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नवरात्र 2021: कोविड नियमों का पालन करते हुए श्रद्धालु करेंगे मां लेहड़ावाली के दर्शन, तैयारी पूरी
Mon, 12 Apr 2021 04:22 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 12 Apr 2021 04:22 PM IST
सार
- बासंतिक नवरात्र की शुरूआत कल से, सजकर तैयार हुआ मंदिर
- पांच-पांच लोगों को एक साथ मिलेगा मंदिर में प्रवेश
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मां लेहड़ावाली का मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से बासंतिक या चैत्र नवरात्रि आरंभ हो जाती हैं। इस बार चैत्र नवरात्रि मंगलवार से से शुरू हो रही है। ऐसे में महराजगंज जिले के सभी देवी मंदिरों को सजाया जा गया है। श्रद्धालुओ को मंदिर में पूजा करने के दौरान कोविड प्रोटोकाल का पालन करना होगा। चाहे प्रसिद्ध शक्तिपीठ लेहड़ा दुर्गा मंदिर हो या शहर का दुर्गा मंदिर। सभी स्थानों पर तैयारी पूरी कर ली गई है। बैरिकेडिंग समेत सुरक्षा के इंतजाम बेहतर हुए हैं।
लेहड़ा दुर्गा मंदिर के पुजारी देवी दत्त पांडेय ने बताया कि पूजा करने आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मास्क लगाना अनिवार्य है। मंदिर प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गई है। आद्रवन में स्थित मां लेहड़ा वाली का प्रसिद्ध पीठों में अलग ही महत्व है। जो महाभारत काल से ही लोगों के आस्था का केंद्र है।
नवरात्र के दिनो में मां लेहड़ा वाली के मंदिर पर श्रद्धांलुओ की भारी भीड़ जुटती है। महाभारत काल में पांडवो ने अपना एक वर्ष का अज्ञातवास आद्रवन में बिताया। उसी दौरान पांडवो ने मां से आशीर्वाद लेकर युद्ध में विजय के लिए वरदान मांगा था। द्रौपदी पहली बार अपनी साड़ी को फाड़कर मां को चुनरी चढ़ाई थी। तभी से मंदिर पर चुनरी चढ़ाने की परंपरा की शुरूआत हुई थी।
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लेहड़ा दुर्गा मंदिर के पुजारी देवी दत्त पांडेय ने बताया कि पूजा करने आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मास्क लगाना अनिवार्य है। मंदिर प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गई है। आद्रवन में स्थित मां लेहड़ा वाली का प्रसिद्ध पीठों में अलग ही महत्व है। जो महाभारत काल से ही लोगों के आस्था का केंद्र है।
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नवरात्र के दिनो में मां लेहड़ा वाली के मंदिर पर श्रद्धांलुओ की भारी भीड़ जुटती है। महाभारत काल में पांडवो ने अपना एक वर्ष का अज्ञातवास आद्रवन में बिताया। उसी दौरान पांडवो ने मां से आशीर्वाद लेकर युद्ध में विजय के लिए वरदान मांगा था। द्रौपदी पहली बार अपनी साड़ी को फाड़कर मां को चुनरी चढ़ाई थी। तभी से मंदिर पर चुनरी चढ़ाने की परंपरा की शुरूआत हुई थी।
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पांच-पांच लोगों को एक साथ मिलेगा प्रवेश
प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां लेहड़ावाली के दरबार में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ जुटने की संभावना देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। सीओ सुनील दत्त दूबे ने बताया कि मां के दर्शन के लिए पांच-पांच लोगों को एक साथ भेजा जाएगा। मंदिर के अंदर किसी प्रकार की भीड़ न लगे इसका पूरा ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, पार्किंग व डॉक्टरो की टीम भी मौजूद रहेगी। छह एसओ व इंस्पेक्टर, 30 एसआई, 20 आरक्षी, 56 महिला कांस्टेबल, ट्रैफिक, एक फायर बिग्रेड, एक प्लाटून पीएसी के जवानो के साथ एनसीसी व स्काउट गाइड, होमगार्ड व 30 पीआरडी के जवान तैनात रहेंगे।
सीसीटीवी कैमरे की नजर में होगें श्रद्धालु
बासंतिक नवरात्र के आरंभ में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर के बाहर व अंदर सीसीटीवी की नजर में सभी श्रद्धालु होंगे। मंदिर प्रशासन की तरफ भी स्वयं सेवक व सफाईकर्मी लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, पार्किंग व डॉक्टरो की टीम भी मौजूद रहेगी। छह एसओ व इंस्पेक्टर, 30 एसआई, 20 आरक्षी, 56 महिला कांस्टेबल, ट्रैफिक, एक फायर बिग्रेड, एक प्लाटून पीएसी के जवानो के साथ एनसीसी व स्काउट गाइड, होमगार्ड व 30 पीआरडी के जवान तैनात रहेंगे।
सीसीटीवी कैमरे की नजर में होगें श्रद्धालु
बासंतिक नवरात्र के आरंभ में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर के बाहर व अंदर सीसीटीवी की नजर में सभी श्रद्धालु होंगे। मंदिर प्रशासन की तरफ भी स्वयं सेवक व सफाईकर्मी लगाए गए हैं।