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Gorakhpur News: रिपेयरिंग के बहाने ठगी, एक लाख निकासी लिमिट, उड़ गए 11.20 लाख रुपये

Wed, 11 Feb 2026 02:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Feb 2026 02:06 AM IST
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Cheating on the pretext of repairing, withdrawal limit of one lakh, Rs 11.20 lakh lost
गोरखपुर। वाशिंग मशीन रिपेयर कराने के लिए किया गया एक साधारण कॉल बड़गो निवासी दीपिका दूबे के लिए भारी पड़ गई। साइबर जालसाजों ने उनके दो बैंक खातों से करीब 11.20 लाख रुपये निकाल लिए। हैरानी की बात यह है कि दोनों खातों की प्रतिदिन की यूपीआई ट्रांजेक्शन लिमिट मात्र एक लाख रुपये थी, इसके बावजूद तय सीमा से कई गुना अधिक रकम निकाल ली गई। महिला का आरोप है कि पूरी प्रक्रिया उसकी जानकारी और अनुमति के बिना हुई और किसी भी ट्रांजेक्शन का एसएमएस अलर्ट तक नहीं आया।
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बड़गो निवासी महेंद्र कुमार दूबे की पत्नी दीपिका ने इस संबंध में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़िता के अनुसार, उनका भारतीय स्टेट बैंक की बेतियाहाता शाखा और यूनियन बैंक की आजाद चौक शाखा में बचत खाता है। दोनों खातों में यूपीआई की दैनिक निकासी सीमा अधिकतम एक लाख रुपये निर्धारित है।
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बीते 3 फरवरी 2026 को उन्होंने अपने मोबाइल फोन से वाशिंग मशीन रिपेयर कराने के लिए एक मैकेनिक को कॉल किया था। कॉल पर मौजूद व्यक्ति ने उनसे कहा कि उसी मोबाइल नंबर पर 10 रुपये का रिचार्ज करा दें जिससे वह उनकी शिकायत दर्ज कर सके। दीपिका दूबे ने बिना किसी संदेह के रिचार्ज कर दिया। इसके कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर कुछ संदिग्ध नंबरों से कॉल आए, जिन्हें उन्होंने रिसीव नहीं किया।
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दीपिका का कहना है कि इसके बाद उन्होंने फोन का ज्यादा इस्तेमाल भी नहीं किया और उन्हें किसी तरह की असामान्य गतिविधि का अंदेशा नहीं हुआ। उसी दिन उनके दोनों बैंक खातों से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिये बड़ी रकम निकाल ली गई। भारतीय स्टेट बैंक के खाते से सात बार में कुल 2.81 लाख और यूनियन बैंक के खाते से 21 बार में 8.38 लाख रुपये की निकासी की गई।
महिला का आरोप है कि न तो उन्होंने किसी को ओटीपी बताया और न ही किसी प्रकार की अनुमति दी। इसके बावजूद उनके खातों से लगातार ट्रांजेक्शन होते रहे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतने बड़े लेन-देन के बावजूद बैंक की ओर से न तो कोई एसएमएस अलर्ट आया और न ही कॉल या ई-मेल के जरिये सूचना दी गई।
6 फरवरी 2026 को जब दीपिका बैंक शाखा पहुंची और खाते का बैलेंस चेक कराया, तब उन्हें इस बड़े फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। खाते से लाखों रुपये गायब देखकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक शाखा में भी इसकी जानकारी दी। दीपिका ने तहरीर में बैंक प्रबंधन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब खातों की लिमिट एक लाख रुपये प्रतिदिन थी, तो एक ही दिन में 11 लाख से अधिक की निकासी कैसे संभव हुई। साथ ही बिना एसएमएस अलर्ट के ट्रांजेक्शन होना भी गंभीर चूक की ओर इशारा करता है।




पुलिस कर रही जांच, बैंक दस्तावेज खंगाले जा रहे

साइबर थाने की पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि बैंक स्टेटमेंट, साइबर क्राइम पोर्टल की रिपोर्ट, पासबुक और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
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