फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   CM Yogi performed Mahanisha Puja in gorakhpur

Navratri 2022: सीएम योगी ने विधि विधान से की महानिशा पूजा, की लोक कल्याण की मंगलकामना

Sun, 02 Oct 2022 09:45 PM IST
Vikas Kumar अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 02 Oct 2022 09:45 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदी पर उगे जौ के पौधे को वैदिक मंत्रों के बीच काटा। नारियल, गन्ना, केला, जायफल आदि की सात्विक पंच की बलि दी। हवन की वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रूद्र और अग्नि देवता का आह्वान कर पूजन किया। 

विज्ञापन
CM Yogi performed Mahanisha Puja in gorakhpur
हवन करते सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शारदीय नवरात्र के अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गोरखपुर पहुंचे। उन्होंने अष्टमी तिथि की मान में रविवार रात को गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में विधि विधान से विशिष्ट महानिशा पूजा का अनुष्ठान पूर्ण कर लोक कल्याण की मंगलकामना की। 

विज्ञापन


रविवार शाम गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री सोमवार से लेकर नवमी तिथि के मान में कन्या पूजन तथा दशमी तिथि पर गोरक्षपीठ से निकलने वाले परंपरागत विजय शोभायात्रा तक गोरखपुर में रहेंगे। रविवार रात को महानिशा पूजा से पूर्व सप्तमी तिथि के मान में मां दुर्गा के सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि की सुबह व शाम के सत्र में विधि विधान से पूजा हुई। सुबह के सत्र में पूजन, अनुष्ठान गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने किया। 
विज्ञापन


गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में महानिशा पूजा का अनुष्ठान रविवार रात गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुआ। दो घंटे से अधिक चले अनुष्ठान में गोरक्षपीठाधीश्वर ने गौरी गणेश पूजन, वरुण पूजन, पीठ पूजन, यंत्र पूजन, मां दुर्गा का विधिवत पूजन, भगवान राम-लक्ष्मण-सीता का षोडशोपचार पूजन, भगवान कृष्ण एवं गोमाता का पूजन, नवग्रह पूजन, विल्व अधिष्ठात्री देवता पूजन, शस्त्र पूजन, द्वादस ज्योर्तिलिंग-अर्धनारीश्वर एवं शिव-शक्ति पूजन, वटुक भैरव, काल भैरव, त्रिशूल पर्वत पूजन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदी पर उगे जौ के पौधे को वैदिक मंत्रों के बीच काटा। नारियल, गन्ना, केला, जायफल आदि की सात्विक पंच की बलि दी। हवन की वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रूद्र और अग्नि देवता का आह्वान कर पूजन किया। 


इसके बाद लोक मंगल की कामना के साथ हवन किया। समस्त अनुष्ठान दुर्गा सप्तसती के पाठ एवं वैदिक मंत्रों के साथ खत्म हुआ। आखिर में आरती एवं क्षमा याचना के बाद प्रसाद वितरित हुआ। हवन, पूजन एवं पाठ का सम्पूर्ण कार्यक्रम आचार्य अश्वनी त्रिपाठी की अगुवाई में श्रीगोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के आचार्यगण एवं वेदपाठी छात्रों ने संपन्न कराया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed