{"_id":"6075419f8ebc3edf61452612","slug":"compulsory-retirement-headmaster-of-primary-school-gorakhnath-gorakhpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शिक्षक पर पहली बार बड़ी कार्रवाई: प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को अनिवार्य सेवानिवृत्ति, मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षक पर पहली बार बड़ी कार्रवाई: प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को अनिवार्य सेवानिवृत्ति, मचा हड़कंप
Tue, 13 Apr 2021 12:30 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 13 Apr 2021 12:30 PM IST
सार
- परिषदीय विद्यालय के किसी शिक्षक के खिलाफ पहली बार बड़ी कार्रवाई
- उपस्थिति रजिस्टर के रखरखाव में मनमानी समेत लगे कई गंभीर आरोप
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर प्राथमिक विद्यालय (बालक) गोरखनाथ के प्रधानाध्यापक अलीमुल्लाह को जबरन सेवानिवृत्त कर दिया गया है। प्रधानाध्यापक पर मिड डे मील (एमडीएम) न बनवाने, विद्यालय को मिली धनराशि व उसके खर्च का रिकॉर्ड न रखने, सरकारी बैठकों में हिस्सा न लेने और उपस्थिति रजिस्टर के रखरखाव में मनमानी समेत कई गंभीर आरोप लगे थे।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग की बार-बार चेतावनी के बावजूद प्रधानाध्यापक का व्यवहार सहयोगात्मक नहीं था। कहा जा रहा है कि गोरखपुर में किसी शिक्षक के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई पहली बार हुई है।
विज्ञापन
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने गत वर्ष 28 जनवरी को प्राथमिक विद्यालय (बालक) गोरखनाथ का औचक निरीक्षण किया था। बेसिक शिक्षा अधिकारी के मुताबिक शिक्षण कार्य के दौरान प्रधानाध्यापक अलीमुल्लाह मोबाइल फोन पर बात करते पाए गए।
विज्ञापन
प्रधानाध्यापक विद्यालय के यू-डॉयस कोड व कंपोजिट ग्रांट के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दे सके। विद्यालय संचालन में लापरवाही पर प्रधानाध्यापक को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया।
बीएसए ने जिस दिन निरीक्षण किया था, उसी दिन ही खंड शिक्षाधिकारी कैम्पियरगंज ने भी इसी विद्यालय का निरीक्षण किया था। खंड शिक्षाधिकारी ने विद्यालय के दस्तावेजों की पड़ताल की और पाया कि 21-26 जनवरी 2020 तक एमडीएम बांटने का रिकॉर्ड नहीं था। विद्यालय को मिली धनराशि व उसके खर्च का हिसाब-किताब नहीं रखा गया था।
प्रधानाध्यापक पर सरकारी कामकाज व दायित्वों निर्र्वहन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नोटिस दिया गया। यह भी कहा गया कि वह दायित्वों के निर्वहन में असमर्थ हैं। इसी का नतीजा रहा कि नगर शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर प्रधानाध्यापक अलीमुल्लाह को जबरिया सेवानिवृत्त करने की विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई ।
सत्यापन कमेटी ने भी प्रधानाध्यापक पर लगे आरोपों को सही पाया है। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक के अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश जारी किया है।
शिक्षिकाओं ने भी की थी शिकायत
विद्यालय में कार्यरत दो शिक्षिकाओं ने नगर शिक्षाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि प्रधानाध्यापक अलीमुल्लाह अपने दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से नहीं करते हैं। बातचीत का लहजा भी ठीक नहीं है।
नोटिस का भी नहीं देते थे जवाब
प्रधानाध्यापक की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसपर विभागीय नोटिस दिया जाता था लेकिन जवाब नहीं मिलता था। ज्यादातर नोटिस प्रधानाध्यापक रख लेते थे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने कहा कि शिक्षक अपने दायित्वों के प्रति उदासीन रहेंगे तो विद्यालय में पठन-पाठन का माहौल नहीं बनेगा। प्रधानाध्यापक को कई बार व्यवहार व कामकाज में परिवर्तन लाने की हिदायत दी गई, मगर कोई सुधार नहीं हुआ। लिहाजा, मामले को सत्यापन समिति के पास भेजा गया। समिति की मुहर लगने के बाद अलीमुल्लाह के अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश जारी किया गया है।
कोर्ट की शरण में जाऊंगा
प्रधानाध्यापक अलीमुल्लाह ने कहा कि विद्यालय में सभी रजिस्टर और रिकॉर्ड मौजूद हैं। इनकी कभी भी जांच कराई जा सकती है। विभाग की ओर से मिलने वाले नोटिस का समय-समय पर जवाब दिया है। सभी जिम्मेदारियों का समुचित तरीके से निर्वहन करता हूं। आरोप बेबुनियाद हैं। इस फैसले के विरुद्ध कोर्ट की शरण में जाऊंगा।
नोटिस का भी नहीं देते थे जवाब
प्रधानाध्यापक की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसपर विभागीय नोटिस दिया जाता था लेकिन जवाब नहीं मिलता था। ज्यादातर नोटिस प्रधानाध्यापक रख लेते थे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने कहा कि शिक्षक अपने दायित्वों के प्रति उदासीन रहेंगे तो विद्यालय में पठन-पाठन का माहौल नहीं बनेगा। प्रधानाध्यापक को कई बार व्यवहार व कामकाज में परिवर्तन लाने की हिदायत दी गई, मगर कोई सुधार नहीं हुआ। लिहाजा, मामले को सत्यापन समिति के पास भेजा गया। समिति की मुहर लगने के बाद अलीमुल्लाह के अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश जारी किया गया है।
कोर्ट की शरण में जाऊंगा
प्रधानाध्यापक अलीमुल्लाह ने कहा कि विद्यालय में सभी रजिस्टर और रिकॉर्ड मौजूद हैं। इनकी कभी भी जांच कराई जा सकती है। विभाग की ओर से मिलने वाले नोटिस का समय-समय पर जवाब दिया है। सभी जिम्मेदारियों का समुचित तरीके से निर्वहन करता हूं। आरोप बेबुनियाद हैं। इस फैसले के विरुद्ध कोर्ट की शरण में जाऊंगा।