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Gorakhpur: पुराने वाहनों को कबाड़ बनाने में रुचि नहीं दिखा रहीं कंपनियां, एक अप्रैल से लागू होगी कबाड़ नीति

Sat, 25 Feb 2023 02:33 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 25 Feb 2023 02:33 PM IST
सार

अधिकतर वाहन मालिक एक बार पंजीयन कराने के बाद वाहनों के पंजीकरण का नवीनीकरण और फिटनेस नहीं कराते हैं। गाड़ी जब तक चलती है ठीक, नहीं तो दरवाजे पर खड़ी कर देते हैं। दो पहिया, कार और स्कूल बस की आयु सीमा 15 वर्ष की होती है।

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Companies not showing interest in making old vehicles junk
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गोरखपुर जिले में पंजीकृत 15 साल से अधिक के पुराने वाहनों को सड़क पर चलने से रोकने के लिए कबाड़ बना दिया जाएगा। ऐसा कबाड़ नीति के तहत किया जाएगा। यह नीति एक अप्रैल से लागू होगी, लेकिन स्क्रैप सेंटर खोलने में कोई कंपनी रुचि नहीं दिखा रही है। फिलहाल एक संस्था ने स्क्रैप सेंटर खोलने के लिए आवेदन किया है।

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सरकार की कबाड़ नीति के तहत पहले चरण में जिले के सरकारी वाहनों, दूसरे चरण में 15 वर्ष पूरे कर चुके व्यावसायिक वाहनों और तीसरे चरण में निजी दोपहिया व चारपहिया वाहवों को कबाड़ में तब्दील किया जाएगा। आरटीओ में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार, जिले में 255 सरकारी वाहन 15 वर्ष से अधिक के हो चुके हैं।
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गोरखपुर जिले में पंजीकृत 10.71 लाख वाहनों में 1.31 लाख वाहन 15 साल की आयु पूरी कर चुके हैं। इनमें बाइक की संख्या 1,06,251 है। मोपेड की संख्या 2049 है। चार पहिया वाहनों की संख्या 20,648 है। अधिकतर के पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं किया गया है। कई वाहन सड़क पर प्रदूषण फैलाने के साथ दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। कुछ वाहन दरवाजे या दुकानों पर खड़े हैं। उम्र पूरी करने के बाद भी वाहन मालिकों ने इन वाहनों का पुन: पंजीयन नहीं कराया है।
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नहीं कराते हैं फिटनेस व नवीनीकरण

अधिकतर वाहन मालिक एक बार पंजीयन कराने के बाद वाहनों के पंजीकरण का नवीनीकरण और फिटनेस नहीं कराते हैं। गाड़ी जब तक चलती है ठीक, नहीं तो दरवाजे पर खड़ी कर देते हैं। दो पहिया, कार और स्कूल बस की आयु सीमा 15 वर्ष की होती है। उम्र पूरी होने के बाद वाहनों का दोबारा पंजीयन अनिवार्य है।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संजय कुमार झा ने कहा कि एक अप्रैल से स्क्रैप पॉलिसी यानी कबाड़ नीत लागू होगी। जिले में स्क्रैप सेंटर खोलने की कवायद चल रही है। एक संस्था ने स्क्रैप सेंटर खोलने में रुचि दिखाई है।



 
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