यूपी: वरासत के मामले लटके मिले तो लेखपालों पर होगी कार्रवाई, तहसीलदार से होगा जवाब-तलब
कमिश्नर ने मई तक के वरासत के मामलों को 30 जून तक निस्तारित करने की दी मोहलत, गोरखपुर, महराजगंज जिले ने सभी मामले निस्तारित होने का किया दावा, देवरिया में 91 मामले लंबित।
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शासन के निर्देश पर शुरू हुए वरासत के अविवादित मामलों के निस्तारण में लापरवाही पर अब सख्ती शुरू हो गई है। कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने चेताया है कि यदि किसी भी जिले में 31 मई तक आए वरासत मामलों के आवेदनों का 30 जून तक निस्तारण नहीं हुआ तो संबंधित लेखपाल-कानूनगो पर कार्रवाई होगी। तहसीलदार से भी जवाब -तलब किया जाएगा।
कमिश्नर की तरफ से तलब की गई रिपोर्ट के मुताबिक गोरखपुर और महराजगंज ने इस अवधि तक आए सभी मामलों के निस्तारण का दावा किया है जबकि कुशीनगर में एक और देवरिया में 91 मामले लंबित हैं। कमिश्नर ने चेताया है कि निस्तारण का दावा करने वाले जिलों से यदि कोई शिकायत मिली तो वहां के भी लेखपाल-कानूनगो पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वरासत के मामलों की निगरानी कर रहे अपर आयुक्त प्रशासन अजय कांत सैनी ने बताया कि 18 जून तक गोरखपुर एवं महराजगंज जिलों ने 31 मई तक के आवेदनों को पूरी तरह से निस्तारित करने की सूचना दी है। उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक कुशीनगर और देवरिया के मामले भी निस्तारित हो जाएंगे। उसके बाद 15 जून तक के मामलों को निस्तारित करने को कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति के पक्ष में वरासत करने के बाद खतौनी पर उसका नाम चढ़ाने के बाद ही मामले का निस्तारित माना जाएगा। यदि किसी का गलत नाम दर्ज हो गया है तो उसे भी इसी बीच सुधारना होगा।
एक जुलाई से कर सकेंगे शिकायत
जून महीने में वरासत के अविवादित मामलों के निस्तारण के लिए राजस्व कर्मियों को निर्देश दिया गया है। एक जुलाई से लोग इस संबंध में जानकारी एसडीएम, डीएम या कमिश्नर कार्यालय को दे सकेंगे। यदि किसी ने मामला निस्तारित न करने की शिकायत की और इस मामले में राजस्व कर्मियों का झूठ पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने कहा कि मंडल के सभी जिलों में 31 मई तक आए अविवादित वरासत के मामलों को सही तरीके से निस्तारित करने का निर्देश दिया गया है। अभियान चलाकर इस महीने के अंत तक इस काम को पूरा करना होगा। लोगों का मामला यदि निस्तारित नहीं होता है तो वे जुलाई में इसकी शिकायत कर सकते हैं। जिस लेखपाल या कानूनगो के स्तर पर लापरवाही सामने आएगी , उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।