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Gorakhpur: बुखार से पीड़ित बच्चों की कागजों में हो रही कोविड जांच, भारी पड़ सकती है स्वास्थ्य विभाग की ये लापरवाही
Sat, 25 Sep 2021 02:57 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 25 Sep 2021 02:57 PM IST
सार
गोरखपुर में प्रतिदिन चार हजार के आसपास सैंपल लिए जा रहे हैं। इनमें केवल 100 के आसपास बच्चों के सैंपल शामिल हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
कोरोना की संभावित तीसरी लहर में विशेषज्ञ बच्चों के ज्यादा संक्रमित होने की बात कह रहे हैं। इसके बाद भी गोरखपुर जिले में बुखार से पीड़ित बच्चों की कोविड जांच नहीं हो पा रही है। ऐसे में सही समय पर बच्चों में संक्रमण का पता ही नहीं चल पा रहा है। जबकि प्रतिदिन चार हजार के आसपास सैंपल लिए जा रहे हैं। इनमें केवल 100 के आसपास बच्चों के सैंपल शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर बीआरडी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में बच्चों की ओपीडी में करीब 300 से 400 के आसपास मरीज आ रहे हैं। इनमें 70 प्रतिशत मरीजों में बुखार के लक्षण मिल रहे हैं। इसके बाद भी जांच का दायरा बढ़ नहीं पा रहा है।
जानकारी के मुताबिक जिले में कोरोना जांच के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर कुल 40 जगह केंद्र बनाए गए हैं। इनमें बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए 650 रुपये, जिला अस्पताल समेत 22 अर्बन हेल्थ पोस्ट और नौ सीएचसी पर निशुल्क जांच की जा रही है। जबकि सात निजी अस्पतालों में शुल्क लेकर जांच की जा रही है।
बच्चों की जांच का विभाग बढ़ाएगा दायरा
एम्स में कोविड संक्रमण की जांच में तीन साल के मासूम के संक्रमित मिलने के बाद विभाग ने बच्चों की जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया है। कोविड टेस्ट के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि इस मामले में जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के चिकित्सकों से वार्ता की जाएगी। ओपीडी में आने वाले बच्चों की कोविड जांच के लिए पत्राचार किया जाएगा। अर्बन हेल्थ पोस्ट और सीएससी-पीएससी पर भी पहुंच रहे बच्चों की कोविड जांच लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा। इसके अलावा वयस्कों की जांच का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक जिले में कोरोना जांच के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर कुल 40 जगह केंद्र बनाए गए हैं। इनमें बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए 650 रुपये, जिला अस्पताल समेत 22 अर्बन हेल्थ पोस्ट और नौ सीएचसी पर निशुल्क जांच की जा रही है। जबकि सात निजी अस्पतालों में शुल्क लेकर जांच की जा रही है।
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बच्चों की जांच का विभाग बढ़ाएगा दायरा
एम्स में कोविड संक्रमण की जांच में तीन साल के मासूम के संक्रमित मिलने के बाद विभाग ने बच्चों की जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया है। कोविड टेस्ट के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि इस मामले में जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के चिकित्सकों से वार्ता की जाएगी। ओपीडी में आने वाले बच्चों की कोविड जांच के लिए पत्राचार किया जाएगा। अर्बन हेल्थ पोस्ट और सीएससी-पीएससी पर भी पहुंच रहे बच्चों की कोविड जांच लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा। इसके अलावा वयस्कों की जांच का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।
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पांच मोबाइल मेडिकल वैन कहां करती हैं जांच किसी को पता नहीं
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक पांच मोबाइल मेडिकल वैन भी कोविड जांच के लिए लगाई गई है लेकिन यह वैन कहां जांच करती है यह जानकारी आम आदमी को नहीं है। जबकि कोरोना संक्रमण के दौरान रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन समेत अन्य जगहों पर वैन लगाए गए थे। लेकिन अब इन स्थानों पर एक भी वैन कोविड की जांच नहीं कर रहे हैं।
1476 से अधिक बच्चे मिल चुके हैं संक्रमित
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में जिले में 1476 बच्चे संक्रमित मिल चुके हैं। जबकि 10 बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी विभाग बच्चों के जांच के लिए पहल नहीं कर पा रहा है। विशेषज्ञों की मानें अगर सही तरह से बच्चों की कोरोना जांच हो जाएं तो कई केस बढ़े मिल सकते हैं।
1476 से अधिक बच्चे मिल चुके हैं संक्रमित
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में जिले में 1476 बच्चे संक्रमित मिल चुके हैं। जबकि 10 बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी विभाग बच्चों के जांच के लिए पहल नहीं कर पा रहा है। विशेषज्ञों की मानें अगर सही तरह से बच्चों की कोरोना जांच हो जाएं तो कई केस बढ़े मिल सकते हैं।