गोरखपुर में सर्द हवाओं ने छुड़ाई कंपकंपी, शीतलहर से घिरा पूरा शहर
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बर्फीली हवाओं और धुंध की वजह से शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री दर्ज किया गया। जो सामान्य से 1.5 डिग्री कम है। दिसंबर में 8.9 डिग्री को न्यूनतम सामान्य तापमान माना जाता है। बर्फीली हवाएं चलने से न्यूनतम तापमान में गिरावट आई तो दिन में सूरज के नहीं निकलने से गलन बढ़ गई। इस कारण अधिकतम तापमान भी गिरकर 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि दिसंबर महीने में 22 डिग्री अधिकतम तापमान को सामान्य माना जाता है। वहीं, करीब 10 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही पछुवा हवाओं ने दर्ज तापमान की तुलना में और भी ज्यादा ठंड का एहसास कराया।
किसे कहते हैं शीतलहर
शीतलहर (कोल्ड वेव) की स्थिति बनने की वजह से शनिवार को और ज्यादा ठंड पड़ने के आसार हैं। कैलाश पांडेय ने बताया कि जिस तरह तेज पछुवा हवा चल रही है, ऐसे में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी। वैसे तो दिसंबर में 8.9 डिग्री न्यूनतम तापमान को सामान्य माना जाता है लेकिन पछुवा हवाओं की वजह से न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री कम हो जाए तो उस स्थिति को शीतलहर कहा जाता है।
घर में भी कांपते रहे लोग
घर और दफ्तर से लेकर सड़क तक पर कंपकंपाने वाली ठंड का एहसास नजर आया। सड़कों पर आम दिनों की तुलना में कम आवाजाही देखी गई। दफ्तरों में लोग हीटर और सड़कों व परिसरों में अलाव के पास बैठे नजर आए। वहीं, बंद कमरे में भी लोगों को कंपकंपी छूटती रही।
साइबेरिया से होकर पूर्वी उत्तर भारत पहुंची ठंडी हवाएं
साइबेरिया से बर्फीली हवाएं अफगानिस्तान, पाकिस्तान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड होते हुए पूर्वी उत्तरप्रदेश पहुंचीं। यहां से होते हुए तिब्बत की ओर जा रही हैं। इसी कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। हालांकि दो दिनों के बाद पछुवा हवा का रुख बदलकर पुरवा हो जाएगा। इसके बाद कोहरा पड़ने लगेगा।