गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, श्रीराम मंदिर निर्माण एक नए युग का है शुभारंभ
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गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित व्याख्यान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीरामजन्म भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण शुरू होने से पूरा देश गौरव की अनुभूति कर रहा है। श्रीराम जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण एक नए युग का शुभारंभ है। लाखों श्रीराम भक्तों के बलिदान और भारत की शाश्वत संत परंपरा के नेतृत्व के बाद आज मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं महंत अवेद्यनाथ के संकल्पों की सिद्धि भी मंदिर के शुभारंभ के साथ हुई जिन्होंने रामराज्य की स्थापना के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
मुख्यमंत्री सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित व्याख्यानमाला के पहले दिन बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रह रहे थे। इसका विषय ‘श्रीराम जन्म भूमि मंदिर का शुभारंभ: भारत में एक नए युग का आरंभ’ रखा गया था।
सीएम ने कहा कि गोरक्षपीठ का श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन से घनिष्ठ संबंध रहा है। कोई भी भारतीय ऐसा नहीं होगा जो भगवान श्रीराम के दिव्य आदर्शों से प्रभावित न हो। राम का कार्य लोक कल्याण का ही कार्य है। इस दृष्टि से श्रीराम जन्मभूमि पर श्रीराम मंदिर का निर्माण लोक मंगल और लोक कल्याण का सर्वोत्कृष्ट कार्य कह सकते हैं।
श्रीराम भारत के प्रतीक व पहचान : स्वामी राघवाचार्य
मुख्य अतिथि जगद्गुरु स्वामी राघवाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण का शुभारंभ निश्चित ही नए युग का आरंभ है। आजादी के बाद से हम सिर्फ पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण व अनुकरण करने में ही अपनी भारतीय संस्कृति को भूलते जा रहे थे। भगवान श्रीराम भारत के प्रतीक व पहचान हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति राममय होकर ही उनके आदर्शों पर चलकर संपूर्ण विश्व के कल्याण की बात करती है। निश्चित ही श्रीराम मंदिर निर्माण से भारतीय संस्कृति में उनके आदर्शों की स्थापना हो सकेगी।