गोरखपुर: वेटलैंड का संरक्षण ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए उपयोगी, लोगों ने उठाया बर्ड वॉच का आनंद
डीएफओ विकास यादव ने वेटलैंड के संरक्षण को पारिस्थितिकी संतुलन के लिए जरूरी बताया। जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह की मौजूदगी में पर्यावरण प्रेमियों ने चिड़ियाघर के वेटलैंड को देखा।
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आर्र्दभूमि (वेटलैंड) का संरक्षण ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने में काफी उपयोगी है। वेटलैंड को संरक्षित करके जैव विविधता को बढ़ावा दिया जा सकता है। ये बातें जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बुधवार को वेटलैंड दिवस पर शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में आयोजित बर्ड वॉच कार्यक्रम में कहीं।
सुबह 7 से 10 बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ पर्यावरण प्रेमियों ने चिड़ियाघर के वेटलैंड हिस्से का भ्रमण किया। प्रशासनिक, वन प्रभाग के साथ चिड़ियाघर प्रबंधन के अधिकारियों ने वेटलैंड की उपयोगिता के बारे में जानकारी डीएफओ विकास यादव ने वेटलैंड के संरक्षण को पारिस्थितिकी संतुलन के लिए जरूरी बताया।
जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी इंद्रजीत सिंह की मौजूदगी में पर्यावरण प्रेमियों ने चिड़ियाघर के वेटलैंड को देखा। वेटलैंड में लिटिल कारमोरेंट (जलकाग), व्हीस्लिंग डक, लेसर एडजूटेंट, नाइट हेरोन जैसे दुर्लभ पक्षियों को देख लोग उत्साहित दिखे।
इस दौरान लोगों को पक्षियों की तस्वीर दिखाकर बताया गया कि गोरखपुर की जलवायु में यह परिंदे देखने को मिलते हैं। बाद में वेबिनार पर पर्यावरणविद माइक पांडेय ने लोगों को वेटलैंड के महत्व के विषय में बताया। उन्होंने बताया कि वेटलैंड प्रबंधन से पानी शुद्ध रहता है। जलस्तर में सुधार होता है।