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Gorakhpur News: फर्जी तरीके से जमीन- मकान पर कब्जा-डॉ. एलबी गुप्ता पर केस, नगर निगम में भी कर दिया ये खेल
Mon, 08 Apr 2024 11:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2024 11:33 AM IST
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- फोटो : सोशल मीडिया
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कैंट इलाके के बिलंदपुर में जमीन को फर्जी तरीके से बैनामा करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बैनामा कराने वाले डॉ. एलबी गुप्ता और उनके अज्ञात सहयोगियों पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी और धमकी देने की धारा में केस दर्ज कर लिया है। एसएसपी के निर्देश पर केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
जाफरा बाजार निवासी मोहम्मद हमजा ने पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि मोहल्ला बिलंदपुर, थाना-कैंट में आराजी नं-12 रकबा 1599 वर्ग फिट के भूमिधर मालिक और काबिज दाखिल पिता ऐतेशाम के स्थान पर उनकी माता तनवीर जहां का नाम अंकित है।
जाफरा बाजार निवासी मोहम्मद हमजा ने पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि मोहल्ला बिलंदपुर, थाना-कैंट में आराजी नं-12 रकबा 1599 वर्ग फिट के भूमिधर मालिक और काबिज दाखिल पिता ऐतेशाम के स्थान पर उनकी माता तनवीर जहां का नाम अंकित है।
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नगर निगम गोरखपुर
भूमि पर पुराना मकान पिता (मृत्यु हो चुकी है) द्वारा बनवाया गया था। वह मकान खंडहर हो गया है, रहने योग्य नहीं रहा। इस वजह से अपने दूसरे मकान जाफरा बाजार पर रहने लगा। पिता ने अपने जीवनकाल में देख-रेख करने के लिए मोहल्ले के विश्वनाथ को मकान को सुपुर्द कर दिया था।
पिता के मरने के बाद विश्वनाथ मिश्र (इनका भी निधन हो चुका है) ने फर्जीवाड़ा करके मकान को लालबाबू गुप्ता (डाॅ. एलबी गुप्ता पुत्र बलराम प्रसाद) के पक्ष में दो मार्च 2013 को बेच दिया। नगर निगम के रजिस्टर में उनका मकान नंबर फाड़ दिया गया है और फ्राड करके मकान बैनामा कर दिया गया है।
वर्ष 2013 में नाबालिग होने की वजह से उपरोक्त विलेख की उन्हें कोई जानकारी नहीं हो सकी। करीब छह महीने पहले उक्त बैनामा की जानकारी हुई। राजस्व अभिलेखों में माता का नाम आज भी अंकित है। नगर निगम में आपत्ति दावा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मकान की मरम्मत कराने पहुंचे तो डाॅ. एलबी गुप्ता और उनके सहयोगियों ने धमकी देते हुए भगा दिया।
पिता के मरने के बाद विश्वनाथ मिश्र (इनका भी निधन हो चुका है) ने फर्जीवाड़ा करके मकान को लालबाबू गुप्ता (डाॅ. एलबी गुप्ता पुत्र बलराम प्रसाद) के पक्ष में दो मार्च 2013 को बेच दिया। नगर निगम के रजिस्टर में उनका मकान नंबर फाड़ दिया गया है और फ्राड करके मकान बैनामा कर दिया गया है।
वर्ष 2013 में नाबालिग होने की वजह से उपरोक्त विलेख की उन्हें कोई जानकारी नहीं हो सकी। करीब छह महीने पहले उक्त बैनामा की जानकारी हुई। राजस्व अभिलेखों में माता का नाम आज भी अंकित है। नगर निगम में आपत्ति दावा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मकान की मरम्मत कराने पहुंचे तो डाॅ. एलबी गुप्ता और उनके सहयोगियों ने धमकी देते हुए भगा दिया।