसका सुरेंद्र व मैना देवी विरोध कर रही थीं।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर एयरपोर्ट पर रेस्टोरेंट संचालक के बैग से मिला कारतूस, मचा हड़कंप