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विवादित पोस्टर: गोरखपुर के 'घमंड' पर विवाद 'प्रचंड', शासन स्तर पर पहुंचा मामला- गोपनीय जांच शुरू

Sun, 09 Jun 2024 08:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला, गोरखपुर
अमर उजाला, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 09 Jun 2024 08:16 AM IST
सार

फर्म के प्रोपराइटर की तहरीर इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों यशवर्धन मिश्रा और विश्वविद्यालय के छात्र नेता गौतम यादव के खिलाफ केस दर्ज किया था। दोनों आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से काफी दूर हैं।

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Controversial poster in Gorakhpur, Matter reached government level. Confidential investigation started
विवादित पोस्टर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर में बृहस्पतिवार को विभिन्न चौराहों के यूनिपोल पर लगे विवादित पोस्टर का मामला अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। इसकी गोपनीय जांच भी शुरू हो गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि पोस्टर सिर्फ चर्चित होने के लिए लगाया गया था या इसके पीछे कोई मास्टरमाइंड भी है।

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लिहाजा हर बिंदु की आला अफसर बारीकी से जांच करवा रहे हैं। इस मामले में खुफिया एजेंसी को भी लगाया गया है। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक श्रमिक को पुलिस ने पकड़ कर 151 में चालान किया है। पुलिस के मुताबिक, इसी श्रमिक ने यूनिपोल पर पोस्टर लगाया था।
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फर्म के प्रोपराइटर की तहरीर इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों यशवर्धन मिश्रा और विश्वविद्यालय के छात्र नेता गौतम यादव के खिलाफ केस दर्ज किया था। दोनों आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से काफी दूर हैं।
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खबर है कि इस मामले में शासन स्तर से रिपोर्ट मांगी गई है। सूत्रों की मानें तो आरोपियों में से एक यशवर्धन मिश्रा के परिवार के लोगाें के पास पुलिस ने फोन किया था। उसका एक आवास गोरखपुर में भी है। वह मूलत: बिहार का ही रहना वाला है। गौतम के कुछ करीबियों को उठाकर पुलिस ने पूछताछ भी की है। उसके बारे में जानकारी हासिल की है।

आरोपी यशवर्धन के परिवार ने दी सफाई
इस मामले में एक नया ट्विस्ट आया है। आरोपी यशवर्धन मिश्रा के परिवार ने पुलिस को पत्र भेजकर सफाई दी है। आरोपी के भाई ने बताया है कि उनका पूरा परिवार इस समय मां के कैंसर के इलाज के कारण परेशान है।

भाई यशवर्धन कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) के लिए प्रशिक्षण ले रहा है और पिछले छह महीने से गोरखपुर नहीं आया है, न ही वह किसी अवैध गतिविधि में शामिल हुआ है।

गौतम यादव एक पार्टी का समर्थक है। कई साल पहले, गौतम यादव और उनके भाई सहपाठी थे, इसलिए वे एक-दूसरे को जानते थे। उन्होंने सीसीटीवी की गहनता व निष्पक्ष जांच करने की गुहार लगाई है।

ये था पूरा मामला
बृहस्पतिवार को शहर के यूनिपोल पर छात्र नेताओं के नाम के साथ ही उसपर बड़े-बड़े अक्षरों में घंमड टूटने की बधाई लिखा हुआ पोस्टर लगाया गया था। यह पोस्टर थोड़ी ही देर में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर तेजी से वायरल हो गया।

इसके बाद कई जगहों से प्रतिक्रिया भी आने लगी। पोस्टर पर समाज सेवक यशवर्धन मिश्रा और विश्वविद्यालय छात्र नेता गौतम यादव का नाम लिखा था। इनके खिलाफ देर शाम यूनिपोल का ठेका लेने वाली फर्म की ओर से तहरीर देकर कैंट थाने में केस दर्ज कराया गया।


एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसपर कार्रवाई की जाएगी। कैंट थाने में आरोपियों पर केस दर्ज कर पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

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