{"_id":"60f7c1518d707c71d005c4e9","slug":"case-of-culpable-homicide-on-six-including-superintendent-over-death-of-mother-and-child-in-sahajwan-phc-of-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: जच्चा-बच्चा की मौत पर अधीक्षक समेत छह पर गैर इरादतन हत्या का केस, परिजनों ने जमकर किया था हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: जच्चा-बच्चा की मौत पर अधीक्षक समेत छह पर गैर इरादतन हत्या का केस, परिजनों ने जमकर किया था हंगामा
Wed, 21 Jul 2021 12:10 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 21 Jul 2021 12:10 PM IST
सार
सहजनवां सीएचसी में सोमवार को हुई थी मौत। मृतक के पति की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
विस्तार
गोरखपुर जिले के सहजनवां सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में मंगलवार को पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। मृत महिला के पति की तहरीर पर पुलिस ने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. सतीश सिंह, डॉ. रोशन, स्टाफ नर्स वंदना सिंह, मिथिलेश पटेल, फार्मासिस्ट असद खान, अमित को आरोपित बनाया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, वार्ड 10 निवासी मनमोहन वर्मा की पत्नी ममता (28) को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को सीएचसी में भर्ती कराया गया था। आरोप था कि इलाज में लापरवाही की वजह से ममता और गर्भ में शिशु की मौत हो गई। मौत के बाद स्वास्थ्य कर्मी बिना सूचना दिए ही चले गए। सोमवार की देर शाम जानकारी होने पर परिजनों ने बवाल शुरू कर दिया।
शव को स्वास्थ्य केंद्र से पुलिस को उठाने नहीं दे रहे थे और डीएम के आने की मांग कर रहे थे। दो थानाें की फोर्स के साथ पहुंचे एसडीएम और सीओ कैंपियरगंज ने समझा बुझाकर मामले को शांत कराया था। परिजनों के मानने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। एसडीएम ने इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
विज्ञापन
पति ने सोमवार को ही तहरीर दी थी, जिस पर मंगलवार को पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में थाना प्रभारी राज प्रकाश सिंह का कहना है कि पीड़ित की तहरीर पर नामजद स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, वार्ड 10 निवासी मनमोहन वर्मा की पत्नी ममता (28) को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को सीएचसी में भर्ती कराया गया था। आरोप था कि इलाज में लापरवाही की वजह से ममता और गर्भ में शिशु की मौत हो गई। मौत के बाद स्वास्थ्य कर्मी बिना सूचना दिए ही चले गए। सोमवार की देर शाम जानकारी होने पर परिजनों ने बवाल शुरू कर दिया।
विज्ञापन
शव को स्वास्थ्य केंद्र से पुलिस को उठाने नहीं दे रहे थे और डीएम के आने की मांग कर रहे थे। दो थानाें की फोर्स के साथ पहुंचे एसडीएम और सीओ कैंपियरगंज ने समझा बुझाकर मामले को शांत कराया था। परिजनों के मानने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। एसडीएम ने इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
विज्ञापन
पति ने सोमवार को ही तहरीर दी थी, जिस पर मंगलवार को पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में थाना प्रभारी राज प्रकाश सिंह का कहना है कि पीड़ित की तहरीर पर नामजद स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।