फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Cancer Hospital and Research Institute will not be built in Gida

Gorakhpur: गीडा में नहीं बन पाएगा कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च संस्थान, 16 साल पहले किया गया था भूखंड का आवंटन

Wed, 20 Jul 2022 10:49 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 20 Jul 2022 10:49 AM IST
सार

गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि जिन लोगों ने गीडा में जमीन आवंटित कराने के बाद उसका उपयोग नहीं किया और विभिन्न मदों में बकाया भी नहीं जमा किया है, उन्हें नोटिस दिया जा रहा है।

विज्ञापन
Cancer Hospital and Research Institute will not be built in Gida
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गीडा में कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च संस्थान नहीं बन पाएगा। आवंटन के 16 साल बाद भी निर्माण न कराने के अलावा पढ़ाई शुरू नहीं करने पर गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने सेंट्रल एकेडमी एजुकेशनल सोसाइटी को आवंटित भूखंड का आवंटन निरस्त कर दिया है।

विज्ञापन


गीडा में सेंट्रल एकेडमी एजुकेशनल सोसाइटी को कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च संस्थान के लिए 40,701 वर्ग मीटर (10 एकड़) जमीन आवंटित की गई थी। 2006 में आवंटित इस जमीन का 16 साल तक कोई उपयोग नहीं किया गया और समय विस्तारण, मेंटीनेंस, लीजरेंट का बकाया भी नहीं जमा किया गया। जिसके बाद गीडा प्रबंधन ने भूखंड का आवंटन निरस्त करने का निर्णय लिया। गीडा में बकाया लगाने वाले व जमीन का उपयोग न करने वाले ऐसे की करीब दो दर्जन अन्य आवंटियों को भी नोटिस दिया गया है।
विज्ञापन


 

नौ महीने में शुरू करना था निर्माण, दो साल में पढ़ाई

गीडा के सेक्टर-7 में सेंट्रल एकेडमी एजुकेशनल सोसाइटी को कोषाध्यक्ष एसके मिश्र के जरिए भूखंड आवंटित किया गया था। 13 सितंबर 2006 को आवंटित भूखंड का कब्जा 23 जनवरी 2009 को दे दिया गया। शर्तों के मुताबिक नौ महीने के भीतर जरूरी अवस्थापना सुविधाओं को पूरा करते हुए 24 महीने में शैक्षणिक क्रियाकलाप शुरू कर देना था।

ऐसा न करने पर गीडा प्रशासन की ओर से संस्था को कई बार नोटिस जारी किया गया। आठ दिसंबर 2021 को एक बार फिर नोटिस जारी कर भूखंड के रख-रखाव, समय विस्तारीकरण शुल्क एवं संस्था का निर्माण कर संचालित करने को कहा गया, लेकिन संस्था द्वारा पत्रों का उचित उत्तर नहीं दिया गया और न ही निर्माण कार्य किया गया।

गीडा प्रबंधन का कहना है कि जानबूझकर अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया गया है। इसलिए भूखंड को निरस्त कर दिया गया है। आवंटी द्वारा जमा की गई धनराशि जब्त कर ली गई है। बकाया भुगतान के बाद कोई धनराशि बचेगी, उसे वापस कर दिया जाएगा।

गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि जिन लोगों ने गीडा में जमीन आवंटित कराने के बाद उसका उपयोग नहीं किया और विभिन्न मदों में बकाया भी नहीं जमा किया है, उन्हें नोटिस दिया जा रहा है। इसी क्रम में सेंट्रल एकेडमी एजुकेशनल सोसाइटी को आवंटित 40,701 वर्ग मीटर भूखंड का आवंटन निरस्त कर दिया गया है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed