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Lockdown 4.0: उम्मीद टूटी, पास के लिए फिर शुरू हुए जतन, लगी लंबी लाइन
Mon, 18 May 2020 06:29 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 18 May 2020 06:29 PM IST
सार
- बाहर फंसे बच्चों को लाने के लिए ज्यादातर लोग लगा रहे कलेक्ट्रेट के चक्कर
- दूसरे प्रांत वालों को पास तो मिल जा रहा, पर गाड़ी का संकट बरकरार
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लॉकडाउन पास के लिए लोगों की लगी लंबी लाइन।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में सोमवार से शुरू हुए चौथे चरण के लॉकडाउन में बहुत से लोगों को आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद थी। मगर केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को यह विशेषाधिकार सौंपने के बाद लोगों की उम्मीद टूट गई।
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यही वजह है कि पिछले तीन-चार दिनों से पास के लिए उतनी मारामारी नहीं हो रही थी। मगर जैसे ही यह साफ हुआ कि एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में जाने की राह अभी आसान नहीं तो सोमवार को फिर से पास के लिए कलेक्ट्रेट में लाइन लग गई।
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जिले के करीब 30 हजार ऐसे लोग हैं जो दूसरे प्रांतों, शहरों में फंसे हैं। गैर प्रांत में वे लोग तो परेशान हैं ही, यहां उनके अपने भी उन्हें लेकर बहुत चिंतित हैं। खास कर वे परिवार सबसे ज्यादा परेशान हैं जिनके घरों के बच्चे दिल्ली, कोटा, जयपुर, महाराष्ट्र, भुवनेश्वर आदि शहरों में रहकर पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
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घर के लोग फंसे हुए हैं बाहर
सूरजकुंड के अखंड श्रीवास्तव ने बताया कि उनके दोनों बेटे कोटा में हैं। सरकार ने जब बस चलाई तो उन तक जानकारी नहीं पहुंची। तभी से वे वहीं पर फंसे हैं। उन्हें यहां से जाकर लाने के लिए कई बार ई-पास के लिए आवेदन किया मगर हर बार कैंसिल हो जाता है। राप्तीनगर के राजेंद्र गुप्ता का कहना है कि उनकी पत्नी और बेटी इलाज के लिए वाराणसी गए थे और वहीं फंस गए। कई बार पास के लिए आवेदन किया मगर रिजेक्ट हो गया।
इसी तरह दूसरे प्रांतों के करीब 4500 लोग गोरखपुर में फंसे हैं। प्रशासन ऐसे लोग जो सिर्फ दूसरे प्रांत, शहर में जाना चाहते हैं, उन्हें तत्काल ट्रांजिट पास तो जारी कर दे रहा मगर इसका लाभ उन्हें ही मिल पा रहा है जिनके पास यातायात के लिए खुद का साधन है। प्राइवेट गाड़ी वाले लौटने का पास मांग रहे।
एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने कहा कि दूसरे प्रांत जाने वाले जितने लोग भी आ रहे हैं सभी को पास जारी किया जा रहा है। इसके अलावा मेडिकल इमरजेंसी में भी सभी की मदद की जा रही है। उन्हें भी तत्काल पास जारी किए जा रहे हैं। शादी, अंतिम संस्कार और ब्रह्मभोज के लिए पास की कोई जरूरत नहीं है। सिर्फ लोग यह ध्यान रखें कि संख्या 20 से अधिक न हो और सभी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
इसी तरह दूसरे प्रांतों के करीब 4500 लोग गोरखपुर में फंसे हैं। प्रशासन ऐसे लोग जो सिर्फ दूसरे प्रांत, शहर में जाना चाहते हैं, उन्हें तत्काल ट्रांजिट पास तो जारी कर दे रहा मगर इसका लाभ उन्हें ही मिल पा रहा है जिनके पास यातायात के लिए खुद का साधन है। प्राइवेट गाड़ी वाले लौटने का पास मांग रहे।
एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने कहा कि दूसरे प्रांत जाने वाले जितने लोग भी आ रहे हैं सभी को पास जारी किया जा रहा है। इसके अलावा मेडिकल इमरजेंसी में भी सभी की मदद की जा रही है। उन्हें भी तत्काल पास जारी किए जा रहे हैं। शादी, अंतिम संस्कार और ब्रह्मभोज के लिए पास की कोई जरूरत नहीं है। सिर्फ लोग यह ध्यान रखें कि संख्या 20 से अधिक न हो और सभी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।