फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   CM Yogi Adityanath said construction Ram Mandir is best work of worlds

गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, श्रीराम मंदिर निर्माण एक नए युग का है शुभारंभ

Mon, 31 Aug 2020 08:36 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 31 Aug 2020 08:36 PM IST
विज्ञापन
CM Yogi Adityanath said construction Ram Mandir is best work of worlds
महंत दिग्विजयनाथ और मंहत अवेद्यनाथ के पुण्यतिथि समारोह के दौरान सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित व्याख्यान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीरामजन्म भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण शुरू होने से पूरा देश गौरव की अनुभूति कर रहा है। श्रीराम जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण एक नए युग का शुभारंभ है। लाखों श्रीराम भक्तों के बलिदान और भारत की शाश्वत संत परंपरा के नेतृत्व के बाद आज मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं महंत अवेद्यनाथ के संकल्पों की सिद्धि भी मंदिर के शुभारंभ के साथ हुई जिन्होंने रामराज्य की स्थापना के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित व्याख्यानमाला के पहले दिन बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रह रहे थे। इसका विषय ‘श्रीराम जन्म भूमि मंदिर का शुभारंभ: भारत में एक नए युग का आरंभ’ रखा गया था।
विज्ञापन


सीएम ने कहा कि गोरक्षपीठ का श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन से घनिष्ठ संबंध रहा है। कोई भी भारतीय ऐसा नहीं होगा जो भगवान श्रीराम के दिव्य आदर्शों से प्रभावित न हो। राम का कार्य लोक कल्याण का ही कार्य है। इस दृष्टि से श्रीराम जन्मभूमि पर श्रीराम मंदिर का निर्माण लोक मंगल और लोक कल्याण का सर्वोत्कृष्ट कार्य कह सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

श्रीराम भारत के प्रतीक व पहचान : स्वामी राघवाचार्य

मुख्य अतिथि जगद्गुरु स्वामी राघवाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण का शुभारंभ निश्चित ही नए युग का आरंभ है। आजादी के बाद से हम सिर्फ पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण व अनुकरण करने में ही अपनी भारतीय संस्कृति को भूलते जा रहे थे। भगवान श्रीराम भारत के प्रतीक व पहचान हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति राममय होकर ही उनके आदर्शों पर चलकर संपूर्ण विश्व के कल्याण की बात करती है। निश्चित ही श्रीराम मंदिर निर्माण से भारतीय संस्कृति में  उनके आदर्शों की स्थापना हो सकेगी।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed