Gorakhpur Zoo: चिड़ियाघर में देखने को मिलेंगी रंग-बिरंगी मछलियां, बनाया गया गजीबो आइलैंड
डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि जलधारा में मछलियों को संरक्षित रखना बड़ी चुनौती है। इन्हें संरक्षित रखने के लिए आइलैंड के चारों तरफ जाली लगाई गई है। इससे कोई बाहरी जलीय जंतु संपर्क में नहीं आएंगे।
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चिड़ियाघर घूमने आने वाले दर्शकों को रंग बिरंगी मछलियां देखने का अवसर मिलेगा। परिसर के अंदर गजीबो आइलैंड में रंग-बिरंगी मछलियों के साथ कमल के फूल को भी प्रयोग में लाने की योजना है। हालांकि, वन मंत्री ने पिछले दिनों इसी आइलैंड में काईकॉस्क मछलियां डाली थीं। प्रयोग के तौर पर बीते दो दिन पहले भी जलधारा में आधा दर्जन मछलियां डाली गई थीं।
चिड़ियाघर की कैंटीन के पास गजीबो आइलैंड से जुड़े करीब तीन एकड़ में जल धारा स्थापित है। यह करीब 20 फीट चौड़ा और चार फीट गहरा है। चिड़ियाघर प्रशासन का मानना है कि जल धारा के स्वच्छ जल में तैरती रंग-बिरंगी मछलियां उसे और भव्यता प्रदान करेंगी। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि अलग-अलग प्रजाति की कई मछलियां इनमें डाली जाएंगी। इनकी लंबाई करीब एक से डेढ़ फीट होती है। इनका जीवनकाल करीब 25 से 30 वर्ष है।
क्या है गजीबो आइलैंड
गजीबो का अर्थ मंडप संरचना से है। यह अष्टकोणीय या बुर्ज के आकार का होता है। चिड़ियाघर में कैंटीन के पास बुर्ज के आकार की संरचना बनाई गई है जो चारों तरफ पानी से घिरी है। गोरखपुर चिड़ियाघर में आने वाले दर्शक यहां बैठकर जलधारा को देखकर रोमांचित होते हैं।
आइलैंड के ऊपर बिछाई गई है जाल
डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि जलधारा में मछलियों को संरक्षित रखना बड़ी चुनौती है। इन्हें संरक्षित रखने के लिए आइलैंड के चारों तरफ जाली लगाई गई है। इससे कोई बाहरी जलीय जंतु संपर्क में नहीं आएंगे।