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Gorakhpur News: अब बालापार बनेगा शहर का इंट्री प्वाइंट, बदल जाएगी इलाके की रंगत
Thu, 08 Aug 2024 11:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 08 Aug 2024 11:25 AM IST
सार
गोरखपुर-सोनौली हाईवे से सटा बालापार इलाका भी अब शहरी सीमा में शुमार हो जाएगा। विकास ने यहां के लोगों को नई उम्मीदें जगा दी हैं। बालापार ओवरब्रिज इस महीने तैयार हो जाएगा। इस इलाके में प्रस्तावित दो फोरलेन सड़क भी बनने जा रही है। महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय पहले से ही संचालित है। जीडीए अब इसे शहर का इंट्री प्वाइंट के रूप में विकसित करने जा रहा है।
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बालापार क्षेत्र में तेजी से हो रहा है विकास. खेतों में प्लाटिंग शुरू हो गई.
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
गोरखपुर-सोनौली हाईवे से सटा बालापार इलाका भी अब शहरी सीमा में शुमार हो जाएगा। विकास ने यहां के लोगों को नई उम्मीदें जगा दी हैं। बालापार ओवरब्रिज इस महीने तैयार हो जाएगा। इस इलाके में प्रस्तावित दो फोरलेन सड़क भी बनने जा रही है।
महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय पहले से ही संचालित है। जीडीए अब इसे शहर का इंट्री प्वाइंट के रूप में विकसित करने जा रहा है। इसके लिए बालापार में ही प्रवेश द्वार बनेगा। नया गोरखपुर भी यहां बसाया जाएगा, जहां आवासीय के साथ होटल, मॉल, स्कूल, हॉस्पिटल की सुविधा उपलब्ध होगी। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की रंगत बदल जाएगी।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अपना सीमा विस्तार पीपीगंज तक बढ़ा दिया है। नया गोरखपुर के तहत बालापार, मानीराम समेत चार गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। बालापार में प्रवेश द्वार बनाने की अनुमति जीडीए बोर्ड से मिल गई है।
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इसके अलावा लखनऊ मार्ग पर गीडा क्षेत्र से पहले नौसड़ से आगे एक प्रवेश द्वार बनाने का निर्णय लिया गया है। इस तैयारी की भनक लगते ही आसपास के गांवों में तेजी से जमीनों की प्लांटिंग होने लगी है।
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महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय पहले से ही संचालित है। जीडीए अब इसे शहर का इंट्री प्वाइंट के रूप में विकसित करने जा रहा है। इसके लिए बालापार में ही प्रवेश द्वार बनेगा। नया गोरखपुर भी यहां बसाया जाएगा, जहां आवासीय के साथ होटल, मॉल, स्कूल, हॉस्पिटल की सुविधा उपलब्ध होगी। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की रंगत बदल जाएगी।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अपना सीमा विस्तार पीपीगंज तक बढ़ा दिया है। नया गोरखपुर के तहत बालापार, मानीराम समेत चार गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। बालापार में प्रवेश द्वार बनाने की अनुमति जीडीए बोर्ड से मिल गई है।
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इसके अलावा लखनऊ मार्ग पर गीडा क्षेत्र से पहले नौसड़ से आगे एक प्रवेश द्वार बनाने का निर्णय लिया गया है। इस तैयारी की भनक लगते ही आसपास के गांवों में तेजी से जमीनों की प्लांटिंग होने लगी है।
बालापार क्षेत्र में तेजी से हो रहा है विकास. खेतों में प्लाटिंग शुरू हो गई.
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बालापार में बन रहे ओवरब्रिज से आगे बढ़ने पर महज कुछ ही दूरी पर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय बना हुआ है। बुधवार की दोपहर दो बजे विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों के आवाजाही से यह मार्ग गुलजार था।
विश्वविद्यालय से पहले ही सड़क के किनारे प्लाटिंग की गई थी। उधर, से गुजर रहे बैजनाथपुर निवासी अवधेश ने बताया कि अभी कुछ माह पहले ही प्रापर्टी डीलर ने प्लाटिंग कराई है। ओवरब्रिज के चालू होते ही इस मार्ग के विकास को देखते हुए इस मार्ग पर खेतों में प्लाटिंग की गई है।
इस मार्ग पर अब लोग निवेश के रूप के लिए जमीन की तलाश कर रहें हैं। थोड़ी दूरी पर पान की दुकान लगाने वाले राजवंशी ने बताया कि शाम होते ही इस मार्ग पर लोग जाने से कतराते हैं लेकिन अब बेहिचक होकर लोग आ-जा रहे हैं।
ओवरब्रिज का काम अंतिम चरण में है। इसके साथ बालापार-टिकरिया फोरलेन का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होने जा रहा है। इस सड़क के बन जाने से पूरे इलाके की सूरत ही बदल जाएगी। इस मार्ग के बन जाने से आसपास के 100 गांवों के साथ महराजगंज जिले के पनियरा इलाके के लोगों का आवागमन सुगम हो जाएगा
विश्वविद्यालय से पहले ही सड़क के किनारे प्लाटिंग की गई थी। उधर, से गुजर रहे बैजनाथपुर निवासी अवधेश ने बताया कि अभी कुछ माह पहले ही प्रापर्टी डीलर ने प्लाटिंग कराई है। ओवरब्रिज के चालू होते ही इस मार्ग के विकास को देखते हुए इस मार्ग पर खेतों में प्लाटिंग की गई है।
इस मार्ग पर अब लोग निवेश के रूप के लिए जमीन की तलाश कर रहें हैं। थोड़ी दूरी पर पान की दुकान लगाने वाले राजवंशी ने बताया कि शाम होते ही इस मार्ग पर लोग जाने से कतराते हैं लेकिन अब बेहिचक होकर लोग आ-जा रहे हैं।
ओवरब्रिज का काम अंतिम चरण में है। इसके साथ बालापार-टिकरिया फोरलेन का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होने जा रहा है। इस सड़क के बन जाने से पूरे इलाके की सूरत ही बदल जाएगी। इस मार्ग के बन जाने से आसपास के 100 गांवों के साथ महराजगंज जिले के पनियरा इलाके के लोगों का आवागमन सुगम हो जाएगा
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन
- फोटो : अमर उजाला
इस मार्ग पर महाराजगंज चौराहे के आगे जाने पर बांसस्थान से होकर यह रास्ता आयुष विश्वविद्यालय तक पहुंचता है। फिर भटहट होते हुए महाराजगंज जिले के मुख्य मार्ग में मिल जाता है। इस मार्ग पर ही बैजनाथपुर गांव के पास जगदीशपुर-जंगल कौड़िया रिंग रोड इस फोरलेन को क्रास कर रही है।
दोनों फोरलेन के बन जाने से आसपास के इलाकों के लोगों को आवागमन का नया विकल्प मिल जाएगा। इस मार्ग पर ही 1800 बेड का एक हॉस्पिटल भी प्रस्तावित है। इस इलाके में विकास को देखते हुए लोग निवेश को लेकर आकर्षित हैं।
जीडीए उपाध्याक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि बालापार और लखनऊ हाईवे पर जीडीए ने प्रवेश द्वार बनाने का निर्णय लिया है। बालापार को नया गोरखपुर के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे आसपास के क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। यहां लोग भी बुनियादी सुविधाएं पाने लगेंगे।
दोनों फोरलेन के बन जाने से आसपास के इलाकों के लोगों को आवागमन का नया विकल्प मिल जाएगा। इस मार्ग पर ही 1800 बेड का एक हॉस्पिटल भी प्रस्तावित है। इस इलाके में विकास को देखते हुए लोग निवेश को लेकर आकर्षित हैं।
जीडीए उपाध्याक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि बालापार और लखनऊ हाईवे पर जीडीए ने प्रवेश द्वार बनाने का निर्णय लिया है। बालापार को नया गोरखपुर के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे आसपास के क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। यहां लोग भी बुनियादी सुविधाएं पाने लगेंगे।