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Gorakhpur News: कुशीनगर बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सीएम, कहा-सरकार आपके साथ

Wed, 30 Sep 2026 03:01 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2026 03:01 AM IST
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CM visits flood victims in Kushinagar; says the government stands with them.
कुशीनगर। सीएम योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र कुशीनगर पहुंचे। जवही दयाल में कटान स्थल का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद सड़क मार्ग से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। गौरहा गांव में सड़क व पंचायत भवन में मौजूद बाढ़ पीड़ितों को आश्वस्त किया। कहा, घबराने की जरूरत नहीं, सरकार आपके साथ है। उन्होंने भोजन के पैकेट वितरित किए। सीएम और जल शक्ति स्वतंत्र देव सिंह मंत्री करीब बीस मिनट तक बाढ़ पीड़ितों के बीच रहे। बेंदुपार इंटर कॉलेज में पांच हजार बाढ़ पीड़ितों में सूखा राशन वितरण किया।
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राहत शिविरों में सीएम ने बाढ़ पीड़ितों से सीधा संवाद किया। उनकी समस्याएं सुनकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि पिछले चार दिनों में प्रदेश, देश के विभिन्न हिस्सों और नेपाल में भारी बारिश हुई है। इस मूसलाधार बारिश के कारण नारायणी का जलप्रवाह अचानक बढ़ गया। सामान्यतः यह तीन-चार लाख क्यूसेक रहता है, जो बढ़कर 5.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। पानी के अप्रत्याशित दबाव से कई तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए। कई गांवों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सरकार ने 50 किलो वजन की पांच हजार सूखा राशन किट की व्यवस्था की है। राहत और बचाव कार्य के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इनमें एनडीआरएफ की दो टीमें, एसडीआरएफ की दो टीमें और पीएसी की एक फ्लड यूनिट शामिल है। ये टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
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तत्काल चार लाख की मदद मिलेगी पीडि़त परिवार को

मुख्यमंत्री ने आपदा पीड़ितों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को तत्काल चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें पक्का आवास मिलेगा। यह आवास प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दिया जाएगा। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। धान, गन्ना और सब्जियों की फसलों को हुए नुकसान का 15 दिन के भीतर सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सर्वे के बाद किसानों को राहत राशि देने में देरी न हो।
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प्रभावित क्षेत्रों में लगेंगे स्वास्थ्य शिविर

बाढ़ का पानी उतरने के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है। इसे देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में पांच-छह दिन तक स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम ने क्षतिग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत के आदेश दिए हैं। साथ ही, उनके स्थायी सुदृढ़ीकरण के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाने को भी कहा गया है। यह कदम भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचाव में सहायक होगा।


राहत शिविरों में ठहराए जा रहे बाढ़ पीड़ित

बेघर व जलमग्न क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में ठहराया जा रहा है। इन शिविरों में गुणवत्तापूर्ण भोजन, शुद्ध पेयजल और जनरेटर से 24 घंटे निर्बाध प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित है।
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