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जंगल कौड़िया फ्लाईओवर: बढ़ती जा रहीं दरारें... दिल्ली से आएंगे विशेषज्ञ, चार दरारे और दिखीं- बढ़ा खतरा
Mon, 17 Nov 2025 01:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 17 Nov 2025 01:45 AM IST
सार
रविवार को इंजीनियर और मजदूर दिनभर प्रेशर मशीन से विशेष केमिकल भरते रहे। फ्लाईओवर की सड़क ऊपर से चारकोल और कंक्रीट की तीन परतों से बनी है, जिसमें चारकोल परत पर दरारें नहीं दिखीं। अधिकारियों का दावा है कि कुछ परिस्थितियों में ऐसी दरारें सामान्य हैं और ये आगे नहीं बढ़ेंगी। फ्लाईओवर के नीचे या ऊपर से गुजरना पूरी तरह सुरक्षित है। एनएचएआई ने स्थिति पर लगातार निगरानी का आश्वासन दिया है।
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जंगल कौड़ियों में फ्लावर ओवर के दरारों को भरते मजदूर।
विस्तार
गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर जंगल कौड़िया फ्लाईओवर की छत में दरारें बढ़ती जा रही हैं। रविवार को चार और दरारें दिखने लगीं। अब तक कुल 30 दरारें मिल चुकी हैं। रविवार को भी पूरे दिन मरम्मत का कार्य चला। अधिकारियों का कहना है कि अधिक तापमान के कारण ये माइनर एयर क्रैक्स आए हैं।
फ्लाईओवर की लोड टेस्टिंग के लिए दिल्ली से विशेषज्ञ बुलाए जा रहे हैं। फिलहाल, दरारें बढ़ने से लोगों में दहशत है। स्थानीय लोग निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं और फ्लाईओवर के नीचे से होकर गुजरने से कतरा रहे हैं।
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फ्लाईओवर की लोड टेस्टिंग के लिए दिल्ली से विशेषज्ञ बुलाए जा रहे हैं। फिलहाल, दरारें बढ़ने से लोगों में दहशत है। स्थानीय लोग निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं और फ्लाईओवर के नीचे से होकर गुजरने से कतरा रहे हैं।
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800 मीटर लंबे सिक्सलेन फ्लाईओवर की छत में बीते पांच दिनों से दरारें दिखनी शुरू हुईं। इसके बाद से ही इलााके में दहशत का माहौल है। शनिवार तक 26 दरारें थीं। रविवार को चार और दरारें दिखने लगीं। इसमें कई छोटी दरारें आपस में जुड़कर लंबी हो रही हैं। कुछ दरारें इतनी पतली हैं कि साधारण कैमरे से कैद करना मुश्किल है।
पहले तीन दिन पीएनसी इंफ्राटेक ने खुद दरारें भरने का काम किया, लेकिन पिछले तीन दिनों से एनएचएआई के अधिकारी मौके पर पहुंचकर मुआयना और परीक्षण कर रहे हैं। परियोजना निदेशक ललित प्रताप पाल खुद दो बार मौके पर जा चुके हैं।
पहले तीन दिन पीएनसी इंफ्राटेक ने खुद दरारें भरने का काम किया, लेकिन पिछले तीन दिनों से एनएचएआई के अधिकारी मौके पर पहुंचकर मुआयना और परीक्षण कर रहे हैं। परियोजना निदेशक ललित प्रताप पाल खुद दो बार मौके पर जा चुके हैं।
रविवार को इंजीनियर और मजदूर दिनभर प्रेशर मशीन से विशेष केमिकल भरते रहे। फ्लाईओवर की सड़क ऊपर से चारकोल और कंक्रीट की तीन परतों से बनी है, जिसमें चारकोल परत पर दरारें नहीं दिखीं।
अधिकारियों का दावा है कि कुछ परिस्थितियों में ऐसी दरारें सामान्य हैं और ये आगे नहीं बढ़ेंगी। फ्लाईओवर के नीचे या ऊपर से गुजरना पूरी तरह सुरक्षित है। एनएचएआई ने स्थिति पर लगातार निगरानी का आश्वासन दिया है।
वहीं, सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भरोहिया ब्लॉक के मखनहा गांव में मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। अनुमान है कि मुख्यमंत्री यहां निरीक्षण भी कर सकते हैं।
अधिकारियों का दावा है कि कुछ परिस्थितियों में ऐसी दरारें सामान्य हैं और ये आगे नहीं बढ़ेंगी। फ्लाईओवर के नीचे या ऊपर से गुजरना पूरी तरह सुरक्षित है। एनएचएआई ने स्थिति पर लगातार निगरानी का आश्वासन दिया है।
वहीं, सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भरोहिया ब्लॉक के मखनहा गांव में मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। अनुमान है कि मुख्यमंत्री यहां निरीक्षण भी कर सकते हैं।
गर्मी में ढलाई और अधिक तापमान के चलते आईं दरारें
कार्यदायी संस्था पीएनसी इंफ्राटेक के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर केपीएस भदौरिया ने बताया कि छत की ढलाई सीमेंट और कंक्रीट से इसी वर्ष गर्मियों में की गई थी। शटरिंग का पृष्ठ लोहे का होने से तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते यह समस्या हुई। उन्होंने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है।
दरारों में नोजल लगाकर तरल एपॉक्सी केमिकल भरा जा रहा है, जो आधे घंटे में सेट हो जाता है। भविष्य को देखते हुए दरारों को भरा जा रहा है। पुल से आवागमन पूरी तरह सुरक्षित है। मेंटेनेंस का जिम्मा 15 साल तक कार्यदायी संस्था का है।
कार्यदायी संस्था पीएनसी इंफ्राटेक के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर केपीएस भदौरिया ने बताया कि छत की ढलाई सीमेंट और कंक्रीट से इसी वर्ष गर्मियों में की गई थी। शटरिंग का पृष्ठ लोहे का होने से तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते यह समस्या हुई। उन्होंने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है।
दरारों में नोजल लगाकर तरल एपॉक्सी केमिकल भरा जा रहा है, जो आधे घंटे में सेट हो जाता है। भविष्य को देखते हुए दरारों को भरा जा रहा है। पुल से आवागमन पूरी तरह सुरक्षित है। मेंटेनेंस का जिम्मा 15 साल तक कार्यदायी संस्था का है।
माइनर एयर क्रैक्स हैं, जिन्हें ठीक किया जा रहा है। सड़क पर यातायात पूरी तरह सुरक्षित है। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए हमने खुद दो बार मौका मुआयना किया है। लोड टेस्ट के लिए दिल्ली से विशेषज्ञ बुलाए जाएंगे: ललित प्रताप पाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
बोले नागरिक
दरारों को तेजी से भरा जा रहा है। इस पुल का समय-समय पर विभिन्न मानकों के अनुरूप परीक्षण करना जनहित के लिए कल्याणकारी होगा: राजमंगल सिंह, स्थानीय नागरिक।
फ्लाईओवर के बनने से यात्रा में सुगमता हुई है लेकिन दरार के बाद इधर से गुजरते समय अनहोनी का डर बना रहता है। जिम्मेदारों को गुणवत्ता परीक्षण पर ध्यान देना चाहिए: डॉ. रामकेश, स्थानीय नागरिक
बोले नागरिक
दरारों को तेजी से भरा जा रहा है। इस पुल का समय-समय पर विभिन्न मानकों के अनुरूप परीक्षण करना जनहित के लिए कल्याणकारी होगा: राजमंगल सिंह, स्थानीय नागरिक।
फ्लाईओवर के बनने से यात्रा में सुगमता हुई है लेकिन दरार के बाद इधर से गुजरते समय अनहोनी का डर बना रहता है। जिम्मेदारों को गुणवत्ता परीक्षण पर ध्यान देना चाहिए: डॉ. रामकेश, स्थानीय नागरिक