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Gorakhpur News: डीडीयू में पंचायती राज व्यवस्था पर शुरू होगा सर्टिफिकेट कोर्स
Sun, 23 Jun 2024 03:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 23 Jun 2024 03:09 AM IST
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ग्राम सभा, ब्लॉक और जिला पंचायत से जुड़े लोगों के लिए दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय पंचायती राज व्यवस्था पर नया सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने जा रहा है। राजनीति विज्ञान विभाग में इसका संचालन होगा जिसे कोई भी व्यक्ति आसानी से कर सकेगा। विभाग की योजना है कि इसे वर्तमान सत्र से ही शुरू किया जाए।
राजनीति विज्ञान विभाग ने अपने पांच साल के विजन प्लान का प्रेजेंटेशन कुलपति प्रो. पूनम टंडन के समक्ष पेश कर दिया है। इसके तहत नई पंचायती राज व्यवस्था पर कोर्स शुरू करना उनकी तीन वर्ष की कार्ययोजना में शामिल है। लेकिन विभाग की तैयारी इसे सत्र 2024-25 से ही शुरू करने की है। यह सर्टिफिकेट कोर्स तीन महीने का होगा जिसे विद्यार्थियों के साथ-साथ आम आदमी भी कर सकेंगे। आमतौर पर जो लोग ग्राम सभा, ब्लॉक या जिला पंचायत में चुन कर जाते हैं उनके पास इस व्यवस्था के बारे में उतनी जानकारी नहीं होती। ऐसे लोगों के लिए यह कोर्स काफी फायदेमंद होगा।
विद्यार्थियों से लेंगे फीडबैक
बोर्ड ऑफ स्टडीज, संकाय, विद्या परिषद और कार्य परिषद से अनुमोदन के बाद इसे इसी सत्र से शुरू कर दिया जाएगा। कोर्स करने वाले विद्यार्थियों से विभाग फीडबैक भी लेगा ताकि आगे इसमें और सुधार किया जा सके। विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पंचायती राज व्यवस्था पर सर्टिफिकेट कोर्स को जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा।
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बनेगा बॉर्डर अध्ययन केंद्र
विश्वविद्यालय की एक वर्षीय योजना में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर मंथली लेक्चर सीरीज शुरू करना, राष्ट्रीय सेमिनार आदि आयोजित करना है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। पंच वर्षीय योजना में बॉर्डर स्टडीज सेंटर खोलने की तैयारी है। इसके तहत नेपाल, चीन, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार से रिश्तों पर अध्ययन होगा। विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बॉर्डर अध्ययन केंद्र हमारे विजन प्लान में काफी महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही विभाग में एक लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना है।
पंचायती राज व्यवस्था पर कोर्स शुरू करने से गोरखपुर और आसपास के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। पंचायत से जुड़े लोगों को पूरा सिस्टम समझने का मौका रहेगा। खासतौर से जो महिलाएं राजनीति में आती हैं उनको इस कोर्स से काफी जानकारी मिलेगी।
- प्रो. पूनम टंडन,
कुलपति
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राजनीति विज्ञान विभाग ने अपने पांच साल के विजन प्लान का प्रेजेंटेशन कुलपति प्रो. पूनम टंडन के समक्ष पेश कर दिया है। इसके तहत नई पंचायती राज व्यवस्था पर कोर्स शुरू करना उनकी तीन वर्ष की कार्ययोजना में शामिल है। लेकिन विभाग की तैयारी इसे सत्र 2024-25 से ही शुरू करने की है। यह सर्टिफिकेट कोर्स तीन महीने का होगा जिसे विद्यार्थियों के साथ-साथ आम आदमी भी कर सकेंगे। आमतौर पर जो लोग ग्राम सभा, ब्लॉक या जिला पंचायत में चुन कर जाते हैं उनके पास इस व्यवस्था के बारे में उतनी जानकारी नहीं होती। ऐसे लोगों के लिए यह कोर्स काफी फायदेमंद होगा।
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विद्यार्थियों से लेंगे फीडबैक
बोर्ड ऑफ स्टडीज, संकाय, विद्या परिषद और कार्य परिषद से अनुमोदन के बाद इसे इसी सत्र से शुरू कर दिया जाएगा। कोर्स करने वाले विद्यार्थियों से विभाग फीडबैक भी लेगा ताकि आगे इसमें और सुधार किया जा सके। विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पंचायती राज व्यवस्था पर सर्टिफिकेट कोर्स को जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा।
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बनेगा बॉर्डर अध्ययन केंद्र
विश्वविद्यालय की एक वर्षीय योजना में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर मंथली लेक्चर सीरीज शुरू करना, राष्ट्रीय सेमिनार आदि आयोजित करना है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। पंच वर्षीय योजना में बॉर्डर स्टडीज सेंटर खोलने की तैयारी है। इसके तहत नेपाल, चीन, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार से रिश्तों पर अध्ययन होगा। विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बॉर्डर अध्ययन केंद्र हमारे विजन प्लान में काफी महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही विभाग में एक लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना है।
पंचायती राज व्यवस्था पर कोर्स शुरू करने से गोरखपुर और आसपास के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। पंचायत से जुड़े लोगों को पूरा सिस्टम समझने का मौका रहेगा। खासतौर से जो महिलाएं राजनीति में आती हैं उनको इस कोर्स से काफी जानकारी मिलेगी।
- प्रो. पूनम टंडन,
कुलपति