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Gorakhpur News: विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी, बैंकाक में बंधक बनाने का आरोप
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गोरखपुर। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों से लाखों रुपये की ठगी और बैंकाक में बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ितों के परिवार की शिकायत पर एसएसपी के आदेश के बाद कैंट थाना पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव का है, जहां निवासी ज्ञानदास ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके दो भाई भगवानदास और गोपालदास रोजगार के लिए विदेश जाना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कैंट क्षेत्र के सिंघड़िया निवासी सग्रीव सिंह, जंगल सखनी निवासी रामानुज यादव और सूबा बाजार निवासी अमर चौहान से हुई जो विदेश भेजने का काम करने का दावा करते थे।
आरोप है कि तीनों ने मिलकर मलयेशिया में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और 30 मार्च व 19 अप्रैल को कुल 2.52 लाख रुपये वसूल लिए। इसमें 1.89 लाख रुपये ऑनलाइन और 63 हजार रुपये नकद शामिल थे। इसके बाद 21 अप्रैल को दोनों भाइयों को लखनऊ से बैंकाक के लिए टूरिस्ट वीजा पर भेज दिया गया। वहां पहुंचते ही उन्हें कुछ अज्ञात लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया और एक कमरे में तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उन्हें न तो भोजन दिया गया और न ही बाहर निकलने दिया गया।
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किसी तरह वहां से बचकर दोनों भाई भारत लौटे और परिजनों को पूरी घटना बताई। घर लौटने के बाद जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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मामला देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव का है, जहां निवासी ज्ञानदास ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके दो भाई भगवानदास और गोपालदास रोजगार के लिए विदेश जाना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कैंट क्षेत्र के सिंघड़िया निवासी सग्रीव सिंह, जंगल सखनी निवासी रामानुज यादव और सूबा बाजार निवासी अमर चौहान से हुई जो विदेश भेजने का काम करने का दावा करते थे।
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आरोप है कि तीनों ने मिलकर मलयेशिया में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और 30 मार्च व 19 अप्रैल को कुल 2.52 लाख रुपये वसूल लिए। इसमें 1.89 लाख रुपये ऑनलाइन और 63 हजार रुपये नकद शामिल थे। इसके बाद 21 अप्रैल को दोनों भाइयों को लखनऊ से बैंकाक के लिए टूरिस्ट वीजा पर भेज दिया गया। वहां पहुंचते ही उन्हें कुछ अज्ञात लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया और एक कमरे में तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उन्हें न तो भोजन दिया गया और न ही बाहर निकलने दिया गया।
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किसी तरह वहां से बचकर दोनों भाई भारत लौटे और परिजनों को पूरी घटना बताई। घर लौटने के बाद जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।