DDU News: बिहार शिक्षक भर्ती में आवेदन के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहे अभ्यर्थी
छात्रों को प्रोविजनल प्रमाणपत्र जल्द मिल जाए इसके लिए परीक्षा विभाग ने अलग से कर्मचारियों को तैनात किया है। छात्रों के आवेदन के बाद एजेंसी से ऑनलाइन अंकपत्र को प्रमाणित करने के बाद परीक्षा नियंत्रक कार्यालय से प्रोविजनल प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है।
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बिहार शिक्षक भर्ती में आवेदन के लिए बीएड का अंकपत्र और डिग्री नहीं मिलने से छात्र परेशान है। दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राए रोजाना दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंच रहे हैं। अंकपत्र और डिग्री नहीं मिलने पर मजबूरी में प्रोविजनल के लिए आवेदन कर रहे हैं।
बिहार में जूनियर के साथ टीजीटी और पीजीटी के करीब 55 हजार शिक्षक की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 नवंबर निर्धारित है। गोरखपुर विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के सत्र 2021-23 का बीएड का परीक्षा परिणाम 16 अक्तूबर को घोषित हो गया लेकिन अभी तक अंकपत्र जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा सत्र 2020-22 के छात्रों को अभी तक डिग्री भी नहीं मिल सकी है।
शिक्षक भर्ती में आवेदन के लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राए प्रशासनिक भवन पहुंच रहे है। अंकपत्र और डिग्री नहीं मिल पाने से मजबूरी में प्रोविजनल प्रमाणपत्र बनवा रहे है। प्रोविजनल के लिए आवेदन करने के बाद भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। कुछ छात्रों को तो आवेदन करने के दो-तीन घंटे बाद ही प्रमाणपत्र मिल जा रहा है जबकि कुछ को दूसरे दिन आना पड़ रहा है।
प्रोविजनल जारी करने को लगाए गए कर्मचारी
छात्रों को प्रोविजनल प्रमाणपत्र जल्द मिल जाए इसके लिए परीक्षा विभाग ने अलग से कर्मचारियों को तैनात किया है। छात्रों के आवेदन के बाद एजेंसी से ऑनलाइन अंकपत्र को प्रमाणित करने के बाद परीक्षा नियंत्रक कार्यालय से प्रोविजनल प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है।
गोविवि परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि छात्रों को प्रोविजनल जल्द मिल जाए इसके लिए अलग से कर्मचारियों को लगाया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि आवेदन करने के दो-तीन घंटे में ही प्रमाणपत्र उपलब्ध करा दिया जाए। जल्द ही अंकपत्र भी जारी कर दिया जाएगा।
छात्रों ने बताई दिक्कत
बीएड की पढ़ाई के दौरान ही सीटेट क्वालिफाई कर लिया था। बिहार में शिक्षक भर्ती का मौका मिला है। देवरिया जिले के पथरदेवा से दो बार प्रोविजनल सर्टिफिकेट के लिए विश्वविद्यालय आ चुका हूं।-सूरज दूबे, अभ्यर्थी
बिहार के गोपालगंज का रहने वाला हूं। बीएड पथरदेवा के एक कॉलेज से किया है। अंकपत्र नहीं मिलने से प्रोविजनल के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहा हूं।- अनुराग पांडेय, अभ्यर्थी
सत्र 2020-22 में बीएड पास कर चुकी हूं। बिहार में शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करना है। डिग्री नहीं मिलने से प्रोविजनल बनवा रही हूं। प्रोविजनल बन जाएगा तो भर्ती में शामिल हो पाऊंगी।-खदीजा, अभ्यर्थी