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अमर उजाला लाइव: बारिश में फिर डूब जाएंगे सैकड़ों घरबार, अभी से सोचिए गोरखपुर की शहर सरकार

Tue, 16 May 2023 10:43 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 16 May 2023 10:43 AM IST
सार

असुरन से मेडिकल कॉलेज रोड पर दोनों ओर विष्णुपुरम, खरैया पोखरा, बशारतपुर, एचएन सिंह, धर्मपुर कॉलोनी, झुंगिया, फत्तेपुर डिहवा सहित अन्य मोहल्ले बसे हैं। मेडिकल कॉलेज रोड के चौड़ा होने और दोनों तरफ ऊंचा नाला बनने से यहां के लोगों के घरों का पानी नहीं निकल पाता है।

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challenge of dealing with waterlogging in front of new municipal board Gorakhpur
जेल बाईपास फोरलेन बनने के बाद मकान व दुकान सड़क से नीचे। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

'गोरखपुर जिले में असुरन से लेकर झुंगिया तक फोरलेन सड़क बनने की जितनी खुशी मिली, उतना ही दुख पानी बरसने पर होता है। सड़क के दोनों ओर ऊंचा नाला बनने से मोहल्लों का पानी नहीं निकल पाता। उल्टे नालों का पानी बहकर दुकानों और मकानों में पहुंच जाता है। पिछले साल मानसून के दौरान जलभराव से खूब सांसत हुई। नेता और अधिकारी तो कह रहे हैं कि इस बार कहीं पानी नहीं भरेगा, लेकिन बरसात आने दीजिए फिर देखिए, क्या हालत होती है।'

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यह कहना है मेडिकल रोड के राप्ती नगर निवासी विशाल कुमार, जिनकी दुकान में हल्की बारिश पर ही पानी घुस जाता है। दुकान के सामने ऊंचा नाला बनने का खामियाजा अकेले उन्हें ही नहीं, बल्कि अन्य दुकानदारों और मोहल्ले के लोगों को भी भुगतना पड़ता है।
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मानसून सत्र आने में एक माह का समय बाकी है। शहर के मोहल्लों से जलनिकासी का प्रबंध करने की चुनौती नगर निगम की नई कार्यकारिणी के सामने खड़ी है। नालों की साफ-सफाई और निर्माण कार्यों को पूरा कराने में ढिलाई से तैयारियों पर पानी फिर सकता है। ऐसी दशा में बारिश होने पर लोगों को जलभराव से जूझना पड़ेगा। वजह यह है कि सड़क चौड़ी हुई और उनके दोनों ओर नाले बने, लेकिन उन्हें आसपास के मकानों से काफी ऊंचा बन दिया गया।
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मेडिकल कॉलेज रोड के दोनों ओर बरसात में होता है जलभराव

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जेल बाईपास फोरलेन बनने के बाद मकान हुए सड़क से नीचे। - फोटो : अमर उजाला।

असुरन से मेडिकल कॉलेज रोड पर दोनों ओर विष्णुपुरम, खरैया पोखरा, बशारतपुर, एचएन सिंह, धर्मपुर कॉलोनी, झुंगिया, फत्तेपुर डिहवा सहित अन्य मोहल्ले बसे हैं। मेडिकल कॉलेज रोड के चौड़ा होने और दोनों तरफ ऊंचा नाला बनने से यहां के लोगों के घरों का पानी नहीं निकल पाता है। इस वजह से बरसात होने पर लोगों के घरों में बाढ़ के हालात हो जाते हैं। पिछले साल बारिश में लोगों ने जलभराव की परेशानी झेली। लोगों के आक्रोशित होने पर नगर निगम के अधिकारियों ने व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। अब जब बरसात का मौसम नजदीक है, तो लोगों की चिंता एक बार फिर से बढ़ गई है कि कहीं ऐसा न हो कि दुकान और मकानों में फिर से पानी भर जाए।

जेल बाईपास रोड पर नाला बना ऊंचा, मोहल्ले के लोगों को राहत नहीं
कुछ ऐसा ही हाल जेल रोड बाईपास पादरी बाजार का है। इस रोड के दोनों ओर घोषीपुरवा, सरस्वतीपुरम, जंगल मातादीन, आर्यपुरम, जंगल सालिकराम, मानसपुरम और मोहनापुर सहित अन्य मोहल्ले हैं। जेल रोड से लेकर पादरी बाजार तक सड़क के दोनों ओर बना नाला ऊंचा है। यहां मकान पांच फीट से अधिक नीचे हैं। इससे नाली बनने का कोई फायदा नहीं है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का पानी नाला से होकर बह जाएगा। मोहल्लों का पानी निकालने के लिए गोड़धोइया नाला की सफाई कराई की गई है। इसका फायदा कितना मिल पाएगा। यह तो बरसात होने पर मालूम हो सकेगा। इस रोड पर मैत्रीपुरम कॉलोनी में मनोज कुमार, एसएन चतुर्वेदी, राधेश्याम, देवमित्र पांडेय, लल्लन, जयदीप दुबे सहित अन्य लोगों के मकान है। इन लोगों के घरों में बरसात का पानी भर जाता है।
 

देवरिया रोड पर सिघड़िया, रानीडीहा, दिव्यनगर में भी होती है परेशानी

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गोरखपुर में जलजमाव की समस्या। - फोटो : अमर उजाला।

देवरिया रोड पर सिघड़िया, रानीडीहा, दिव्यनगर सहित कई जगहों में जलभराव की स्थिति रहती है। गोरखपुर देवरिया फोरलेन बनने के बाद से सड़क के दोनों और के नाले ऊंचे हो गए हैं। यहां के मोहल्लों का पानी सड़क किनारे बने नालों में नहीं बहता है। गर्मी और जाड़े में कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन बरसात में समस्या आती है। बरसात में होने वाले जलभराव से निपटने के लिए सिघड़ियां में जल निगम का पंप स्थापित किया गया है।

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इंजीनियरिंग कॉलेज तक मोहल्लों का पानी इस पंप से निकाला जाता है। पंप पर मौजूद सुरक्षाकर्मी चंद्रवंश सिंह ने बताया पानी बरसने पर पंप चला दिया जाता है, जिससे अब सड़क पर पानी नहीं लगता है। हालांकि जंगल सिकरी, सूबा बाजार सहित अन्य मोहल्लों का पानी निकलने का इंतजाम अधूरा है। जंगल के किनारे नाला बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण पूरा होने में समय लगेगा। रानीडीहा के खाले टोला में नाला बनाकर उसे देवरिया रोड के बड़े नाले में मिलाया गया है, लेकिन उसकी ऊंचाई अधिक होने से मोहल्ले में जलभराव होगा।

परिचर्चा

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गोरखपुर में जलजमाव की समस्या। - फोटो : अमर उजाला।

देवरिया रोड का नाला काफी ऊंचा है। इस वजह से मोहल्ले का पानी नहीं निकल पाता है। सड़क बनाने के दौरान ऐसा इंतजाम होना चाहिए था कि घरों के साथ-साथ बरसात का पानी आसानी से निकल जाए।-विद्या सागर राय, जंगल सिकरी।

जो नाला बना है। उसमें सड़क से सटे मकानों का ही पानी जा पाता है। पीछे की तरफ से करीब ढाई सौ से अधिक मकान है। मोहल्ले का पानी नहीं निकल पाता है। जंगल किनारे नाला बन रहा है, लेकिन ऐसा नहीं लगता कि बरसात के पहले काम पूरा हो पाएगा।- श्रीराम, जंगल सिकरी

कौआबाग मोड़ से गोड़धाेइया तक बना नाला मोहल्ले के लोगों के लिए बेमतलब है। मैत्रीपुरम मोहल्ला सड़क से काफी नीचे है। यहां आधे मोहल्ले में जलभराव होता है। गोड़धोइया नाले की सफाई कराई गई है। अब बारिश में इसका अंदाजा लग सकेगा कि कितनी राहत मिली है।-रमेश कुमार पांडेय, जेल बाईपास

पादरी बाजार तक जो नाला बना है। उसका कोई फायदा नहीं है। मोहल्ले काफी नीचे हैं। पानी बरसने पर पंप लगाना पड़ता है। जंगल मातादीन, आर्यपुरम सहित कई निचले इलाकों में हर साल बरसात में जलभराव होता है।-एसएन चतुर्वेदी, मैत्रीपुरम

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सड़क बनाने के दौरान नाला मनमानी तरीके से नाला बनाया गया है। सामान्य दिनों में होने वाली बारिश से परेशानी होती है। इससे बचाव के जो इंतजाम किए गए हैं। उसका कितना लाभ मिलेगा। यह तो पानी बरसने पर मालूम होगा।-संतोष कुमार, पादरी बाजार

एक दो मोहल्ले ही नहीं, पूरा शहर जलभराव से परेेशान होता है। मानसपुरम कॉलोनी में पानी भरता है। मोहनापुर के लोग भी समस्या से जूझते हैं।-संदीप प्रजापति, सरस्वतीपुरम।

असुरन से लेकर मेडिकल कॉलेज तक बना नाला काफी ऊंचा है। इसका निर्माण होने के बाद से परेशानी बढ़ गई है। पिछले साल बरसात में तो काफी दुर्गति हुई। इस बार देखिए नगर निगम के नए मेयर और पार्षद कितना राहत दिला पाते हैं।-विशाल कुमार, राप्ती नगर।

विष्णुपुरम मोहल्ले में पिछली बार बरसात में लोगों के घर डूब गए थे। तब यहां आए नगर निगम के अधिकारियों ने कहा था कि आगे से ऐसी दिक्कत नहीं आएगी। कुछ निर्माण तो कराया गया है, लेकिन इसका लाभ मिलने की गुंजाइश नजर नहीं आ रही।-प्रिंस कुमार, असुरन चुंगी।
 

जिम्मेदारों ने क्या कहा

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गोरखपुर में जलजमाव की समस्या - फोटो : अमर उजाला।
नगर निगम गोरखपुर के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने कहा कि शहर के किसी मोहल्ले में जलभराव न हो। इसकी कार्ययोजना तैयार करके काम किया जा रहा है। नालों की सफाई के अलावा नए नालों का निर्माण कराया जा रहा है। बरसात शुरू होने के पहले इनके पूरे होने की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज रोड पर नाली की समस्या को दूर करने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को पहले ही अवगत कराया जा चुका है।

नवनिर्वाचित मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि जिन इलाकों में सड़क और नाला बनने के बाद लोगों के घर काफी नीचे हो गए हैं। वहां, इस बरसात में जलभराव न हो इसके वैकल्पिक इंतजाम किए जाएंगे। मसलन, नाले और नालियों की लगातार सफाई होगी ताकि चोक न होने पाएं। इसके अलावा मोबाइल जेनसेट की व्यवस्था की जाएगी। ताकि बारिश के समय उसे चलाकर बारिश के पानी को निकाला जाएगा। जलभराव पर हमारा पूरा ध्यान है। बारिश के बाद इसका स्थायी समाधान हो सके इस पर योजना तैयार की जाएगी।


 
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