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Gorakhpur News: ग्राहक सेवा केंद्र संचालक व उसकी पत्नी पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज
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पिपराइच थाना क्षेत्र के रमवापुर का मामला, बैंक ऑफ बड़ौदा सीएसपी संचालक पर आरोप
पिपराइच। थाना क्षेत्र के ग्राम रमवापुर में संचालित बैंक ऑफ बड़ौदा ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक विकास विश्वकर्मा और उनकी पत्नी नीतू विश्वकर्मा के खिलाफ पुलिस ने जालसाजी, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई रमवापुर निवासी दिलीप कुमार की शिकायत पर की गई है।
पीड़ित दिलीप कुमार ने तहरीर में बताया कि आरोपी दंपती गांव के चौराहे पर ग्राहक सेवा केंद्र संचालित करते हैं। वर्ष 2025 अक्तूबर में वह अपनी एफडी कराने के लिए केंद्र पर गए थे। इसी दौरान दोनों आरोपियों ने मिलकर उनके खाते से धोखाधड़ी कर दो लाख रुपये की निकासी कर ली। इसके अलावा, पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी माता बासमती के खाते से एफडी के नाम पर ढाई लाख रुपये निकाल लिए गए और बदले में फर्जी बांड थमा दिया गया।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 29 जनवरी 2026 को आधार कार्ड के माध्यम से दस हजार रुपये की निकासी की जगह तीस हजार रुपये निकाल लिए गए। इतना ही नहीं, आरोप है कि खाते में धनराशि जमा करने के नाम पर कई बार में कुल एक लाख 44 हजार रुपये नकद भी लिए गए और उसे पासबुक में दर्ज कर दिया गया।
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पीड़ित का कहना है कि जब इस पूरे मामले का पता चला कि अन्य दर्जनों लोगों के साथ भी इसी तरह की जालसाजी की जा चुकी है। शिकायतकर्ता के अनुसार, विरोध करने पर आरोपी फौजदारी पर उतारू हो जाते हैं।
मामले में जांच अधिकारी एसआई सचिन पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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पिपराइच। थाना क्षेत्र के ग्राम रमवापुर में संचालित बैंक ऑफ बड़ौदा ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक विकास विश्वकर्मा और उनकी पत्नी नीतू विश्वकर्मा के खिलाफ पुलिस ने जालसाजी, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई रमवापुर निवासी दिलीप कुमार की शिकायत पर की गई है।
पीड़ित दिलीप कुमार ने तहरीर में बताया कि आरोपी दंपती गांव के चौराहे पर ग्राहक सेवा केंद्र संचालित करते हैं। वर्ष 2025 अक्तूबर में वह अपनी एफडी कराने के लिए केंद्र पर गए थे। इसी दौरान दोनों आरोपियों ने मिलकर उनके खाते से धोखाधड़ी कर दो लाख रुपये की निकासी कर ली। इसके अलावा, पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी माता बासमती के खाते से एफडी के नाम पर ढाई लाख रुपये निकाल लिए गए और बदले में फर्जी बांड थमा दिया गया।
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शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 29 जनवरी 2026 को आधार कार्ड के माध्यम से दस हजार रुपये की निकासी की जगह तीस हजार रुपये निकाल लिए गए। इतना ही नहीं, आरोप है कि खाते में धनराशि जमा करने के नाम पर कई बार में कुल एक लाख 44 हजार रुपये नकद भी लिए गए और उसे पासबुक में दर्ज कर दिया गया।
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पीड़ित का कहना है कि जब इस पूरे मामले का पता चला कि अन्य दर्जनों लोगों के साथ भी इसी तरह की जालसाजी की जा चुकी है। शिकायतकर्ता के अनुसार, विरोध करने पर आरोपी फौजदारी पर उतारू हो जाते हैं।
मामले में जांच अधिकारी एसआई सचिन पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।