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Gorakhpur News: ड्यूटी से गायब सिपाही की सियासी सक्रियता, सपा से टिकट की दावेदारी
Sat, 03 Oct 2026 02:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 03 Oct 2026 02:45 AM IST
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- डायल-112 में तैनात श्याम सुंदर चौहान लंबे समय से निलंबित, धनघटा में सपा के कार्यक्रमों में कर रहा सक्रियता
गोरखपुर। डायल-112 में तैनात सिपाही श्याम सुंदर चौहान इन दिनों पुलिस की ड्यूटी से दूर और राजनीति में सक्रिय है। संतकबीर नगर की धनघटा विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट की दावेदारी कर रहे श्याम सुंदर पिछले करीब एक साल से ड्यूटी से अनुपस्थित बताया जा रहा है। तीन महीने पहले अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई तो उसे निलंबित कर दिया गया। इसके बाद भी वह पुलिस लाइंस में हाजिरी लगाने नहीं पहुंचा।
मूलरूप से संतकबीर नगर के महुली थाना क्षेत्र के नैना झाला गांव निवासी श्याम सुंदर 1994 बैच का सिपाही है। वर्ष 2023 में कुशीनगर से स्थानांतरण के बाद उसकी तैनाती गोरखपुर में डायल-112 में हुई थी। इसी दौरान उसने धनघटा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां शुरू कर दीं। वर्ष 2023 की सोशल मीडिया पोस्ट में वह क्षेत्र के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं देता नजर आया। इसके बाद क्षेत्रीय गतिविधियों और सपा से जुड़ी पोस्ट लगातार सामने आती रहीं।
लाल टोपी में पोस्टर, मंच से सपा के समर्थन की अपील
श्याम सुंदर सोशल मीडिया पर सपा के बैनर और लाल टोपी के साथ तस्वीरें पोस्ट करता है। कई पोस्ट में उसके नाम के आगे ‘सिपाही’ भी लिखा है। वह सपा नेताओं के स्वागत के लिए पोस्टर जारी करने के साथ पार्टी के कार्यक्रमों में मंच से संबोधन भी कर चुका है। करीब एक महीने पहले धनघटा के लोहरैया में सपा के बूथ अध्यक्ष, जोन और सेक्टर प्रभारियों की समीक्षा बैठक में उसने खुद को सिपाही बताते हुए संबोधित किया था। उसने पार्टी को मजबूत करने और बूथ जीतने की बात कही थी। धनघटा में आयोजित एक अन्य सपा कार्यक्रम में उसने कहा था कि वह दलित समाज से आता है और लोगों से एकजुट होकर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की। उसने भाजपा के दलित सांसदों-विधायकों पर भी राजनीतिक टिप्पणी की थी।
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तीन साल से क्षेत्र में सक्रिय होने का दावा
सिपाही श्याम सुंदर ने बातचीत में कहा कि वह शुरू से सपा की नीतियों से प्रभावित रहा है। उसके अनुसार, पुलिस विभाग में रहकर वह लोगों को न्याय नहीं दिला पा रहा था, इसलिए विधायक बनने का विचार आया। उसने दावा किया कि वह करीब तीन साल से क्षेत्र में सक्रिय है और लोगों की मदद कर रहा है। वह पार्टी से धनघटा से टिकट की दावेदारी कर रहा है।
हाजिरी कैसे लगती रही, इसकी जांच बाकी
श्याम सुंदर के लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के दौरान उसकी हाजिरी कैसे दर्ज होती रही, इस संबंध में विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। एसपी क्राइम अयोध्या सिंह ने बताया कि श्याम सुंदर चौहान काफी समय से निलंबित है। वह हाजिरी भी नहीं लगा रहा है। उससे संपर्क कर लगातार गैरहाजिर रहने का कारण पता किया जा रहा है। सरकारी सेवा में रहते हुए किसी राजनीतिक दल की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी और चुनाव लड़ने को लेकर सेवा नियमों में प्रतिबंध हैं। नियमों के उल्लंघन पर विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है।
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गोरखपुर। डायल-112 में तैनात सिपाही श्याम सुंदर चौहान इन दिनों पुलिस की ड्यूटी से दूर और राजनीति में सक्रिय है। संतकबीर नगर की धनघटा विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट की दावेदारी कर रहे श्याम सुंदर पिछले करीब एक साल से ड्यूटी से अनुपस्थित बताया जा रहा है। तीन महीने पहले अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई तो उसे निलंबित कर दिया गया। इसके बाद भी वह पुलिस लाइंस में हाजिरी लगाने नहीं पहुंचा।
मूलरूप से संतकबीर नगर के महुली थाना क्षेत्र के नैना झाला गांव निवासी श्याम सुंदर 1994 बैच का सिपाही है। वर्ष 2023 में कुशीनगर से स्थानांतरण के बाद उसकी तैनाती गोरखपुर में डायल-112 में हुई थी। इसी दौरान उसने धनघटा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां शुरू कर दीं। वर्ष 2023 की सोशल मीडिया पोस्ट में वह क्षेत्र के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं देता नजर आया। इसके बाद क्षेत्रीय गतिविधियों और सपा से जुड़ी पोस्ट लगातार सामने आती रहीं।
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लाल टोपी में पोस्टर, मंच से सपा के समर्थन की अपील
श्याम सुंदर सोशल मीडिया पर सपा के बैनर और लाल टोपी के साथ तस्वीरें पोस्ट करता है। कई पोस्ट में उसके नाम के आगे ‘सिपाही’ भी लिखा है। वह सपा नेताओं के स्वागत के लिए पोस्टर जारी करने के साथ पार्टी के कार्यक्रमों में मंच से संबोधन भी कर चुका है। करीब एक महीने पहले धनघटा के लोहरैया में सपा के बूथ अध्यक्ष, जोन और सेक्टर प्रभारियों की समीक्षा बैठक में उसने खुद को सिपाही बताते हुए संबोधित किया था। उसने पार्टी को मजबूत करने और बूथ जीतने की बात कही थी। धनघटा में आयोजित एक अन्य सपा कार्यक्रम में उसने कहा था कि वह दलित समाज से आता है और लोगों से एकजुट होकर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की। उसने भाजपा के दलित सांसदों-विधायकों पर भी राजनीतिक टिप्पणी की थी।
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तीन साल से क्षेत्र में सक्रिय होने का दावा
सिपाही श्याम सुंदर ने बातचीत में कहा कि वह शुरू से सपा की नीतियों से प्रभावित रहा है। उसके अनुसार, पुलिस विभाग में रहकर वह लोगों को न्याय नहीं दिला पा रहा था, इसलिए विधायक बनने का विचार आया। उसने दावा किया कि वह करीब तीन साल से क्षेत्र में सक्रिय है और लोगों की मदद कर रहा है। वह पार्टी से धनघटा से टिकट की दावेदारी कर रहा है।
हाजिरी कैसे लगती रही, इसकी जांच बाकी
श्याम सुंदर के लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के दौरान उसकी हाजिरी कैसे दर्ज होती रही, इस संबंध में विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। एसपी क्राइम अयोध्या सिंह ने बताया कि श्याम सुंदर चौहान काफी समय से निलंबित है। वह हाजिरी भी नहीं लगा रहा है। उससे संपर्क कर लगातार गैरहाजिर रहने का कारण पता किया जा रहा है। सरकारी सेवा में रहते हुए किसी राजनीतिक दल की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी और चुनाव लड़ने को लेकर सेवा नियमों में प्रतिबंध हैं। नियमों के उल्लंघन पर विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है।