फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Caught in web of moneylenders life ruined even on verge of suicide

Gorakhpur News: सूदखोरों के जाल में फंसे...तबाह हो गई जिंदगी, खुदकुशी तक की नौबत

Mon, 30 Oct 2023 01:51 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 30 Oct 2023 01:51 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश साहूकारी अधिनियम 1976 के मुताबिक, साहूकारी के लिए लाइसेंस लेना जरूरी है। इसके तहत साहूकार प्रतिभूत ऋण यानी कोई वस्तु गिरवी रखकर लिए गए रुपये पर 12 से 14 प्रतिशत वार्षिक ब्याज वसूल सकते हैं। लेकिन, वर्तमान में जिले में एक भी लाइसेंसी नहीं हैं।

विज्ञापन
Caught in web of moneylenders life ruined even on verge of suicide
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सूदखोरों के चक्कर में फंसकर आर्थिक रूप से कमजोर और बेबस ही नहीं, जरूरतमंद व्यापारी और आम लोगों की जिंदगी तबाह हो जा रही है। शहर से लेकर गांव तक सूदखोरों का जाल इस कदर है कि जिसने में भी इनसे एक बार कर्ज लिया वह जिंदगी भर कर्जदार बना रहता है।

विज्ञापन


दस फीसदी मासिक ब्याज पर सूद की रकम देने वाले ये धंधेबाज पूरे साल दबंगई कर उनसे वसूली करते हैं। वहीं, सामाजिक पतन अलग होता है। सूदखोरों के दलदल में फंसे कई लोग तो खुदकुशी तक का कदम उठा लेते हैं।
विज्ञापन


ताजा मामला राष्ट्रीय सह संपर्क प्रमुख सहकार भारतीय व उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव फेडरेशन के उप सभापति रमाशंकर जायसवाल के बेटे रोहित जायसवाल का सामने आया है। चेक बाउंस के मामले में कोर्ट से जारी एनबीडब्ल्यू में गिरफ्तारी हुई और जेल गए। दरअसल, रोहित जायसवाल गोरखनाथ इलाके में लक्ष्मी जनरल स्टोर चलाते थे। अच्छे व्यापारी रहे। लेकिन सूदखोरों के जाल में ऐसा फंसे की कर्जदार बन गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: गोरखपुर मंडी में खत्म हो रहा पुराना स्टॉक और बढ़ेगी प्याज की कीमत, जानिए अभी क्या है रेट

व्यापार को बढ़ाने के लिए वर्ष 2019 में 12 लाख रुपये कर्ज लिए। इसके बदले में 31 लाख 83 हजार नौ सौ रुपये नकद व 16 लाख 97 हजार 400 रुपये खाते में अदा किए गए। फिर भी कर्जदार बने रहे। इससे परेशान होकर रोहित ने 10 जनवरी 2023 को गोरखनाथ थाने में केस भी दर्ज कराया।

पुलिस ने रंगदारी मांगने, धमकी देने व साहूकारी एक्ट का केस दर्ज तो किया, लेकिन कार्रवाई आज तक पूरी नहीं हो सकी। अब रोहित के गिरफ्तारी के बाद पूरा मामला फिर सामने आ गया है। खबर है कि पुलिस ने इस मामले में नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।

कुछ यही हाल सहजनवां के टड़वा खुर्द के आलोक मिश्रा का भी है। एक शख्स से 60 हजार रुपये कर्ज लेने के बाद उसे चुकाने के चक्कर में वह 24 लोगों से उधार लेकर 1.40 करोड़ रुपये अदा कर चुके हैं। लेकिन अब भी कर्जदार बने हुए हैं। दो महीने पहले आलोक ने परेशान होकर आईजीआरएस पर 24 सूदखोरों का नाम और मोबाइल फोन लिखते हुए कर्जदारों से मुक्ति पाने की गुहार लगाई।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में ऑनलाइन ठगी: सियासी दलों की हार-जीत के नाम पर लग रहे मोटे दांव, बच्चों को फंसा रहे जालसाज

बताया कि बहन की शादी के लिए कर्ज लिया था। आज इतनी रकम चुका दिया जितनी जिंदगी में कमा भी नहीं सकता है। वह बताते हैं, कर्ज देने वाले ही दूसरे से उधर दिलाते हैं। ऐसे करते-करते 1.40 करोड़ रुपये कर्ज अदा कर चुका। फिर भी कर्जदार बना हुआ हूं।

इसे भी पढ़ें: आईआरसीटीसी दस दिन में सात ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, जानिए कब रवाना होगी भारत गौरव विशेष ट्रेन

वर्तमान में एक भी लाइसेंसी नहीं, ये है नियम

उत्तर प्रदेश साहूकारी अधिनियम 1976 के मुताबिक, साहूकारी के लिए लाइसेंस लेना जरूरी है। इसके तहत साहूकार प्रतिभूत ऋण यानी कोई वस्तु गिरवी रखकर लिए गए रुपये पर 12 से 14 प्रतिशत वार्षिक ब्याज वसूल सकते हैं। लेकिन, वर्तमान में जिले में एक भी लाइसेंसी नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed